यूरिन टेस्ट क्या होता हैं | Urine Routine Test in Hindi

urine routine test in Hindi

यूरिन टेस्ट (Urine Routine Test) या पेशाब की गुणवत्ता जांच को Urine Analysis नाम से भी जाना जाता हैं। यह एक सरल पर महत्वपूर्ण जांच है जो की किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य का जायजा लेने के लिए की जाती हैं। यूरिन टेस्ट मे व्यक्ति के किडनी, लिवर, हृदय आदि अंगों की स्तिथि, संक्रमण के साथ अन्य कई सारे स्वास्थ्य समस्या की जानकारी मिलती हैं।

यूरिन रूटीन टेस्ट क्या हैं? (What is Urine Routine Test in Hindi)

यूरिन रूटीन टेस्ट एक बुनियादी परीक्षण है जो मूत्र के भौतिक (Physical) और रासायनिक (Chemical) गुणों की जांच और Microscopic जांच भी की जाती हैं। यूरिन टेस्ट मे मूत्र में रंग, स्पष्टता, पीएच, विशिष्ट गुरुत्व, प्रोटीन, ग्लूकोज, केटोन्स, बिलीरुबिन, यूरोबिलिनोजेन, ग्लूकोस, बाइल साल्ट और ल्यूकोसाइट्स आदि का विश्लेषण किया जाता हैं।

यूरिन टेस्ट कैसे किया जाता हैं? (Urine test procedure in Hindi)

  • यूरिन टेस्ट करने के लिए रोगी व्यक्ति को पेशाब (Urine) या मूत्र का नमूना (sample) लेने के लिए एक साफ निर्जन्तुक बोतल (Sterile Bottle) या कन्टैनर दिया जाता हैं।
  • यूरिन सैम्पल लेने के लिए ऐसे तो सुबह के पहले मूत्र का सैम्पल सबसे अच्छा रहता है पर अगर डॉक्टर ने सलाह दी है तो आप किसी भी समय यूरिन का सैम्पल दे सकते हैं।
  • यूरिन सैम्पल देने से पहले पेशाब की जगह को पहले अच्छे से पानी साफ करे।
  • अब पहले थोड़े से यूरिन / मूत्र को बाहर निकालकर रुक जाए और बाद मे आपको दिए हुए निर्जन्तुक कन्टैनर मे पेशाब का सैम्पल भरे। (Collect Mid Stream urine sample)
  • अब इस कन्टैनर को बंद कर लैब टेक्निशन को दे देना हैं। इस बात का ध्यान रखे की कन्टैनर पर आपका नाम लिखा हैं।
  • इस तरह यूरिन टेस्ट के लिए सैम्पल देने के कुछ घंटों बाद आपको इसका नतीजा या रिपोर्ट अपने लैब से मिल जाता हैं।

यूरिन टेस्ट मे कितना खर्चा होता हैं? (Urine test cost in India in Hindi)

भारत मे यूरिन रूटीन टेस्ट कराने के लिए 100 रुपए से 200 रुपए तक खर्चा आता हैं।

यूरिन टेस्ट क्यों कराते हैं? (Urine Routine Test uses in Hindi)

यूरिन रूटीन टेस्ट कई स्वास्थ्य स्थितियों का पता लगाने के लिए किया जाता है। इनमें प्रमुख हैं:

  1. स्वास्थ्य आकलन (Fitness): व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ है या नहीं यह देखने के लिए यूरिन टेस्ट किया जाता हैं। Admission के लिए, नौकरी के लिए या किसी Surgery के लिए व्यक्ति स्वस्थ है की नहीं यह पता करने के लिए यूरिन टेस्ट किया जाता हैं।
  2. गर्भावस्था (Pregnancy): यूरिन प्रेग्नन्सी टेस्ट से महिला प्रेग्नन्ट है या नहीं यह पता चलता हैं।
  3. मूत्र पथ के संक्रमण (Urinary Tract Infection): मूत्राशय (Urinary Bladder), मूत्रवाहिनी (Ureter), या गुर्दे (Kidney) में बैक्टीरिया के संक्रमण का पता लगाने के लिए।
  4. गुर्दे की बीमारी (Kidney): गुर्दे की बीमारी एक ऐसी स्थिति है जो गुर्दों को नुकसान पहुंचाती है। यूरिन टेस्ट में मूत्र में प्रोटीन, रक्त, या लाल रक्त कोशिकाओं की उपस्थिति से इसका पता लगाया जा सकता है।
  5. मधुमेह (Diabetes): यूरिन टेस्ट में मूत्र में ग्लूकोज की उपस्थिति से मधुमेह का पता लगाया जा सकता है।
  6. लिवर रोग(Liver): लिवर रोग एक ऐसी स्थिति है जो यकृत को नुकसान पहुंचाती है। यूरिन टेस्ट में मूत्र में बिलीरुबिन की उपस्थिति का पता लगाया जा सकता है।
  7. पोषक तत्वों की कमी: कुछ पोषक तत्वों की कमी मूत्र में असामान्य परिवर्तनों का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, विटामिन बी 12 की कमी मूत्र में लाल रक्त कोशिकाओं की उपस्थिति का कारण बन सकती है।
  8. फंगल संक्रमण (Fungal Infection): यूरिन टेस्ट मे फंगस का पता लगाया जा सकता हैं।

यूरिन टेस्ट मे भौतिक परीक्षण मे क्या देखा जाता हैं? (Urine Physical Examination in Hindi)

यूरिन रूटीन टेस्ट के सामान्य भौतिक परीक्षण की जानकारी नीचे तालिका मे दी गई हैं:

Urine Routine Test – Physical Examination Report Table

भौतिक परीक्षण
(Physical Examination)
सामान्य स्तर
(Normal)
Volume50 to 300 ml
ColourPale Yellow
AppearanceClear
DepositAbsent

यूरिन रूटीन टेस्ट मे पेशाब के मात्रा (Volume) से क्या पता चलता हैं ?

यूरिन रूटीन टेस्ट की सामान्य मात्रा 50 ml से 300 ml है। आपने सैम्पल मे कितने मात्रा मे पेशाब दिया है यह इसका प्रमाण हैं। अगर पेशाब का प्रमाण कम है तो इसका मतलब शरीर मे पानी का प्रमाण कम है और आपको dehydration हुआ हैं।

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यूरिन रूटीन टेस्ट मे पेशाब के रंग (Colour) से क्या पता चलता हैं ?

यूरिन रूटीन टेस्ट मे सामान्य पेशाब का रंग हल्का पीला या Pale Yellow होता हैं। यूरिन रूटीन टेस्ट में पेशाब के रंग से निम्नलिखित बातों का पता चल सकता है:

  • पानी की कमी (Dehydration): यदि पेशाब का रंग गहरा पीला या भूरा है, तो इसका मतलब है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी रहे हैं और शरीर मे पानी की कमी है।
  • मूत्र पथ के संक्रमण (UTI): यदि पेशाब का रंग लाल या गुलाबी है, तो इसका मतलब है कि आपके मूत्र पथ में संक्रमण हो सकता है।
  • रक्तस्राव (Bleeding): यदि पेशाब का रंग लाल या गुलाबी है, तो इसका मतलब यह भी हो सकता है कि आपके मूत्र पथ में रक्तस्राव हो रहा है। रक्तस्राव UTIs, गुर्दे की पथरी (Kidney Stone), या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हो सकता है।
  • दवाओं या खाद्य पदार्थों का प्रभाव (Food and Medicine): कुछ दवाएं और खाद्य पदार्थ पेशाब के रंग को बदल सकते हैं। उदाहरण के लिए, विटामिन बी 2 मूत्र को पीला रंग दे सकता है, जबकि बीटा-केरेटीन मूत्र को लाल या गुलाबी रंग दे सकता है। टीबी की Rifampicin दवा लेने के बाद पेशाब का रंग Orange या नारंगी हो सकता हैं।

यूरिन रूटीन टेस्ट मे पेशाब की स्पष्टता (Appearance) से क्या पता चलता हैं ?

यूरिन रूटीन टेस्ट मे सामान्य पेशाब की स्पष्टता या appearance साफ या Clear होती हैं।

  1. अगर पेशाब के appearance मे Cloudiness लिखा है तो यह पेशाब मे संक्रमण की वजह से हो सकता हैं।
  2. अगर appearance मे foamy लिखा है तो यह Urine मे Protein अधिक होने से हो सकता हैं।
  3. अगर appearance मे Red या Brown लिखा है तो यह Urine मे Blood आने से हो सकता हैं।

यूरिन रूटीन टेस्ट मे पेशाब मे Deposit से क्या पता चलता हैं ?

यूरिन रूटीन टेस्ट मे सामान्यतः कोई deposit नहीं पाया जाता हैं। किडनी मे पथरी होने पर Calcium Oxalate और पेशाब मे कोई संक्रमण होने पर pus cells deposit पाए जा सकते हैं।

यूरिन टेस्ट मे रासायनिक परीक्षण मे क्या देखा जाता हैं? (Urine Test Chemical Examination in Hindi)

यूरिन रूटीन टेस्ट के सामान्य रासायनिक परीक्षण की जानकारी नीचे तालिका मे दी गई हैं:

Urine Routine Test – Chemical Examination Report Table

रासायनिक परीक्षण
(Chemical Examination)
सामान्य स्तर
(Normal)
Specific Gravity1.005 to 1.030
BloodAbsent
ProteinAbsent
GlucoseAbsent
KetoneAbsent
UrobilinogenAbsent
Bile SaltsAbsent
Bile PigmentsAbsent
Reaction (PH)4.6 to 8.0

यूरिन टेस्ट मे यूरिन की Specific Gravity क्या होता हैं?

यूरिन टेस्ट मे पेशाब की Specific Gravity या विशिष्ट गुरुत्व का सामान्य स्तर 1.005 to 1.030 होता है। यह मूत्र में मौजूद ठोस पदार्थों की मात्रा को मापता है। विशिष्ट गुरुत्व जितना अधिक होगा, मूत्र उतना ही गाढ़ा होगा।

  1. यूरिन की Specific Gravity कम होना: यदि विशिष्ट गुरुत्व 1.005 से कम है, तो यह मूत्र की कमी या डायबिटीज इन्सिपिडस (Diabetes Insipidus) का संकेत हो सकता है।
  2. यूरिन की Specific Gravity ज्यादा होना: यदि विशिष्ट गुरुत्व 1.030 से अधिक है, तो यह मूत्र के अत्यधिक सांद्रण या मधुमेह (Diabetes) का संकेत हो सकता है।

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यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन मे Blood Present आने का क्या मतलब होता हैं?

सामान्यतः यूरिन टेस्ट मे Blood नहीं होता है या absent होता हैं। अगर Blood के आगे Present लिखा है तो इसका मतलब पेशाब / मूत्र मे खून (Blood) मौजूद हैं। पेशाब मे खून आने होने के कुछ मुख्य कारण की जानकारी नीचे दी गयी हैं:

  • मूत्र पथ का संक्रमण (UTI): मूत्र पथ में बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण यूरिन मे खून आने की संभावना होती हैं।
  • पथरी (Stone): पथरी गुर्दे, मूत्राशय या मूत्रमार्ग में बन सकती है। पथरी के कारण पेशाब में दर्द, जलन और खून या सकता हैं।
  • कैंसर (Cancer): गुर्दे, मूत्राशय या प्रोस्टेट कैंसर यूरिन मे ब्लड या सकता हैं।
  • दवाएं (Medicine): कुछ दवाएं, जैसे कि रक्त पतला करने वाली दवाएं लेने से पेशाब मे खून या सकता हैं।
  • मेडिकल स्थिति: कुछ अन्य मेडिकल स्थिति, जैसे कि Sickle Cell Anemia, मूत्र में खून का कारण बन सकती हैं।

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यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन मे Protein Present आने का क्या मतलब होता हैं?

सामान्यतः यूरिन टेस्ट मे Protein नहीं होता है मतलब absent होता हैं। अगर Protein के आगे Present लिखा है तो इसका मतलब पेशाब / मूत्र मे प्रोटीन मौजूद हैं। इस स्तिथि को Proteinuria कहा जाता हैं। पेशाब मे प्रोटीन आने होने के कुछ मुख्य कारण की जानकारी नीचे दी गयी हैं:

  • किडनी की बीमारी (Kidney): किडनी की बीमारी के कारण किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती हैं और प्रोटीन को खून से छानने में असमर्थ हो जाती हैं जिस कारण पेशाब मे प्रोटीन आने लगता हैं।
  • मूत्र पथ का संक्रमण (UTI): मूत्र पथ मे Bacteria के संक्रमण के कारण पेशाब मे प्रोटीन या सकता हैं।
  • हृदय रोग (Heart): हृदय रोग के कारण रक्तचाप बढ़ सकता है, जिससे किडनी पर दबाव पड़ सकता है और प्रोटीन को खून से छानने में समस्या हो सकती है।
  • मधुमेह (Diabetes): लंबे समय तक अगर मधुमेह को नियंत्रण मे नहीं रखा जाता हैं तो बढ़ी हुई ब्लड शुगर से किडनी को क्षति पहुचने से यूरिन मे प्रोटीन या सकता हैं।
  • गर्भावस्था (Pregnancy): गर्भावस्था के दौरान प्रोटीन यूरिन में आ सकता है। यह आमतौर पर हानिकारक नहीं होता है, लेकिन यह एक गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है, जैसे कि Pre Eclampsia
  • दवाएं (Medicine): कुछ दवाएं, जैसे कि रक्त पतला करने वाली दवाएं लेने से यूरिन मे प्रोटीन या सकता हैं।
  • मेडिकल स्थिति: कुछ अन्य मेडिकल स्थिति, जैसे कि Sickle Cell Anemia, मूत्र में प्रोटीन का कारण बन सकती हैं।

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Urine Routine Test मे यूरिन मे Glucose Present आने का क्या मतलब होता हैं?

सामान्यतः यूरिन टेस्ट मे Glucose नहीं होता है मतलब absent होता हैं। अगर Glucose के आगे Present लिखा है तो इसका मतलब पेशाब मे Glucose मौजूद हैं। इस स्तिथि को Glucosuria कहा जाता हैं। पेशाब मे ग्लूकोस आने होने के कुछ मुख्य कारण की जानकारी नीचे दी गयी हैं:

  • मधुमेह (Diabetes): Diabetes मे शरीर मे पर्याप्त मात्रा मे Insulin की निर्मिती नहीं होती है या जो Insulin निर्माण होता है वह प्रभावी नहीं होता है, जिस वजह से खून मे Blood Sugar Level बढ़ जाती हैं। Blood मे Sugar level 180 mg/dl से अधिक होने पर यह पेशाब मे आना शुरू हो जाता हैं। इसे Glucose की Kidney के लिए Glucose Threshold Value कहा जाता हैं। अनियंत्रित मधुमेह से किडनी मे खराबी आने से भी यूरिन मे Glucose आता हैं।
  • गर्भावस्था (Pregnancy): गर्भावस्था के दौरान, कुछ महिलाओं में ग्लूकोज का स्तर बढ़ सकता है। यह स्थिति को गर्भावधि मधुमेह या Gestational Diabetes कहा जाता है। Delivery के बाद अधिकतर महिलाओं में यह ठीक हो जाता हैं।
  • अन्य मेडिकल स्थिति: कुछ अन्य मेडिकल स्थिति, जैसे कि किडनी की बीमारी, ग्लूकोज के स्तर में वृद्धि का कारण बन सकती हैं, जिस वजह से यूरिन मे Glucose Present आता हैं।
  • दवाएं: कुछ दवाएं, जैसे कि स्टेरॉयड, ग्लूकोज के स्तर में वृद्धि का कारण बन सकती हैं, जो मूत्र में ग्लूकोज के रूप में या सकता है। Diabetes की Dapagliflozin और Canagliflozin दवा लेने से भी पेशाब मे Glucose का प्रमाण बढ़ जाता हैं।

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यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन मे Ketone Present आने का क्या मतलब होता हैं?

यूरिन रूटीन टेस्ट में यूरिन में कीटोन आने का मतलब है कि आपके शरीर में कीटोन्स का निर्माण हो रहा है। Ketones शरीर में Fat के टूटने से निर्माण होता हैं। सामान्य परिस्थितियों में, शरीर ग्लूकोज को ऊर्जा के लिए उपयोग करता है। लेकिन जब शरीर को पर्याप्त ग्लूकोज नहीं मिलता है, तो यह वसा को तोड़कर ऊर्जा प्राप्त करता है। इस प्रक्रिया में कीटोन्स का निर्माण होता है। यह स्तिथि जब Diabetes मे निर्माण होती है तब इसे Diabetic Ketoacidosis कहा जाता है जो की एक गंभीर स्तिथि होती हैं।

यूरिन रूटीन टेस्ट मे Ketone Present आने के कुछ मुख्य कारण की जानकारी नीचे दी गयी हैं:

  • मधुमेह (Diabetic Ketoacidosis): Diabetes मे जब Blood Sugar Level बेहद ज्यादा बढ़ जाती है और शरीर energy के लिए Glucose का उपयोग नहीं कर पाता है तब energy के लिए Fats का उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया मे Fat टूटने से Ketones का निर्माण होता है और खून के साथ पेशाब मे Ketones का स्तर बढ़ जाता हैं जिसे Diabetic Ketoacidosis या DKA कहा जाता हैं। यह एक प्राणघातक स्तिथि होती हैं।
  • अतिरिक्त व्यायाम (Exercise): बहुत अधिक व्यायाम करने से शरीर को ग्लूकोज की आवश्यकता बढ़ सकती है। इससे शरीर वसा को तोड़ना शुरू कर सकता है और Ketones का निर्माण होता हैं।
  • उपवास (Fasting): फास्टिंग या उपवास करने से शरीर को ग्लूकोज की आपूर्ति कम हो जाती है। इससे शरीर वसा को तोड़ना शुरू कर सकता है। Ketodiet लेने से भी यह स्तिथि निर्माण हो सकती हैं।
  • गर्भावस्था (Pregnancy): गर्भावस्था के दौरान, कुछ महिलाओं में कीटोन्स का उत्पादन बढ़ सकता है।
  • मेडिकल स्थिति (Disease): कुछ अन्य मेडिकल स्थिति, जैसे कि किडनी की बीमारी या भूक की कमी (Anorexia Nervosa) मे कीटोन्स निर्माण होता हैं।

यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन मे Urobilinogen Present आने का क्या मतलब होता हैं?

Bilirubin के टूटने से Urobilinogen का निर्माण होता है। यूरिन टेस्ट मे अगर यह Present आता है तो इसका मतलब Bilirubin अधिक टूट रहा हैं।

यूरिन में Urobilinogen की मात्रा बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • लिवर मे सूजन (Hepatitis): Hepatitis मे Liver पर सूजन या जाती है और Bilirubin टूटने लगता है जिस वजह से Urobilinogen का निर्माण अधिक होने लगता हैं।
  • पित्ताशय की समस्या(Gall Bladder): पित्ताशय की समस्या, जैसे कि Gall Bladder stones या पित्त नली का संक्रमण से भी यूरिन मे Urobilinogen या सकता हैं।
  • किडनी की बीमारी (Kidney): किडनी की बीमारी के कारण यूरिन में Urobilinogen की मात्रा बढ़ सकती है।
  • अन्य मेडिकल स्थिति (Disease): कुछ अन्य मेडिकल स्थिति, जैसे कि Colitis या Ulcerative Colitis, से भी यूरिन में Urobilinogen की मात्रा बढ़ सकती है। Hemolytic Anemia, एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जिसमे Hemoglobin तेजी से नष्ट होते है और Bilirubin बढ़ने लगता हैं। इस स्तिथि मे भी Urobilinogen अधिक निर्माण होता हैं।
  • दवा (Medicine): कुछ Antibiotic और Laxative दवा लेने से भी यूरिन मे Urobilinogen का प्रमाण बढ़ जाता हैं।

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यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन मे Bile Salts Present आने का क्या मतलब होता हैं?

यूरिन रूटीन टेस्ट में यूरिन में Bile Salts की उपस्थिति का मतलब है कि आपके शरीर में पित्त (Bile) का प्रवाह बाधित हो गया है। पित्त या Bile, यह एक पीला-हरा तरल पदार्थ होता है जो Liver में बनता है और आहार के पाचन में मदद करता है। Bile पेट मे Fats के पाचन में मदद करता है और भोजन को छोटी आंत से अवशोषित करने में मदद करता है।

यूरिन में Bile Salts की उपस्थिति के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • पित्त नली का संक्रमण: पित्त नली का संक्रमण पित्त के प्रवाह को बाधित कर सकता है। Hepatitis और Cirrhosis मे Bile Salts का प्रमाण बढ़ जाता हैं।
  • पित्त पथरी (Gall Bladder Stone): पित्त पथरी पित्त नली को अवरुद्ध (block) कर सकती है।
  • गॉल ब्लैडर की समस्या (Gall Bladder): गॉल ब्लैडर की समस्या, जैसे कि गॉल ब्लैडर कैंसर, पित्त के प्रवाह को बाधित कर सकती है।
  • लीवर की बीमारी (Liver): लीवर की बीमारी पित्त के उत्पादन को कम कर सकती है।
  • किडनी की बीमारी (Kidney): किडनी की बीमारी पित्त के प्रवाह को बाधित कर सकती है।

यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन मे Bile Pigments Present आने का क्या मतलब होता हैं?

Hemoglobin के टूटने से शरीर मे Bilirubin और Urobilinogen यह Bile Pigments निर्माण होते हैं। यूरिन टेस्ट मे पेशाब मे Bile Pigments Present आने के कारण वह सभी है जिसकी जानकारी ऊपर पेशाब मे Bile Salts आने की दी गयी हैं।

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यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन के Reaction या PH से क्या पता चलता हैं?

यूरिन रूटीन टेस्ट में यूरिन के pH से पता चलता है कि यूरिन अम्लीय (Acidic) है, क्षारीय(Alkaline) है, या तटस्थ (Neutral) है। एक नॉर्मल यूरिन रूटीन टेस्ट मे Urine का reaction या PH 4.6 to 8.0 होता हैं।

  • अम्लीय यूरिन / Acidic Urine (PH 4.6 से कम): अम्लीय यूरिन आमतौर पर तब होता है जब आप बहुत अधिक प्रोटीन या मांस खाते हैं। यह मूत्र पथ के संक्रमण के कारण भी हो सकता है।
  • क्षारीय यूरिन / Alkaline Urine (PH 8 से अधिक): क्षारीय यूरिन आमतौर पर तब होता है जब आप बहुत अधिक सब्जियां या फलों खाते हैं। यह किडनी की बीमारी या कुछ दवाओं के कारण भी हो सकता है।
  • तटस्थ यूरिन / Neutral (PH 7.0): तटस्थ यूरिन सामान्य है।

यूरिन टेस्ट मे सूक्ष्मदर्शीक परीक्षण मे क्या देखा जाता हैं? (Urine Test Microscopic Examination in Hindi)

यूरिन रूटीन टेस्ट के सामान्य Microscopic परीक्षण की जानकारी नीचे तालिका मे दी गई हैं:

Urine Routine Test – Urine Microscopic Examination Report Table

सूक्ष्मदर्शीक परीक्षण
(Microscopic Examination)
सामान्य स्तर
(Normal)
Pus Cells2-3/H.P.F
Red Cells0-1/H.P.F
Epithelial CellsMale: 2-3/H.P.F
Female: 2-5/H.P.F
CastsAbsent
CrystalsAbsent
Yeast CellsAbsent
Trichomonas VaginalisAbsent
BacteriaAbsent

यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन में Pus Cells आने का क्या मतलब होता हैं?

यूरिन रूटीन टेस्ट में Urine में Pus Cells आने का मतलब है कि आपके मूत्र पथ (Urinary tract) में सूजन (Inflammation) या संक्रमण (Infection) है। सामान्यतः Urine में Pus Cells का normal प्रमाण 2-3/hpf होता हैं। मूत्र पथ में Pus Cells की उपस्थिति को Pyuria कहा जाता है। Pus Cells रक्त कोशिकाएं (WBC) होती हैं जो संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर द्वारा बनाई जाती हैं। जब मूत्र पथ में संक्रमण होता है, तो शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए मूत्र में अधिक WBC छोड़ता है।

पेशाब में Pus Cells आने के कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं:

  1. मूत्र पथ संक्रमण (UTI)
  2. गुर्दे में संक्रमण (Kidney Infection)
  3. यौन संचारित संक्रमण (STD)
  4. मूत्राशय में संक्रमण (Cystitis)
  5. गुर्दे की पथरी (Kidney Stone)
  6. मूत्रमार्ग में चोट (Urethral Injury)
  7. कैंसर (Cancer)

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यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन में Red Cells आने का क्या मतलब होता हैं?

सामान्यतः Urine में Red Cells का normal प्रमाण 0-1/hpf होता हैं। यूरिन रूटीन टेस्ट में यूरिन में Red Cells आने का मतलब है कि आपके मूत्र पथ में रक्तस्राव (Bleeding) हो रहा है। मूत्र में Red Cells की उपस्थिति को Hematuria कहा जाता है। Red Blood Cells शरीर में ऑक्सीजन ले जाती हैं, और जब वे मूत्र में दिखाई देती हैं, तो इसका मतलब है कि वे कहीं से तो टूट गई हैं।

यूरिन में Red Cells आने के कुछ मुख्य यूरिन में Pus cells आने के समान ही हैं।

  1. मूत्र पथ संक्रमण (UTI)
  2. गुर्दे में संक्रमण (Kidney Infection)
  3. यौन संचारित संक्रमण (STD)
  4. मूत्राशय में संक्रमण (Cystitis)
  5. गुर्दे की पथरी (Kidney Stone)
  6. मूत्रमार्ग में चोट (Urethral Injury)
  7. कैंसर (Cancer)

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यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन में Epithelial Cells आने का क्या मतलब होता हैं?

यूरिन रूटीन टेस्ट में Urine में Epithelial Cells आने का मतलब है कि आपके मूत्र पथ की परत (layer) से कोशिकाएं मूत्र में आ गई हैं। Epithelial Cells शरीर के सभी ऊतकों की सबसे ऊपरी परत बनाती हैं। मूत्र पथ में, Epithelial Cells मूत्रमार्ग, मूत्राशय और किडनी की नलियों की परत बनाती हैं।

सामान्यतः Urine में Epithelial Cells का normal प्रमाण पुरुष में 2 -3/hpf और महिला में 2-5/hpf होता हैं। यूरिन में एपिथेलियल सेल्स की उपस्थिति एक सामान्य स्थिति है, और यह आमतौर पर चिंता का विषय नहीं है। हालांकि, यूरिन में Epithelial Cells की उच्च मात्रा के कुछ कारण हो सकते है जिसकी जानकारी निचे दी गयी हैं:

  1. मूत्र पथ संक्रमण (UTI): Urinary Tract Infection (UTI) मूत्र पथ के किसी भी भाग में संक्रमण है, जिसमें मूत्राशय, गुर्दे और मूत्रमार्ग शामिल हैं। UTI के लक्षणों में पेशाब में दर्द या जलन, बार-बार पेशाब आना और मूत्र में खून शामिल हैं।
  2. मूत्राशय में संक्रमण (Cystitis): मूत्राशय में संक्रमण एक सामान्य संक्रमण है जो मूत्राशय में सूजन और संक्रमण का कारण बनता है। मूत्राशय में संक्रमण के लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, पेशाब करते समय दर्द या जलन और मूत्र में खून शामिल हैं।
  3. गुर्दे की पथरी (Kidney Stone): गुर्दे की पथरी मूत्र पथ को अवरुद्ध कर सकती हैं, जिससे दर्द, सूजन और मूत्र में खून हो सकता है।
  4. मूत्रमार्ग में चोट (Urethral Injury): मूत्रमार्ग में चोट मूत्रमार्ग में सूजन और रक्तस्राव का कारण बन सकती है। मूत्रमार्ग में चोट के कारणों में यौन गतिविधि, खेल चोटें और चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल हैं।
  5. कैंसर (Cancer): मूत्र पथ के कैंसर मूत्राशय, गुर्दे या मूत्रमार्ग में विकसित हो सकते हैं। मूत्र पथ के कैंसर के लक्षणों में मूत्र में खून, बार-बार पेशाब आना और पीठ के निचले हिस्से में दर्द शामिल हैं।

यदि आपके Urine Routine Test में Urine में Epithelial cells की उच्च मात्रा पाई जाती है, तो आपका डॉक्टर अतिरिक्त परीक्षण करेगा ताकि इसके मुख्य कारण का पता लगाया जाए।

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यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन में Casts आने का क्या मतलब होता हैं?

Urine Routine Test में Urine में Casts आने का मतलब है कि मूत्र पथ में प्रोटीन के छोटे-छोटे ढेर (Clumps) बन गए हैं। ये ढेर मूत्र में तैर सकते हैं या नीचे बैठ सकते हैं। Casts आमतौर पर सफेद या पीले रंग के होते हैं और विभिन्न आकार और आकार में आते हैं। सामान्यतः पेशाब में Casts मौजूद नहीं होते हैं।

यूरिन में Casts की उपस्थिति को Casturia के रूप में जाना जाता है। यह एक सामान्य स्थिति है, और यह आमतौर पर चिंता का विषय नहीं है। Casturia के मुख्य कारण की जानकारी निचे दी गयी हैं:

  1. मूत्र पथ संक्रमण (UTI)
  2. गुर्दे की पथरी (Kidney Stone)
  3. कैंसर (Cancer)
  4. गुर्दे की बीमारी (Kidney Disease)
  5. चिकित्सीय प्रक्रियाएं (Medical Procedure): कुछ चिकित्सा प्रक्रियाएं, जैसे कि गुर्दे का बायोप्सी, मूत्र पथ में प्रोटीन के स्तर को बढ़ा सकती हैं।

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यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन में Crystals आने का क्या मतलब होता हैं?

Urine Test में Urine में Crystals आने का मतलब है कि मूत्र में खनिज के छोटे-छोटे ढेर (lumps) बन गए हैं। ये ढेर मूत्र में तैर सकते हैं या नीचे बैठ सकते हैं। क्रिस्टल आमतौर पर सफेद या पीले रंग के होते हैं और विभिन्न आकार और आकार में आते हैं।

Urine में Crystal की उपस्थिति को Crystaluria के रूप में जाना जाता है। यह एक सामान्य स्थिति है, और यह आमतौर पर चिंता का विषय नहीं है। सामान्यतः Urine में Crystal मौजूद नहीं होते हैं। पेशाब में Crystal आने के कारण और Casts आने के कारण समान ही हैं जैसे की – मूत्र पथ संक्रमण (UTI), गुर्दे की पथरी (Kidney Stone), कैंसर (Cancer), गुर्दे की बीमारी (Kidney Disease) और चिकित्सीय प्रक्रियाएं (Medical Procedure) जैसे कि गुर्दे का बायोप्सी।

यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन में Yeast Cells आने का क्या मतलब होता हैं?

Urine Routine Test में Urine में Yeast cells का आना एक Fungal संक्रमण का संकेत हो सकता है। Yeast एक प्रकार का कवक (Fungus) है जो आमतौर पर शरीर में पाया जाता है। हालांकि, यह कभी-कभी मूत्र पथ में भी बढ़ सकता है, जिससे संक्रमण हो सकता है। Yeast infection को वैजाइनल कैंडिडिआसिस (Vaginal Candidiasis) भी कहा जाता है।

यदि आपके Urine test में Urine में Yeast कोशिकाएं पाई जाती हैं, तो आपके डॉक्टर को संक्रमण के अन्य लक्षणों की जांच करनी चाहिए, जैसे:

  1. योनि में खुजली या जलन (Vaginal Itching)
  2. योनि से सफेद, झागदार डिस्चार्ज (Vaginal Discharge)
  3. पेशाब करते समय दर्द या जलन (Dysuria)

यदि इनमें से कोई लक्षण मौजूद हैं, तो आपके डॉक्टर आपको Anti Fungal लिख सकते हैं।

Urine में Yeast Cells आने के कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं:

  1. मधुमेह (Diabetes): मधुमेह वाले लोगों में यीस्ट संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है।
  2. प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी (Low Immunity): प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर लोगों में यीस्ट संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है।
  3. गर्भावस्था (Pregnancy): गर्भावस्था के दौरान यीस्ट संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है।

यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन में Trichomonas Vaginalis आने का क्या मतलब होता हैं?

Urine Routine Test में Urine में ट्राइकोमोनास वेजिनेलिस (Trichomonas Vaginalis) आने का मतलब है कि आपके मूत्रमार्ग में Trichomonas Vaginalis नामक परजीवी (Parasite) पाया गया है। Trichomonas Vaginalis एक यौन संचारित संक्रमण (STD) है जो योनि, मूत्रमार्ग और मूत्राशय को संक्रमित कर सकता है।

Trichomoniasis के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 5 से 28 दिनों के बीच दिखाई देते हैं। इसके प्रमुख लक्षण हैं:

  1. योनि से हरे, पीले, झागदार डिस्चार्ज
  2. योनि में खुजली या जलन
  3. पेशाब करते समय दर्द या जलन
  4. संभोग के दौरान दर्द या जलन

यदि आपको Trichomoniasis के लक्षण दिखाई देते हैं, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। Trichomoniasis का उपचार डॉक्टर आपको Antibiotic दवा देते हैं।

यूरिन रूटीन टेस्ट मे यूरिन में Bacteria आने का क्या मतलब होता हैं?

Urine Test में Urine में बैक्टीरिया (Bacteria) आने का मतलब है कि आपके मूत्र पथ में संक्रमण है, जिसे मूत्र पथ संक्रमण (Urinary Tract Infection – UTI) के रूप में जाना जाता है। यूटीआई मूत्र पथ के किसी भी भाग में हो सकता है, जिसमें मूत्राशय, मूत्रमार्ग और गुर्दे शामिल हैं।

यूटीआई के सबसे आम लक्षण हैं:

  • पेशाब में दर्द या जलन
  • बार-बार पेशाब आना
  • मूत्र में खून
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द

यदि आपको इनमें से कोई लक्षण दिखाई देते हैं, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। UTI का इलाज एंटीबायोटिक (Antibiotic) दवाओं से किया जा सकता है।

इस तरह एक सामान्य से दिखने वाली और कम खर्च वाले Urine Routine Test से हमें कई तरह की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती हैं इसलिए अगर अगली बार आपको कोई स्वास्थ्य समस्या होती है और आपके डॉक्टर आपको Urine Routine Test करने की सलाह देते है तो यह जांच अवश्य कराये।

अगर आपको यह Urine Routine Test की जानकारी उपयोगी लगती है तो कृपया इसे शेयर जरूर करे। अगर आपके मन में इस जांच से जुड़े कोई सवाल है तो निचे comment में अवश्य लिखे। लेख पूरा पढ़ने के लिए और निरोगिकाया वेबसाइट पर विजिट करने के लिए धन्यवाद।

References:

  1. The importance of urinalysis in routine health care: https://www.mayoclinic.org/tests-procedures/urinalysis/about/pac-20384907
  2. The role of urinalysis in the diagnosis and management of common medical conditions: https://jamanetwork.com/journals/jama/fullarticle/451310
  3. Urinalysis (Urine Test): https://www.webmd.com/a-to-z-guides/what-is-urinalysis

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