ट्रेडमिल टेस्ट क्या होता है और कैसे किया जाता है ? (Treadmill Test in Hindi)

treadmill test information in Hindi

ट्रेडमिल टेस्ट (Treadmill test) को Stress test जाँच भी कहा जाता है। यह ह्रदय की दबाव जांच है जिसमे ट्रेडमिल मशीन पर चलाकर आपके लगातार ईसीजी (ECG) निकाला जाता है। Treadmill test को short में TMT कहा जाता है।

किसी व्यक्ति में हाई ब्लड प्रेशर या सीने में दर्द होने पर डॉक्टर ECG (Electocardiogram) करने की सलाह देते है। ECG में डॉक्टर को उस समय व्यक्ति के ह्रदय की स्तिथि का पता चलता है। डॉक्टर को कोई संदेह होने पर डॉक्टर उस व्यक्ति को TMT करने की सलाह देते है। ECG लेते समय व्यक्ति को आराम से लिटाकर ह्रदय के विद्युत क्रियाकलाप (Electrical activity) दर्ज किये जाते है जिससे डॉक्टर को ह्रदय की स्तिथि के बारे में जानकारी प्राप्त होती है।

अक्सर रोगी व्यक्ति को सीढ़ी चढ़ने या तेज चलने पर तकलीफ होती है और ऐसी स्तिथि में ह्रदय की स्तिथि की जानकारी आराम से लिटाकर प्राप्त किये ECG से नहीं मिलती है। इसीलिए डॉक्टर रोगी व्यक्ति को Stress Test करने की सलाह देते है जिसमे आपका ह्रदय दबाव में कैसा कार्य करता है और आपकी दृदय रक्ताधमनी में कोई रूकावट तो नहीं है यह जानकारी प्राप्त होती है ।

ट्रेडमिल टेस्ट करने के पहले क्या तैयारी करनी चाहिए ?

1. ट्रेडमिल टेस्ट के लिए अपने साथ Sports Shoes और ढीले-ढाले कपडे पहन कर जाए। 2. आप अस्पताल का गाऊन पहन सकते है।
3. अपनी ट्रेडमिल टेस्ट जाँच के ४ घंटा पहले से कुछ भी ठोस और भारी खाना खाना न खाए।
4. आप थोडा पानी पी सकते है लेकिन Caffeine युक्त कोई पदार्थ न ले जैसे की चाय, चोकलेट, कोफ़ी इत्यादी।
5. यदि जाँच के दिन सुबह आप को अपनी दवाई लेनी हो तो केवल कुछ घुट पानी के साथ अपनी दवाई ले।
6. जाँच के पूर्व डॉक्टर को आपकी नियमित चल रही दवाई के बारे में पूर्ण जानकारी दे।
कुछ दवाईया जैसे की Beta Blockers (Propranolol, Atenolol etc), Calcium Channel Blockers (Amlodipine, Cinidipine etc) ट्रेडमिल टेस्ट करने के ३ दिन पहले तक नहीं लेना चाहिए। यह दवाइया लेने से आपके जाँच के परिणाम प्रभावित हो सकते है। डॉक्टर आप को इनके बदले थोड़े समय तक दूसरी दवाई लेने की सलाह दे सकते है।
7. Stress Test जाँच के कम से कम ४ घंटे पूर्व से धुम्रपान अथवा तंबाखू का प्रयोग न करे। धुम्रपान करने से आप के जाँच के परिणाम प्रभावित हो सकते है।        

ट्रेडमिल टेस्ट कैसे किया जाता है ?

1. आपको track suit या अस्पताल का गाऊन पहनने के लिए कहा जाएगा।
2. आपकी हृदय की जाँच के लिए छोटे-छोटे Chest Lead आपके सिने पर रखे जाते है। पुरुषो में छाती के बाल निकालने की जरुरत होती है। 
3. आपके हाथ में रक्तचाप (Blood Pressure) कफ लगाया जाता है। जाँच के दौरान अक्सर आपके Blood Pressure और Heart Rate की जाँच की जाती है।  
4. प्रथम Supine Stage में आपको परिक्षण टेबल पर लिटा कर ब्लड प्रेशर मापा जाता है। फिर Standing Stage में आपको सीधा खड़ा रहकर ब्लड प्रेशर मापा जाता है। 
उसके बाद Hyper Ventilation Stage में आपको ४-५ बार लंबी गहरी साँस अंदर लेकर बाहर छोड़ना होता है। सभी Stages में  Blood Pressure और Heart Rate की जाँच की जाती है। इसके बाद आपको Treadmill पर खड़ा होना होता है। 
5. Treadmill शुरू होने पर आपको उस पर हमेशा की तरह सीधा खड़ा रहकर सामने देखते हुए चलना होता है। 
6. Treadmill में हर Stage 3 मिनिट की होती है और हर Stage में Speed और Elevation बढ़ता है। 
7. इस जाँच में आपको आप का Target Heart Rate (THR) तक चलना होता है। अगर आप की उम्र 40 साल है तो आपकी THR 180 है। (THR = 220 – आपकी उम्र)
8. यदि जाँच के दरम्यान आपको सांस लेने में तकलीफ हो या सीने में दर्द हो तो तुरंत जाँच कर रहे स्टाफ को बताए। आपको कोई तकलीफ होने पर तुरंत जाँच रोक दी जाती है। 
9. अगर आप बहुत थक जाते हो या अपने THR तक पहुच जाते हो तब जाँच रोक दी जाती है। 
10. जाँच रोकने के बाद आप को कुछ देर लिटाकर Recovery Stage में  Blood Pressure और Heart Rate की जाँच की जाती है। 
11. सम्पूर्ण जाँच होने के बाद डॉक्टर आपकी Report देख कर आवश्यक सुचनाए और दवाई देते है। 

ट्रेडमिल टेस्ट पॉजिटिव आने पर क्या करे ?

ट्रेडमिल टेस्ट पॉजिटिव आने पर रिपोर्ट में Stress Test is Positive for Inducible Ischemia ऐसा लिखा आ सकता है, इसका मतलब आपके ह्रदय तक खून पहुंचाने वाली किसी धमनी में रूकावट या ब्लॉक है और आपको Heart attack आने का खतरा है। डॉक्टर आपको Coronary Angigraphy करने की सलाह दे सकते है जिससे यह पता चलेगा की किस धमनी में कितना प्रतिशत ब्लॉकेज है।

ट्रेडमिल टेस्ट कब जरुरी है ?

1. ECG में कोई बदलाव : अगर आपके ECG में कोई बदलाव आ रहे है तो डॉक्टर ह्रदय रोग का निदान करने के लिए ट्रेडमिल टेस्ट करने की सलाह दे सकते है।
2. High Blood Pressure : अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर है तो साल में कम से कम एक बार एहतियात के तौर पर ट्रेडमिल टेस्ट कराना चाहिए।
3. Family History : अगर आपके माँ या पिताजी को ह्रदय रोग है तो 30 वर्ष के पश्च्यात साल में 1 बार एहतियात के तौर पर ट्रेडमिल टेस्ट कराना चाहिए।
4. Surgery: अगर आपको ह्रदय रोग है और आपका Coronary Artery Bypass Grafting (CABG) या Stent लगाया है तो वार्षिक चेक अप के अंतर्गत ह्रदय की स्तिथि आकलन हेतु ट्रेडमिल टेस्ट कराना चाहिए।
5. Cardiac symptoms : अगर आपका सीने में दर्द होना, जल्दी थकान आना, सीढ़ी चढ़ने पर सांस फूलना या धड़कन तेज होना जैसी समस्या है तो डॉक्टर से मिलकर ट्रेडमिल टेस्ट जांच जरूर कराना चाहिए।

ट्रेडमिल टेस्ट में कितनी देर तक चलना होता है ?

ट्रेडमिल टेस्ट में कितनी देर तक चलना है या आपके उम्र पर निर्भर करता है। इस जांच में हमें हमारे Target Heart Rate तक चलना होता है। अगर आपकी उम्र 40 साल है तो आपका Target Heart Rate 180 है। 220 में से आपकी उम्र को घटाने पर जो बच जाता है वह आपकी Target Heart Rate है। अगर आप Target Heart Rate तक आसानी से चल जाते है और आपके ECG में कोई विशेष changes नहीं आते है तो आपकी रिपोर्ट को Negative कहा जाता है। मतलब की आपकी रिपोर्ट सामान्य है।

भारत में टीएमटी टेस्ट करवाने में कितना खर्चा आता है ?

भारत में टीएमटी टेस्ट करवाने में कितना खर्चा आता है यह आप कहा टीएमटी टेस्ट करवाते है इस पर निर्भर करता है। छोटे हॉस्पिटल में टीएमटी टेस्ट का खर्चा 1000 रूपए से 1500 रूपए तक आता है। अगर आप किसी बड़े मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में यह जाँच करते है तो खर्चा 1500 रूपए से लेकर 2500 रूपए तक आ सकता है।

टीएमटी टेस्ट में कितना समय लगता है ?

टीएमटी टेस्ट में तैयारी से लेकर अंत तक में लगभग 30 मिनिट का समय लगता है। यह जांच करने के बाद आपको हॉस्पिटल में एहतियात के तौर पर कुछ देर रुकने के लिए भी कहा जाता है। जब आप यह जांच कराने जाये तो अपने पास कम से कम 1 घण्टे का खाली समय जरूर रखे।

टीएमटी टेस्ट में क्या पता चलता है ?

1. ह्रदय रोग का निदान : टीएमटी टेस्ट या स्ट्रेस टेस्ट से डॉक्टर को पता चलता है की ह्रदय को खून पहुँचानेवाली किसी धमनी में कोई अवरोध या block है या नहीं। अगर blockage 65% के ऊपर होगा तो यह इस जाँच में पता चल सकता है। अगर blockage कम है तो यह इस जाँच में पता नहीं चलेगा।
2. ब्लड प्रेशर : अगर आपका ब्लड प्रेशर ज्यादा रहता है तो इस रिपोर्ट के हर स्टेज में आपका ब्लड प्रेशर कितना बढ़ता है इससे हाई ब्लड प्रेशर का निदान और दवा की मात्रा तय करने में सहायता होती है।
3. ह्रदय रोग का ईलाज : अगर आप ह्रदय रोगी है तो ट्रेडमिल टेस्ट की रिपोर्ट से पता चलता है की आपका ईलाज सही दिशा में चल रहा है या नहीं और आपको कोई अन्य दवा देने की जरुरत है या नहीं।
4. हृदय की स्तिथि : किसी भी ऑपरेशन के पहले रोगी के ह्रदय की स्तिथि देखना जरुरी होता है और अगर ट्रेडमिल टेस्ट रिपोर्ट नार्मल है तो बेहोशी के डॉक्टर आपको ऑपरेशन के लिए वैद्य मानते है और आपका ऑपरेशन हो सकता है।

क्या आप जानते है – ABPM जांच से पता करे आपको हाई ब्लड प्रेशर है या नहीं

यहाँ पर सामान्यत: की जाने वाली Stress Test के बारे में जानकारी दी है। कुछ अन्य प्रकार के Stress Test में रोगी को दवाई या इंजेक्शन दे कर भी Stress Test की जाती है।

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