Metoprolol in Hindi: मेटोप्रोलोल का उपयोग, दुष्परिणाम, मात्रा और सावधानी

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मेटोप्रोलोल (Metoprolol) यह हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा है। यह दिल का दौरा पड़ने के बाद सीने में दर्द (Angina) या आगे की क्षति को भी रोकता है। यह आपके ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट को कम करके काम करता है, जिससे आपके हृदय के लिए शरीर के बाकी हिस्सों में रक्त पंप करना आसान हो जाता है।

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6) मेटाप्रोलोल दवा से जुड़े सवालों के जवाब (Metaprolol FAQ’s in Hindi)

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मेटोप्रोलोल क्या है ? (Metoprolol in Hindi)

मेटोप्रोलोल यह Beta Blocker group की दवा हैं। हाई ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल करने के साथ यह दवा ह्रदय गति को भी कण्ट्रोल में रखती हैं। Atenolol, Propranolol, Labetalol, Carvedilol, Bisoprolol यह सभी दवा Beta Blocker group की दवा हैं। भारत में Metoprolol दवा Metpure, Metolar, Prolomet, Met XL, Starpress, Tolol, Metocard XL आदि brand names के साथ मेडिकल दुकान में मिलती हैं। इस दवा का पूरा नाम Metoprolol Succinate हैं।

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मेटोप्रोलोल हाई ब्लड प्रेशर को कैसे कम करता हैं ? (How Metoprolol works in Hindi)

मेटोप्रोलोल बीटा-ब्लॉकर दवा है जो हृदय गति और ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए काम करता है। यह हृदय के बीटा-1-एड्रीनर्जिक रिसेप्टर्स को अवरुद्ध (block) करके काम करता है, जो एड्रेनालाईन और नॉरपेनेफ्रिन जैसे हार्मोन के प्रति संवेदनशील होते हैं। ये हार्मोन हृदय गति और संकुचन को बढ़ाते हैं।

उदाहरण:

  • कल्पना कीजिए कि आप एक व्यस्त सड़क पर चल रहे हैं। अचानक, आप एक कार को तेजी से अपनी ओर आते हुए देखते हैं। आपका शरीर डर के मारे एड्रेनालाईन और नॉरपेनेफ्रिन जैसे हार्मोन छोड़ता है। ये हार्मोन आपके हृदय गति और संकुचन को बढ़ाते हैं, ताकि आप जल्दी से प्रतिक्रिया कर सकें।
  • यदि आप मेटोप्रोलोल ले रहे हैं, तो यह बीटा-1-एड्रीनर्जिक रिसेप्टर्स को अवरुद्ध करेगा। इसका मतलब है कि एड्रेनालाईन और नॉरपेनेफ्रिन आपके हृदय गति और संकुचन को उतना नहीं बढ़ा पाएंगे।नतीजतन, आपका हृदय गति और ब्लड प्रेशर कम हो जाएगा।

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अतिरिक्त प्रभाव:

  • मेटोप्रोलोल हृदय की ऑक्सीजन मांग को भी कम करता है। यह हृदय गति और संकुचन को कम करके करता है। यह एनजाइना (सीने में दर्द) के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

उदाहरण:

  • कल्पना कीजिए कि आप एक पहाड़ी पर चढ़ रहे हैं। चढ़ाई के कारण, आपके हृदय को अधिक काम करना पड़ता है और उसे अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।
  • यदि आप मेटोप्रोलोल ले रहे हैं, तो यह आपके हृदय गति और संकुचन को कम करेगा। इसका मतलब है कि आपके हृदय को उतनी ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होगी। नतीजतन, आपको Angina (सीने में दर्द) का अनुभव होने की संभावना कम होगी।

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मेटोप्रोलोल दवा का उपयोग क्या हैं ? (Metoprolol uses in Hindi)

मेटोप्रोलोल दवा के विभिन्न उपयोग की जानकारी निचे दी गयी हैं:

  1. उच्च रक्तचाप (Hypertension): मेटोप्रोलोल ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है, जिससे हृदय रोग, स्ट्रोक और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कम होता है।
  2. एनजाइना (Angina): एनजाइना सीने में दर्द है जो तब होता है जब हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती है। मेटोप्रोलोल हृदय गति और ब्लड प्रेशर को कम करके एनजाइना के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।
  3. दिल का दौरा (Heart Attack): दिल का दौरा तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति अवरुद्ध हो जाती है। मेटोप्रोलोल दिल के दौरे के बाद हृदय की मांसपेशियों को नुकसान को कम करने में मदद करता है।
  4. दिल की विफलता (Heart Failure): दिल की विफलता तब होती है जब हृदय रक्त को प्रभावी ढंग से पंप करने में असमर्थ होता है। मेटोप्रोलोल हार्ट फेलियर के लक्षणों को कम करने और रोगियों के जीवनकाल को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  5. माइग्रेन (Migraines): मेटोप्रोलोल माइग्रेन के लक्षणों को रोकने और उनकी गंभीरता को कम करने में मदद करता है।
  6. हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism): हाइपरथायरायडिज्म एक ऐसी स्थिति है जिसमें थायरॉयड ग्रंथि बहुत अधिक हार्मोन का उत्पादन करती है। हाइपरथायरायडिज्म में ह्रदय की गति बढ़ जाती हैं। मेटोप्रोलोल हाइपरथायरायडिज्म के लक्षणों को कम करने में मदद करता है और ह्रदय की गति को नियंत्रित रखता हैं।
  7. एट्रियल फाइब्रिलेशन (Atrial Fibrillation): एट्रियल फाइब्रिलेशन में हार्ट बीट अनियमित हो जाते हैं। मेटोप्रोलोल हृदय गति को नियंत्रित करने और रक्त के थक्कों के खतरे को कम करने में मदद करता है।

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मेटोप्रोलोल दवा का डोज़ कितना हैं ? (Metaprolol dosage in Hindi)

मेटोप्रोलोल दवा का डोज़ कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे की रोगी की आयु, लिंग, वजन, स्वास्थ्य स्तिथि, बीपी, ह्रदय गति आदि। आमतौर पर, मेटोप्रोलोल की शुरुआती खुराक दिन में एक या दो बार 25 मिलीग्राम होती है। आपके डॉक्टर आपके डोज़ को धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं। हाई ब्लड प्रेशर में, मेटोप्रोलोल की सामान्य खुराक दिन में एक या दो बार 50 से 100 मिलीग्राम होती है।

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मेटोप्रोलोल का दुष्परिणाम क्या हैं ? (Metaprolol side effects in Hindi)

मेटोप्रोलोल दवा एक सुरक्षित दवा है पर कुछ लोगों में इसके दुष्परिणाम हो सकते हैं जिनकी जानकारी निचे दी गयी हैं।

  • थकान (Weakness): मेटोप्रोलोल लेने वाले कुछ लोगों को थकान का अनुभव होता है। इसका मतलब है कि आपको सामान्य से अधिक थकान और कम ऊर्जा महसूस हो सकती है।
  • चक्कर आना (Giddiness): कुछ लोग मेटोप्रोलोल लेने के बाद चक्कर आना या हल्का महसूस करते हैं।
  • धीमी गति से हृदय गति (Slow Heart beat): मेटोप्रोलोल हृदय गति को धीमा कर सकता है। यदि आपकी हृदय गति पहले से ही धीमी है, तो यह दवा आपके लिए उपयुक्त नहीं है।
  • ठंडे हाथ और पैर (Cold Hand and Feet): मेटोप्रोलोल रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर सकता है, जिससे आपके हाथ और पैर ठंडे महसूस हो सकते हैं।
  • नींद की समस्याएं (Insomnia): कुछ लोग मेटोप्रोलोल लेने के बाद सोने में परेशानी या रात में बार-बार जागने का अनुभव करते हैं।
  • कब्ज (Constipation): मेटोप्रोलोल आंत की गति को धीमा कर सकता है, जिससे कब्ज हो सकता है।
  • दस्त (Loose Motions): कुछ लोगों को मेटोप्रोलोल लेने के बाद दस्त का अनुभव होता है।
  • यौन इच्छा में कमी (Decreased Libido): मेटोप्रोलोल यौन इच्छा या प्रदर्शन को कम कर सकता है।
  • डिप्रेशन (Depression): कुछ लोग मेटोप्रोलोल लेने के बाद अवसाद या चिंता का अनुभव करते हैं।
  • त्वचा पर लाल चकत्ते (Rashes): कुछ लोगों को एलर्जी होने पर मेटोप्रोलोल लेने के बाद त्वचा पर लाल चकत्ते या खुजली हो सकती है।
  • सांस लेने में तकलीफ (Difficulty in Breathing): यदि आपको अस्थमा या ब्रोंकाइटिस है, तो मेटोप्रोलोल आपके लक्षणों को बदतर बना सकता है। अस्थमा या एलर्जिक ब्रोंकाइटिस के रोगी ने बीटा ब्लॉकर दवा नहीं लेना चाहिए।
  • सूजन (Swelling): मेटोप्रोलोल आपके शरीर में पानी जमा कर सकता है, जिससे आपके हाथ, पैर या टखनों में सूजन आ सकती है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह सभी संभावित दुष्प्रभावों की सूची नहीं है। यदि आपको मेटोप्रोलोल लेने के दौरान कोई अन्य दुष्प्रभाव होता है, तो अपने डॉक्टर को जरूर बताएं।

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मेटाप्रोलोल दवा से जुड़े सवालों के जवाब (Metaprolol FAQ’s in Hindi)

क्या प्रेगनेंसी में मेटाप्रोलोल दवा सुरक्षित हैं ? (Metoprolol in Pregnancy)

गर्भावस्था में मेटोप्रोलोल का उपयोग करना आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है, खासकर यदि इसका उपयोग ब्लड प्रेशर या हृदय की गति को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। गर्भावस्था में आपको नियमित बीपी की जांच कराना चाहिए। डॉक्टर आवश्यकता अनुसार दवा की मात्रा में या दवा में बदलाव कर सकते हैं।

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क्या स्तनपान करने वाली महिलाए मेटोप्रोलोल दवा ले सकती हैं ?

स्तनपान करते समय मेटोप्रोलोल का उपयोग करना आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है।
मेटोप्रोलोल स्तन के दूध में थोड़ी मात्रा में ही पारित होता है, लेकिन यह आमतौर पर शिशुओं में कोई समस्या नहीं पैदा करता है।

क्या मुझे मेटोप्रोलोल सुबह या रात में लेना चाहिए?

यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे दिन में एक बार या दो बार ले रहे हैं। यदि आप दिन में दो बार मेटोप्रोलोल ले रहे हैं, तो आप इसे सुबह और रात में भोजन के साथ ले सकते हैं। ध्यान रहे की दवा अपने डॉक्टर की सलाह अनुसार रोजाना एक फिक्स समय पर लेना चाहिए। अगर आप दिन में एक बार ही यह दवा लेते है तो मेटोप्रोलोल से आपको चक्कर आ सकता है, इसलिए आपका डॉक्टर आपको सोने से पहले अपनी पहली खुराक लेने का सुझाव दे सकता है। यदि यह आपको चक्कर नहीं आता है, तो आप इसे सुबह भी ले सकते हैं।

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क्या मेटोप्रोलोल से वजन बढ़ता है?

मेटोप्रोलोल शरीर में पानी जमा कर सकता है, चयापचय को धीमा कर सकता है, भूक में वृद्धि लाता है और कुछ रोगी में इससे थकान भी होती है इसलिए मेटोप्रोलोल से वजन बढ़ सकता हैं।

मेटोप्रोलोल को काम करने में कितना समय लगता है?

मेटोप्रोलोल लेने के एक या दो घंटे के भीतर काम करना शुरू कर देता है।

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क्या मैं मेटोप्रोलोल लेते समय शराब पी सकता हूं?

मेटोप्रोलोल लेते समय शराब पीने से बचें। शराब मेटोप्रोलोल के प्रभाव को बढ़ा सकती है, जिससे चक्कर आना, बेहोशी और ब्लड प्रेशर कम हो सकता है।

अगर मैं मेटोप्रोलोल की गोली लेना भूल जाऊं तो मुझे क्या करना चाहिए?

अगर आप मेटोप्रोलोल की दवा लेना भूल जाते हैं, तो घबराएं नहीं। यदि अगली खुराक 4 घंटे से अधिक दूर है, तो छूटी हुई खुराक तुरंत लें। यदि अगली खुराक 4 घंटे से कम दूर है, तो छूटी हुई खुराक छोड़ दें और अपनी नियमित खुराक अगले समय निर्धारित अनुसार लें। अगर कोई तकलीफ हो रही है जैसे सरदर्द, चक्कर आना या छाती में दर्द तो डॉक्टर को दिखाए।

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क्या मेटोप्रोलोल की गोली तोड़कर खा सकते है?

मेटोप्रोलोल की गोली को एक विशेष कोटिंग में लपेटा जाता है जो इसे पेट में घुलने से बचाता है। यदि आप गोली को तोड़ते हैं, तो यह कोटिंग टूट सकती है और दवा आपके पेट में जल्दी घुल सकती है।इससे दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जैसे कि पेट खराब या उल्टी। तोड़ने से इस दवा का असर भी कम हो जाता हैं।

मेटोप्रोलोल से बीपी कितना कम होता है?

सामान्य तौर पर, मेटोप्रोलोल ब्लड प्रेशर को 10-20 mmHg तक कम कर सकता है। हालांकि यह हर व्यक्ति में भिन्न होता है और इसलिए डॉक्टर जरुरत पड़ने पर दवा का डोज़ कम – ज्यादा करते है या फिर दवा में बदलाव करते है।

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क्या मेटोप्रोलोल से अच्छी नींद आती हैं ?

मेटोप्रोलोल रक्तचाप और हृदय गति को कम करके काम करता है। यह चिंता और तनाव को भी कम कर सकता है, जो नींद में सुधार करने में मदद कर सकता है।

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क्या मेटोप्रोलोल को टेल्मिसर्टन के साथ लिया जा सकता है?

हां, मेटोप्रोलोल को टेल्मिसर्टन के साथ लिया जा सकता है। अगर एक दवा से आपका ब्लड प्रेशर नियंत्रण में नहीं आता है तो डॉक्टर आपको यह दोनों दवा साथ में दे सकते हैं। वास्तव में, उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए इन दोनों दवाओं को एक साथ लेना अक्सर फायदेमंद होता है। जब इन दोनों दवाओं को एक साथ लिया जाता है, तो वे रक्तचाप को अधिक प्रभावी ढंग से कम करने में मदद कर सकती हैं।

क्या मेटोप्रोलोल माइग्रेन में उपयोगी हैं ? (Metoprolol in Migraine)

हां, मेटोप्रोलोल माइग्रेन के इलाज में मददगार हो सकता है। यह रक्त वाहिकाओं को आराम देकर काम करता है और यह मस्तिष्क में कुछ रसायनों के प्रभाव को भी कम करता है जो माइग्रेन का कारण बन सकते हैं।

क्या मेटोप्रोलोल गोली लेने से low blood pressure की समस्या हो सकती हैं ?

मेटोप्रोलोल दवा आवश्यकता से अधिक मात्रा में लेने से आपको नार्मल से कम बीपी होना या Low Blood Pressure की समस्या होने का खतरा हो सकता हैं। चक्कर आना, बेहोशी, थकान, धुंधली दृष्टि,ठंडे हाथ और पैर सांस लेने में तकलीफ या सभी low blood pressure के लक्षण है। इसलिए जरुरी है की अगर आप मेटोप्रोलोल या कोई अन्य बीपी के दवा लेते है तो समय समय पर डॉक्टर से अपना बीपी की जांच कराते रहे या घर पर बीपी का रिकॉर्ड रखे।

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मेटोप्रोलोल यह एक असरदार और बीपी को कण्ट्रोल में करने की अच्छी दवा हैं। अगर आपको बीपी ज्यादा है तो आपको अपने डॉक्टर से मिलकर उसे कण्ट्रोल में करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। अगर आपका कोई सवाल है तो कमेंट में जरूर पूछे।

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