टेस्टोस्टेरोन: स्तर बढ़ाने के तरीके, लक्षण, और उपचार | Testosterone in Hindi

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टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला स्टेरॉयड हार्मोन है जो पुरुषों और महिलाओं दोनों में मौजूद होता है, लेकिन पुरुषों में इसकी मात्रा अधिक होती है। यह पुरुष लिंग (टेस्टिस) द्वारा निर्मित होता है और कई महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करता है।

ईस लेख मे आप को यह जानकारी मिलेंगी hide

टेस्टोस्टेरोन क्या करता हैं ? (Testosterone importance in Males in Hindi)

  • पुरुष यौन विशेषताएं: टेस्टोस्टेरोन पुरुष यौन विशेषताओं के विकास और रखरखाव के लिए आवश्यक है, जैसे कि गहरी आवाज, चेहरे के बाल, और मांसपेशियों का विकास। बच्चे के अंदर अंडकोष का नीचे उतरना।
  • प्रजनन क्षमता: टेस्टोस्टेरोन पुरुष प्रजनन क्षमता के लिए आवश्यक है। यह शुक्राणुओं के उत्पादन और वीर्य की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है।
  • हड्डियों और मांसपेशियों का स्वास्थ्य: टेस्टोस्टेरोन हड्डियों और मांसपेशियों के विकास और मजबूती को बढ़ावा देता है।
  • ऊर्जा और मूड: टेस्टोस्टेरोन ऊर्जा के स्तर और मूड को बेहतर बनाने में मदद करता है।

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टेस्टोस्टेरोन टेस्ट क्या है ? कैसे होता हैं ? (Testosterone test in Hindi)

टेस्टोस्टेरोन टेस्ट एक खून जांच है जो खून में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को मापता है। टेस्टोस्टेरोन टेस्ट एक सरल रक्त परीक्षण है। डॉक्टर या नर्स आपकी बांह से रक्त का एक छोटा सा नमूना लेंगे। नमूने को एक प्रयोगशाला में भेजा जाएगा जहां टेस्टोस्टेरोन के स्तर को मापा जाएगा। टेस्टोस्टेरोन के स्तर को नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर (ng/dl) में मापा जाता है।

टेस्टोस्टेरोन खून जांच मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं:

1. कुल टेस्टोस्टेरोन (Total Testosterone): यह जांच रक्त में टेस्टोस्टेरोन के कुल स्तर को मापती है। इसमें टेस्टोस्टेरोन के सभी रूप शामिल होते हैं, जो मुक्त (Free) और बंधे हुए (Bound) दोनों होते हैं।

2. मुक्त टेस्टोस्टेरोन (Free Testosterone): यह जांच रक्त में मुक्त टेस्टोस्टेरोन के स्तर को मापती है। यह टेस्टोस्टेरोन का वह रूप है जो शरीर के ऊतकों द्वारा उपयोग किया जा सकता है।

इन दो मुख्य प्रकारों के अलावा, कुछ अन्य प्रकार की टेस्टोस्टेरोन खून जांच भी होती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • बायोएवैल्यूएबल टेस्टोस्टेरोन (Bioavailable Testosterone): यह जांच रक्त में टेस्टोस्टेरोन के उस स्तर को मापती है जो शरीर द्वारा उपयोग किया जा सकता है।
  • शर्बत-बंधे टेस्टोस्टेरोन (Sex Hormone Binding Globulin (SHBG)-bound Testosterone): यह जांच रक्त में SHBG से बंधे टेस्टोस्टेरोन के स्तर को मापती है।
  • एल्बुमिन-बंधे टेस्टोस्टेरोन (Albumin-bound Testosterone): यह जांच रक्त में एल्बुमिन से बंधे टेस्टोस्टेरोन के स्तर को मापती है।

आपके लिए कौन सी टेस्टोस्टेरोन खून जांच सबसे अच्छी है यह आपके डॉक्टर पर निर्भर करेगा। ज्यादातर डॉक्टर Total Testosterone खून जांच कराने की सलाह देते हैं।

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टेस्टोस्टेरोन का सामान्य स्तर क्या हैं ? (Testosterone normal levels in Hindi)

टेस्टोस्टेरोन का सामान्य स्तर उम्र, लिंग और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर भिन्न होता है।

आयु वर्गपुरुष (ng/dL)महिलाएं (ng/dL)
युवा वयस्क (20-30 वर्ष)300-100015-70
मध्यम आयु वर्ग (40-50 वर्ष)250-90010-60
वृद्ध (60+ वर्ष)200-8005-50

पुरुषों में:

  • युवा पुरुष (20-30 वर्ष): 300-1000 नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर (ng/dL)
  • मध्यम आयु वर्ग के पुरुष (40-50 वर्ष): 250-900 ng/dL
  • वृद्ध पुरुष (60 वर्ष से अधिक): 200-800 ng/dL

महिलाओं में:

  • युवा महिलाएं (20-30 वर्ष): 15-70 ng/dL
  • मध्यम आयु वर्ग की महिलाएं (40-50 वर्ष): 10-60 ng/dL
  • वृद्ध महिलाएं (60 वर्ष से अधिक): 5-50 ng/dL

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यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये केवल सामान्य दिशानिर्देश हैं। टेस्टोस्टेरोन का स्तर व्यक्ति-दर-व्यक्ति भिन्न हो सकता है। यदि आपको लगता है कि आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है, तो डॉक्टर से बात करना महत्वपूर्ण है।

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर जीवन भर में बदलता रहता है। यह आमतौर पर 20-30 वर्ष की आयु में अपने चरम पर होता है, और फिर धीरे-धीरे कम होने लगता है। कुछ स्वास्थ्य स्थितियां, जैसे कि मोटापा, मधुमेह, और कुछ दवाएं टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकती हैं।

टेस्टोस्टेरोन की कमी के क्या लक्षण हैं ? (Testosterone deficiency symptoms in Hindi)

टेस्टोस्टेरोन की कमी पुरुषों और महिलाओं दोनों में विभिन्न लक्षणों का कारण बन सकती है।

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी के लक्षण:

  • यौन इच्छा में कमी
  • स्तंभन दोष
  • बांझपन
  • मांसपेशियों का कम होना
  • थकान
  • कमजोरी
  • हड्डियों का कमजोर होना
  • वजन बढ़ना
  • चिड़चिड़ापन
  • उदास मनोदशा
  • एकाग्रता में कमी

महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन की कमी के लक्षण:

  • यौन इच्छा में कमी
  • योनि का सूखापन
  • मासिक धर्म की अनियमितता
  • बांझपन
  • थकान
  • कमजोरी
  • हड्डियों का कमजोर होना
  • वजन बढ़ना
  • चिड़चिड़ापन
  • उदास मनोदशा
  • एकाग्रता में कमी

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टेस्टोस्टेरोन कम क्यों होता हैं? (Low Testosterone causes in Hindi)

टेस्टोस्टेरोन कम होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

1. उम्र: टेस्टोस्टेरोन का स्तर उम्र के साथ धीरे-धीरे कम होता जाता है।

2. स्वास्थ्य स्थितियां: कुछ स्वास्थ्य स्थितियां, जैसे कि मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग, और यकृत रोग, टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकती हैं।

3. दवाएं: कुछ दवाएं, जैसे कि स्टेरॉयड, एंटीडिप्रेसेंट, और कैंसर के उपचार, टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकती हैं।

4. जीवनशैली: धूम्रपान, शराब का सेवन, और व्यायाम की कमी टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकती हैं।

5. आनुवंशिकी: कुछ पुरुषों में कम टेस्टोस्टेरोन का स्तर आनुवंशिकी के कारण होता है।

6. चोट या संक्रमण: वृषण या पिट्यूटरी ग्रंथि को चोट या संक्रमण टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकता है।

7. तनाव: तनाव टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकता है।

8. नींद की कमी: नींद की कमी टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकती है।

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टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के उपाय क्या हैं ? (How to increase Testosterone levels in Hindi)

टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने के लिए पुरुष को कुछ आसान और प्राकृतिक उपाय अपनाने चाहिए, जैसे कि:

  1. स्वस्थ और संतुलित आहार लें (Diet)- आपको अपने आहार में प्रोटीन, विटामिन, मिनरल, ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। इनमें मांस, अंडे, दूध, पनीर, टोफू, नट्स, बीज, फल, सब्जियां, अनार, लहसुन, हींग, आदि शामिल हैं। इनसे आपको टेस्टोस्टेरोन के साथ-साथ अन्य हार्मोन और शरीर के कार्यों को सुधारने वाले पोषक तत्व मिलते हैं। आपको चीनी, नमक, तला हुआ खाना, एल्कोहल, तंबाकू, आदि से दूर रहना चाहिए, क्योंकि ये टेस्टोस्टेरोन को कम करते हैं।
  2. नियमित व्यायाम करें (Exercise) – व्यायाम से आपका शरीर स्वस्थ और फिट रहता है, और टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन बढ़ता है। आपको कम से कम 30 मिनट रोजाना व्यायाम करना चाहिए, जिसमें कार्डियो, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, योग, आदि शामिल हो सकते हैं। व्यायाम से आपका वजन नियंत्रित रहता है, रक्त संचार बेहतर होता है, तनाव कम होता है, और यौन उत्तेजना बढ़ती है।
  3. पर्याप्त नींद लें (Sleep) – नींद आपके शरीर और मन को आराम देती है, और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बनाए रखती है। आपको हर रात कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी और अविरोधित नींद लेनी चाहिए। नींद की कमी से आपका टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है, जिससे आपको थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित नहीं कर पाना, आदि जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  4. स्ट्रेस से दूर रहें (Stress) – स्ट्रेस आपके शरीर और मन को नुकसान पहुंचाता है, और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को गिराता है। स्ट्रेस से आपके शरीर में कॉर्टिसोल नामक एक हार्मोन बढ़ता है, जो टेस्टोस्टेरोन के विरुद्ध काम करता है। स्ट्रेस से आपको चिंता, डिप्रेशन, नींद न आना, भूख न लगना, आदि जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए, आपको स्ट्रेस से दूर रहना चाहिए, और अपने मन को शांत और खुश रखने के लिए कुछ तरीके अपनाने चाहिए, जैसे कि ध्यान, सांस लेना, संगीत सुनना, हंसना, आदि।
  5. वजन कम करे (Weight Loss): टेस्टोस्टेरोन की मात्रा बढ़ाने के लिए आपका वजन नियंत्रण में होना जरुरी हैं। अगर आपका वजन ज्यादा है और आप मोटापा से पीड़ित है तो आपको वजन कम करने के लिए प्रयास करना चाहिए। जीवनशैली में बदलाव, संतुलित आहार, डाइटिंग और रोजाना व्यायाम कर आप अपना वजन नियंत्रण में रख सकते हैं।

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क्या आयुर्वेदिक दवा से टेस्टोस्टेरोन की मात्रा बढ़ सकती हैं ?

आयुर्वेद में कई ऐसे जड़ी-बूटी हैं, जो टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने में मदद करते हैं। इनमें अश्वगंधा, शतावरी, गोखरू, शिलाजीत, गिलोय, आदि शामिल हैं। इन जड़ी-बूटियों का सेवन करने से आपका टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ सकता है, और आपकी यौन शक्ति और स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।

क्या एलॉपथी दवा से टेस्टोस्टेरोन की मात्रा बढ़ सकती हैं ?

टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने के लिए अलोपैथी में कुछ दवाएं हैं, जैसे कि टेस्टोस्टेरोन थेरेपी, गोनाडोट्रोपिन, क्लोमिफेन, आदि। लेकिन इन दवाओं का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि इनके कुछ साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं, जैसे कि एक्ने, गुस्सा, रक्तचाप, लीवर की खराबी, आदि।

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टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी क्या हैं ? (Testosterone Replacement Therapy in Hindi)

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (TRT) एक ऐसा उपचार है जो टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है। यह उन पुरुषों और महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है जिनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होता है।

TRT के विभिन्न प्रकार उपलब्ध हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • इंजेक्शन: टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन TRT का सबसे आम प्रकार है। वे आमतौर पर हर 2-4 सप्ताह में दिए जाते हैं।
  • जैल: टेस्टोस्टेरोन जैल त्वचा पर लगाया जाता है। इसे आमतौर पर हर दिन लगाया जाता है।
  • पैच: टेस्टोस्टेरोन पैच त्वचा पर लगाया जाता है। इसे आमतौर पर हर 7 दिनों में बदला जाता है।
  • टेस्टोस्टेरोन युक्त दवाएं: टेस्टोस्टेरोन युक्त दवाएं मुंह से ली जाती हैं।

Testosterone Replacement Therapy (TRT) के लाभ:

  • TRT टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने और लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।
  • TRT सेक्स ड्राइव, ऊर्जा स्तर और मूड में सुधार कर सकता है।
  • TRT मांसपेशियों की वृद्धि और हड्डियों के घनत्व में सुधार कर सकता है।
  • TRT वजन घटाने में मदद कर सकता है।

Testosterone Replacement Therapy (TRT) के दुष्परिणाम:

TRT के कुछ संभावित दुष्प्रभाव हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • मुँहासे
  • बालों का झड़ना
  • स्तन वृद्धि
  • मूड में बदलाव
  • आक्रामकता
  • यौन रोग

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टेस्टोस्टेरोन से जुड़े सवालों के जवाब

टेस्टोस्टेरोन कहा बनता हैं ?

टेस्टोस्टेरोन एक स्टेरॉयड हार्मोन है जो मुख्य रूप से पुरुषों में वृषण (Testis) द्वारा निर्मित होता है, लेकिन महिलाओं में अंडाशय (Ovary) और अधिवृक्क ग्रंथियों (Adrenal Gland) द्वारा थोड़ी मात्रा में भी निर्मित होता है।

लड़कों में सबसे ज्यादा टेस्टोस्टेरोन किस उम्र में होता है?

लड़कों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर युवावस्था में सबसे ज्यादा होता है, जो आमतौर पर 12-18 साल की उम्र के बीच होता है। इस दौरान, टेस्टोस्टेरोन का स्तर तेज़ी से बढ़ता है और कई शारीरिक बदलावों को जन्म देता है।

दिन का कौन सा समय टेस्टोस्टेरोन सबसे कम और ज्यादा रहता है?

सुबह 7 से 10 बजे के बीच शरीर में टेस्टोस्टेरोन का सबसे ज्यादा बनता है। शाम को इसका बनना कम हो जाता है। फिर रात में बनना थोड़ा बढ़ जाता है। यह हर किसी के लिए थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन ये टेस्टोस्टेरोन रिलीज के आम समय हैं।

टेस्टोस्टेरोन टेस्ट कब करना चाहिए ?

टेस्टोस्टेरोन टेस्ट के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 7 से 10 के बिच का होता है, जब टेस्टोस्टेरोन का स्तर सबसे ज्यादा होता है।

क्या विटामिन डी से टेस्टोस्टेरोन बढ़ता है ?

विटामिन डी टेस्टोस्टेरोन निर्माण के लिए आवश्यक है। एक अध्ययन में पाया गया कि विटामिन डी की खुराक लेने वाले पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर 20% तक बढ़ गया।

क्या मेथी खाने से टेस्टोस्टेरोन बढ़ता है ?

मेथी एक जड़ी बूटी है जो टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकती है। एक अध्ययन में पाया गया कि मेथी लेने वाले पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर 25% तक बढ़ गया।

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