सिफलिस: कारण, लक्षण, ईलाज और बचाव | Syphilis in Hindi

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सिफलिस (Syphilis) यह एक यौन संचारित रोग यानि Sexually Transmitted Disease (STD) है जो की ट्रेपोनेमा पैलिडम (Treponema Pallidum) इस जीवाणु (Bacteria) के संक्रमण से होता हैं। अगर समय पर सिफलिस का ईलाज न किया जाए तो यह एक गंभीर बिमारी हो सकती हैं।

सिफलिस रोग के कारण, लक्षण, निदान, ईलाज और बचाव से जुड़ी पूरी जानकारी इस लेख मे दी गयी हैं।

सिफलिस क्या हैं? (Syphilis in Hindi)

सिफलिस यह एक यौन संचारित रोग है जो की संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने पर होता हैं। इस रोग में जननांग, मलाशय या मुंह पर दर्द रहित घाव (sore) हो जाते हैं। कुछ रोगियों मे यह संक्रमण लंबे समय तक निष्क्रिय रह सकता हैं। अगर शुरुआती दौर मे सिफलिस का उपचार नहीं किया जाए तो यह रोग हृदय और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता हैं।

सिफलिस रोग क्यों और कैसे होता हैं?

सिफलिस रोग 2 तरह से हो सकता हैं।
1. असुरक्षित यौन संबंध: सिफलिस रोग में संक्रमित व्यक्ति के जननांग, मलाशय या मुंह के पास दर्द रहित घाव हो जाते है और ऐसे व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने से या चूमने से यह संक्रमण स्वस्थ व्यक्ति को हो जाता हैं। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति की रैज़र ब्लैड या सुई का इस्तेमाल करने से सिफलिस फैलना का डर राहत हैं।
2. गर्भावस्था: प्रेग्नन्सी मे संक्रमित माँ से गर्भ मे पल रहे बच्चे को सिफलिस हो जाता हैं। गर्भावस्था मे इसीलिए अस्पताल मे सिफलिस रोग की जांच की जाती हैं।

सिफलिस रोग के क्या लक्षण हैं?

सिफलिस के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं और बीमारी के चरण पर निर्भर करते हैं।

1. प्रारंभिक सिफलिस (Primary Syphilis): इस अवस्था मे एक छोटा घाव होता है जिसे Chancre कहा जाता है। यह एक या अनेक हो सकते हैं। संक्रमण होने के 3 हफ्ते बाद यह घाव निर्माण होते है और इनमे दर्द नहीं होता है । लिंग, योनि, गुदभाग, होट या मुँह के आसपास छोटे घाव होते हैं। यह कभी योनि या गुदा के भीतर होने के कारण रोगी को इनका पता भी नहीं चलता हैं। उपचार न लेने पर भी यह घाव 3 से 6 हफ़्तों में ठीक हो जाते हैं।
2. द्वितीय अवस्था (Secondary Stage): पहली अवस्था के घाव ठीक होने के कुछ हफ़्तों बाद हाथों की हथेलियों पर या पैर के नीचे हिस्से पर खुरदरे, लाल रंग के चकत्ते (rash) आने लगते हैं। इनमे खुजली नहीं होती हैं। इसके अलावा बुख़ार, गले में ख़राश, सरदर्द, बदनदर्द, बालों का झड़ना, थकान और लसिका ग्रंथि में सूजन जैसे लक्षण भी नज़र आ सकते हैं। उपचार न लेने पर भी यह लक्षण अपने आप ठीक हो जाते है पर बीमारी अगले चरण में जाने का ख़तरा होता हैं।
3. अव्यक्त अवस्था (Latent Stage): इस चरण में रोगी में संक्रमण तो वर्षों तक रहता है पर रोगी में कोई भी लक्षण नहीं नज़र आता हैं।
4. तृतीय अवस्था (Tertiary Stage): सिफलिस के अधिकतर रोगी में ईलाज न लेने के बाद भी यह अवस्था नहीं होती हैं। जब किसी सिफलिस का रोगी इस अवस्था से पीड़ित होता है तब संक्रमण के कारण हृदय, नसें, तंत्रिका प्रणाली और मस्तिष्क पर इसका गम्भीर परिणाम होकर रोगी की मृत्यु होने का ख़तरा रहता हैं। यह अवस्था संक्रमण होने के 10 से 30 वर्षों बाद भी हो सकती हैं। यह संक्रमण मस्तिष्क में फैलने से Neurosyphilis, आँख में फैलने से Ocular Syphilis और कान में फैलने से Otosyphilis होने का ख़तरा होता है जिससे रोगी अंधा, बहरा हो सकता है और रोगी की याददाश्त भी जा सकती हैं।

जन्मजात सिफलिस क्या होता हैं? (Congenital Syphilis in Hindi)

अगर गर्भावस्था के समय गर्भिणी महिला को सिफलिस होता है और इसका ईलाज नहीं किया जाता है तो पैदा होनेवाले बच्चे को जन्मजात सिफलिस होने का ख़तरा होता हैं। कई बार इस वजह से गर्भ के अंदर ही बच्चे की मृत्यु भी हो सकती हैं। जन्मजात सिफलिस की वजह से बच्चे का वजन कम हो सकता हैं (low birth weight baby), बच्चा समय के पहले पैदा हो सकता हैं (premature baby), बच्चे में खून की कमी (anaemia), बच्चे के लिवर में सूजन (Hepatomegaly), पीलिया (Jaundice) या मस्तिष्क शोथ (Meningitis) जैसे समस्या निर्माण हो सकती हैं।

सिफलिस का निदान कैसे किया जाता हैं?

सिफलिस का निदान या Diagnosis करने के लिए निम्नलिखित जाँच किए जाते हैं:
1. Rapid Plasma Reagin (RRR) test: इसमें Reagin antibody की जाँच की जाती है तो सिफ़िलस के संक्रमण होने पर शरीर में निर्माण होता हैं।
2. Venereal Disease Research Laboratory (VDRL) test: सिफलिस का संक्रमण होने पर शुरुआती दो हफ़्तों में जो ऐंटीबाडी शरीर में निर्माण होती है उसकी जाँच की जाती हैं।
3. Treponemal Antibody test: इस जाँच में भी सिफलिस के ऐंटीबाडी की जाँच की जाती है पर यह ऐंटीबाडी ईलाज के बाद भी शरीर में पायी जाती हैं।
4. Darkfield Microscopy: सिफलिस के घाव या संक्रमित लसिका ग्रंथि के टुकड़े की जाँच माइक्रस्कोप से की जाती हैं।
5. Polymerase Chain Reaction (PCR) test: इसमें सिफलिस के जीवाणु के DNA की जाँच की जाती हैं।
6. Cerebrospinal Fluid (CSF) test: मस्तिष्क में सिफलिस का संक्रमण होने पर निदान के लिए स्पाइन से द्रव निकालकर जाँच की जाती हैं।

सिफलिस की जाँच कब कराना चाहिए?

सिफलिस का कोई भी लक्षण नज़र आने पर डॉक्टर से मिलकर इसकी जाँच कराना चाहिए।इसके अलावा निम्नलिखित स्तिथि में सिफलिस की जाँच एहतियात के तौर पर कराना ज़रूरी हैं।
1. अपरिचित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन सम्बंध बनाने पर
2. गुद मैथुन करने पर
3. जिस प्रदेश में आप रहते है अगर वहाँ सिफलिस के रोगी अधिक है तब
4. गर्भावस्था में गर्भिणी महिला ने शुरुआती हफ़्तों में, 28 वे हफ़्ते में और दुबारा गर्भवती होने पर
5. समलैंगिक व्यक्ति ने
6. अगर आप HIV AIDS से पीड़ित है तब

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सिफलिस का ईलाज कैसे किया जाता हैं?

सिफलिस यह एक bacteria से होने वाला रोग है और antibiotics लेने से ठीक हो जाता हैं।
1. Penicillin के इंजेक्शन: Long-acting Benzathine penicillin G के केवल एक इंजेक्शन से ही प्राथमिक सिफलिस से लेकर तृतीय सिफलिस के शुरुआती स्तर तक के रोगी ठीक हो जाते हैं। तृतीय अवस्था के पुराने रोगी के पेनिसिलिन के तीन इंजेक्शन एक हफ़्ते के अंतराल से लेने से सिफलिस ठीक हो सकता हैं। मस्तिष्क में सिफलिस फैलने पर दो हफ़्तों तक पेनिसिलिन के इंजेक्शन लेने होते हैं।
2. Antibiotic: अगर आपको पेनिसिलिन के इंजेक्शन से allergy या reaction होती है तो Doxycyclline, Ceftriaxone या Levoflox जैसे antibiotic दवा लेने से सिफलिस को ठीक किया जा सकता हैं।

सिफलिस से बचने के लिए क्या करे?

सिफलिस से बचने के उपाय:
1. सुरक्षित यौन संबंध रखे। Condoms का उपयोग करे।
2. अपरिचित व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से परहेज़ करे।
3. अगर आप S@x toys का उपयोग करते है तो किसी के साथ इन्हें साझा न करें।
4. सिफलिस का कोई भी लक्षण नज़र आने पर डॉक्टर से सम्पर्क करे।
5. शराब न पिए।
6. कामुक चित्र या video न देखे जिससे असुरक्षित यौन सम्बंध रखने का ख़तरा बढ़ जाता हैं।

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सिफलिस से जुड़े आपके सवालों के जवाब

क्या सिफलिस को जड़ से ठीक किया जा सकता हैं?

जी हाँ, सिफलिसरोग का समय पर डॉक्टर से ईलाज लेने से इसे ठीक किया जा सकता हैं।

क्या ईलाज लेने के बाद भी फिर से सिफलिस हो सकता हैं?

जी हाँ, हो सकता हैं। एक बार ईलाज लेकर सिफलिस ठीक होने का मतलब यह नहीं है की आपको फिर से सिफलिस नहीं हो सकता हैं। अगर आप फिर से संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाते है तो आपको फिर से सिफलिस होने का ख़तरा रहता हैं।

क्या सिफलिस होने के बाद आप एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकते हैं?

जी हाँ, अगर आप गर्भावस्था के समय शुरुआत में सिफलिस की जाँच करते है और positive पाए जाने पर तुरंत इसका ईलाज लेते है तो आप एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकते हैं।

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सिफलिस को हिंदी में क्या कहते हैं?

सिफलिस को हिंदी में उपदंश कहा जाता हैं।

VDRL पॉज़िटिव होने पर क्या होता हैं?

VDRL पॉज़िटिव होने का मतलब आपको सिफलिस का संक्रमण हुआ है।रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर आपको सिफलिस का ईलाज देते है जिससे इस रोग को जड़ से ठीक किया जाता हैं।

सिफलिस ठीक होने में कितना समय लगता हैं?

पहली दो अवस्था और तृतीय अवस्था के शुरुआती दौर के सिफलिस को ठीक होने में एक हफ़्ता लगता हैं। सिफलिस के तृतीय चरण को ठीक होने में तीन से चार हफ़्ते लगते हैं।

सिफलिस का पता कब चलता हैं?

सिफलिस का संक्रमण होने पर एक हफ़्ते बाद जब इसमें घाव होने शुरू होते है तब इसका पता चलता हैं। इस समय शरीर में सिफलिस antibody निर्माण होती है जिसका पता खून जाँच करने पर होता हैं।

सिफलिस कब तक पता नहीं चल सकता है?

सिफलिस का संक्रमण होने पर अगर पहले दो चरण में जाँच नहीं हुई है और सिफलिस अव्यक्त चरण या Latent stage में चला गया है तो इस दौरान कोई लक्षण नज़र नहीं होते है। यह अवस्था 10 से 30 वर्षों तक रह सकती है और इस दौरान सिफलिस का पता नहीं चल सकता है।

क्या सिफलिस टेस्ट हमेशा पॉजिटिव रहेगा?

सिफलिस का ईलाज लेने के बाद भी शरीर में Treponemal antibody हमेशा रहती है इसलिए अगर आप Treponemal Antibody test कराते है तो यह हमेशा पॉज़िटिव आएगी।

क्या सिफलिस साथ मे खाने से फैलता हैं ?

सिफलिस रोग साथ मे खाने से, कपड़े और towel शेयर करने से नहीं फैलता हैं।

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सिफलिस यह एक गंभीर यौन संक्रामक रोग है जिसका उपचार समय पर करना जरूरी हैं। आपसे निवेदन है की अगर आपको यह सिफलिस के कारण, लक्षण और बचाव की जानकारी उपयोगी लगती है तो कृपया इसे शेयर जरूर करे।

अगर आपका सिफलिस रोग को लेकर कोई सवाल है तो नीचे कमेन्ट मे या contact us मे जरूर पूछे ।

References:

  1. SyphilisCDC Basic Fact Sheet: https://www.cdc.gov/std/syphilis/stdfact-syphilis.htm
  2. Syphilishttps://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK534780/
  3. Syphilis https://www.nhs.uk/conditions/syphilis/
  4. Syphilis Testshttps://www.testing.com/tests/syphilis-test/

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