थाइरॉइड जांच क्या हैं | Thyroid Profile Test in Hindi

thyroid function test in Hindi

Thyroid Profile Test को Thyroid Function Test भी कहा जाता हैं। थाइरॉइड प्रोफाइल टेस्ट, यह एक रक्त परीक्षण है जिससे यह पता चलता है की थायरॉयड ग्रंथि ठीक से कार्य कर रही है या नहीं। इस जांच से थाइरॉइड के विकार जैसे की Hypothyroidism, Hyperthyroidism, Grave’s Disease, Hashimoto’s Disease और Thyroid Cancer का निदान करने मे सहायता मिलती हैं।

थायरॉयड ग्रंथि (Thyroid Gland), यह गर्दन में श्वास नली के ऊपर और स्वर यंत्र के दोनों और दो भागो में बनी तितली के आकार की, हमारे शरीर में पाए जानेवाले Endocrine glands में से एक ग्रंथि हैं। Thyroid gland में Triiodothyronine (T3) और Thyroxine (T4) जैसे Thyroid hormone बनते है जो शरीर के चयापचय (Metabolism) को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

Thyroid Profile Test मे कौन सी जांच की जाती हैं ?

थायराइड प्रोफाइल टेस्ट में निम्नलिखित जांच की जाती हैं:

  1. थायराइड-उत्तेजक हार्मोन या Thyroid Stimulating Hormone (TSH): यह हार्मोन थायरॉयड ग्रंथि को थायराइड हार्मोन का उत्पादन करने के लिए उत्तेजित करता है। TSH का स्तर थायरॉयड ग्रंथि की गतिविधि को दर्शाता है।
  2. कुल थायरोक्सिन या Thyroxine (T4): यह थायराइड हार्मोन का सबसे आम रूप है। T4 का स्तर थायरॉयड ग्रंथि द्वारा निर्मित थायराइड हार्मोन की मात्रा को बताता हैं।
  3. कुल ट्राईआयोडोथायरोनिन या Triiodothyronine (T3): यह थायराइड हार्मोन का एक अधिक सक्रिय रूप है। T3 का स्तर थायरॉयड ग्रंथि द्वारा उत्पादित सक्रिय थायराइड हार्मोन की मात्रा को दर्शाता है।

यह 3 मुख्य जांच है। इनके अलावा, Thyroid Profile Test में निम्नलिखित जांच भी की जा सकती हैं:

  • Free T4 (FT4): यह T4 का एक रूप है जो रक्त में मुक्त रूप से मौजूद होता है।
  • Free T3 (FT3): यह T3 का एक रूप है जो रक्त में मुक्त रूप से मौजूद होता है।
  • Thyroid (TPO) Antibody: ये एंटीबॉडी थायरॉयड ग्रंथि पर हमला कर सकते हैं और थायराइड की समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

मुफ़्त स्वास्थ्य जानकारी पाए: हमारे साथ Whatsapp पर जुड़े

Thyroid Profile Test की कीमत क्या हैं?

Thyroid Profile Test मे अगर केवल T3, T4, और TSH जांच की जाती है तो 500 रुपए से 800 रुपए तक खर्च लगता है। अगर FT3, FT4, और Thyroid Antibody जांच की जाती है तो यह खर्च 1500 रुपए से 2000 रुपए तक खर्च होता हैं।

Thyroid Profile Test कैसे की जाती हैं?

Thyroid Profile Test के लिए एक छोटी सुई (needle) का उपयोग करके नस से रक्त का नमूना लिया जाता है। रक्त का नमूना एक Laboratory में भेजा जाता है, जहां इसे थायराइड हार्मोन के levels का पता मशीन द्वारा लगाया जाता हैं। Thyroid Profile Test का सटीक परिणाम आने के लिए आम तौर पर थायरॉइड प्रोफाइल टेस्ट को सुबह खाली पेट करने की सलाह दी जाती हैं।

थायरॉइड प्रोफाइल टेस्ट की प्रक्रिया इस प्रकार हैं:

  1. आपको एक आरामदायक स्थिति में बैठने या लेटने के लिए कहा जाएगा।
  2. अब लैब टेक्निशन आपकी बांह पर एक पट्टी बांध देते है जिससे नसे फूल जाती है और blood sample लेने मे आसानी होती हैं।
  3. अब लैब टेक्निशन पहले जहा से blood sample लेना हु उस जगह को spirit से साफ करते हैं और बाद मे निर्जन्तुक सिरिन्ज का इस्तेमाल कर सुई से नस मे से 4 से 5ml blood sample को निकालते हैं और इस sample को Plain Test Tube मे डाल देते हैं।
  4. इसके बाद जहा से खून निकाला है वहा चोटी पट्टी लगा दी जाती हैं।

थायरॉइड प्रोफाइल टेस्ट एक सरल और सुरक्षित परीक्षण है। आमतौर पर कोई दुष्प्रभाव या तकलीफ नहीं होता है। हालांकि, कुछ लोगों को सुई लगने के स्थान पर हल्का दर्द महसूस हो सकता हैं।

उपयोगी जानकारी: बस करें यह एक काम और Weight loss करना हो जाएगा आसान

थाइरॉइड की TSH test क्या हैं? (TSH test in Hindi)

TSH का full form है Thyroid Stimulating Hormone या हिन्दी मे इसे थायराइड-उत्तेजक हार्मोन भी कहा जा सकता हैं। थाइरॉइड खून जांच मे TSH के मात्रा की जांच की जी हैं।

TSH क्या हैं?

TSH या Thyroid Stimulating Hormone, यह एक हॉर्मोन हैं जो मस्तिष्क में पिट्यूटरी ग्रन्थि (Pituitary Gland) द्वारा निर्मित होता है। यह थायराइड ग्रंथि को Thyroxine (T4) और Triiodothyronine (T3) हार्मोन का उत्पादन करने के लिए उत्तेजित करता है। TSH यह Thyroid Function Test की एक महत्वपूर्ण जांच हैं।

TSH का नॉर्मल स्तर (TSH normal level in Hindi)

TSH का स्तर उम्र, लिंग और गर्भावस्था आदि कारकों से प्रभावित होता हैं। TSH के सामान्य स्तर की जानकारी नीचे दी गयी तालिका मे दी गयी हैं।

आयु
(Age)
TSH का सामान्य स्तर (Normal Level)
(MicroU/ml)
जन्म से 4 दिन1 – 38.9
2 से 20 हफ्ते1.7 – 9.1
20 हफ्ते से 20 वर्ष0.7 – 6.4
20 वर्ष से ऊपर0.35 – 5.50
गर्भावस्था (Pregnancy)
पहले 3 महीने (1st Trimester)0.3 – 4.5
4 से 6 महीने (2nd Trimester)0.5 – 4.6
7 से 9 महीने (3rd Trimester)0.8 – 5.2

TSH के स्तर से क्या पता चलता हैं?

  1. TSH का स्तर बढ़ा हुआ होना: TSH का स्तर बढ़ने से थायराइड ग्रंथि की निष्क्रियता का संकेत हो सकता है, जिसे Hypothyroidism कहा जाता है। थाइरॉइड मे कम मात्रा मे Thyroxine hormone का निर्माण होने पर शरीर की Thyroxine hormone की जरूरत को पूरा करने के लिए TSH का निर्माण अधिक होता है।
  2. TSH का स्तर कम होना: TSH का स्तर कम होने से थायराइड ग्रंथि की अतिसक्रियता का संकेत हो सकता है, जिसे Hyperthyroidism कहा जाता है। थाइरॉइड ग्रन्थि मे अधिक प्रमाण मे Thyroxine हॉर्मोन निर्माण होने पर TSH की जरूरत कम होती है और इसलिए इसका स्तर कम हो जाता हैं।
  3. TSH का स्तर सामान्य होना: अगर TSH का स्तर सामान्य है तो अन्य जांच से समस्या का कारण पता लगाया जाता हैं।

जरूर पढे: Hypothyroidism के कारण, लक्षण और इलाज की पूरी जानकारी

थाइरॉइड की T4 test क्या हैं? (T4 test in Hindi)

थायराइड की T4 टेस्ट यह एक रक्त परीक्षण है जिसमे थायरॉइड ग्रंथि द्वारा उत्पादित थायरोक्सिन (T4) हार्मोन के स्तर का पता लगाया जाता हैं।

T4 क्या हैं?

थाइरॉइड ग्रन्थि मे तैयार होने वाले Thyroxine Hormone को T4 कहा जाता हैं। T4 हार्मोन हमारे शरीर मे चयापचय, विकास और विकास सहित कई शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करता है।

T4 का नॉर्मल स्तर (T4 normal level in Hindi)

T4 का स्तर उम्र, लिंग और गर्भावस्था आदि कारकों से प्रभावित होता हैं। T4 के सामान्य स्तर की जानकारी नीचे दी गयी तालिका मे दी गयी हैं।

आयु
(Age)
T4 का सामान्य स्तर (Normal Level)
(Microg/dl)
1 से 3 दिन8.2 – 19.9
1 हफ्ता6.0 – 15.9
1 से 12 महिना6.1 – 14.9
3 से 10 साल5.5 – 12.8
10 साल से ऊपर4.5 – 12.6
गर्भावस्था
पहले 3 महीने (1st Trimester)6.6 – 12.4
4 से 6 महीने (2nd Trimester)6.6 – 15.5
7 से 9 महीने (3rd Trimester)6.6 – 15.5

T4 के स्तर से क्या पता चलता हैं?

  1. T4 का स्तर बढ़ा हुआ होना: T4 का स्तर बढ़ने से थायराइड ग्रंथि की अतिसक्रियता का संकेत हो सकता है, जिसे Hyperthyroidism कहा जाता है।
  2. T4 का स्तर कम होना: T4 का स्तर कम होने से थायराइड ग्रंथि की निष्क्रियता का संकेत हो सकता है, जिसे Hypothyroidism कहा जाता है।
  3. T4 का स्तर सामान्य होना: अगर T4 का स्तर सामान्य है तो अन्य जांच से समस्या का कारण पता लगाया जाता हैं।

Note: अगर आप गर्भनिरोधक दवा, स्टेरॉइड, अस्थमा की दवा या संधिवात की दवा ले रहे है तो आपके रिपोर्ट मे T4 बढ़ा हुआ या सकता हैं। अगर आप कोई दवा ले रहे हैं तो इसकी जानकारी अपने डॉक्टर को अवश्य देना चाहिए।

उपयोगी जानकारी: हाइपोथायरायडिज्म के कारण, लक्षण और इलाज

थाइरॉइड की T3 test क्या हैं? (T3 test in Hindi)

Thyroid Profile Test में T4 टेस्ट यह एक रक्त परीक्षण है जिसमे थायरॉइड ग्रंथि द्वारा उत्पादित Triiodothyronine (T3) हार्मोन के स्तर का पता लगाया जाता हैं।

T3 क्या हैं?

थाइरॉइड ग्रन्थि मे तैयार होने वाले Triiodothyronine Hormone को T3 कहा जाता हैं। T3 हार्मोन हमारे शरीर मे चयापचय, विकास और विकास सहित कई शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करता है।

थाइरॉइड के रोगी जरूर पढे: Thyroid रोग मे लाभकारी 10 Yoga

T3 का नॉर्मल स्तर (T3 normal level in Hindi)

T3 का स्तर उम्र, लिंग और गर्भावस्था आदि कारकों से प्रभावित होता हैं। T3 के सामान्य स्तर की जानकारी नीचे दी गयी तालिका मे दी गयी हैं।

आयु
(Age)
T3 का सामान्य स्तर (Normal Level)
(ng/dl)
गर्भनाल (Cord Blood)30 – 70
नवजात (New Born)75 – 260
1 से 5 वर्ष100 – 260
10 से 15 वर्ष80 – 210
15 वर्ष से ऊपर60 – 180
गर्भावस्था (Pregnancy)
पहले 3 महीने (1st Trimester)81 – 190
4 से 6 महीने (2nd Trimester)100 – 260
7 से 9 महीने (3rd Trimester)100 – 260

कृपया ध्यान दे: Laboratory और Machine के हिसाब से T3, T4 और TSH के सामान्य स्तर मे कुछ बदलाव हो सकता है। इस लेख मे SERUM CHEMILUMINSCENCE (on Fully automated Siemens Centur – CP Hormonal Analyser) मशीन के सामान्य स्तर की जानकारी दी गयी हैं। अपनी रिपोर्ट देखते समय रिपोर्ट मे दिए गए Reference Level के अनुसार अपने रिपोर्ट का आकलन करे।

T3 के स्तर से क्या पता चलता हैं?

  1. T3 का स्तर बढ़ा हुआ होना: T3 का स्तर बढ़ने से थायराइड ग्रंथि की अतिसक्रियता का संकेत हो सकता है, जिसे Hyperthyroidism कहा जाता है।
  2. T3 का स्तर कम होना: T3 का स्तर कम होने से थायराइड ग्रंथि की निष्क्रियता का संकेत हो सकता है, जिसे Hypothyroidism कहा जाता है।
  3. T3 का स्तर सामान्य होना: अगर T3 का स्तर सामान्य है तो अन्य जांच से समस्या का कारण पता लगाया जाता हैं।

जरूर पढे: भूख बढाने और अपचन के आयुर्वेदिक उपाय और घरेलु नुस्खे

थाइरॉइड की FT4 test क्या हैं? (FT4 test in Hindi)

FT4, या Free Thyroxine, एक रक्त परीक्षण है जो थायराइड ग्रंथि द्वारा उत्पादित थायरोक्सिन (T4) हार्मोन के मुक्त (free) रूप के स्तर को मापता है।

FT4 और T4 टेस्ट के बीच क्या अंतर हैं?

FT4 और T4 दोनों ही जांच मे थायराइड ग्रंथि द्वारा उत्पादित T4 हार्मोन के स्तर को मापा जाता हैं। हालांकि, FT4 टेस्ट केवल T4 हार्मोन के मुक्त रूप के स्तर को मापता है, जबकि T4 टेस्ट T4 हार्मोन के कुल स्तर को मापता है, जिसमें बाध्य (Bound) और मुक्त (Free) रूप दोनों शामिल होते हैं। बाध्य T4 हार्मोन शरीर के ऊतकों से जुड़ा होता है और सक्रिय नहीं होता है। केवल मुक्त T4 हार्मोन शरीर के ऊतकों में प्रवेश कर सकता है और अपना कार्य कर सकता है । इसलिए, FT4 टेस्ट T4 हार्मोन के सक्रिय रूप के स्तर का अधिक सटीक माप प्रदान करता है।

FT4 का नॉर्मल स्तर (FT4 normal level in Hindi)

FT4 का स्तर उम्र, लिंग और गर्भावस्था आदि कारकों से प्रभावित होता हैं। FT4 के सामान्य स्तर की जानकारी नीचे दी गयी तालिका मे दी गयी हैं।

आयु
(Age)
FT4 का सामान्य स्तर (Normal Level)
(ng/dl)
1 से 4 दिन2.2 – 5.3
1 से 18 वर्ष0.8 – 2.7
18 वर्ष से ऊपर0.89 – 1.76
गर्भावस्था
पहले 3 महीने (1st Trimester)0.7 – 2.0
4 से 9 महीने (2nd and 3rd Trimester)0.5 – 1.6

FT4 के स्तर से क्या पता चलता हैं?

  1. FT4 का स्तर बढ़ा हुआ होना: FT4 का स्तर बढ़ने से थायराइड ग्रंथि की अतिसक्रियता का संकेत हो सकता है, जिसे Hyperthyroidism कहा जाता है।
  2. FT4 का स्तर कम होना: FT4 का स्तर कम होने से थायराइड ग्रंथि की निष्क्रियता का संकेत हो सकता है, जिसे Hypothyroidism कहा जाता है।
  3. FT4 का स्तर सामान्य होना: अगर FT4 का स्तर सामान्य है तो अन्य जांच से समस्या का कारण पता लगाया जाता हैं।

क्या आप जानते हैं: थाइरोइड (Thyroid) रोग में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं ?

थाइरॉइड की FT3 test क्या हैं? (FT3 test in Hindi)

FT3, या Free Triiodothyronine, एक रक्त परीक्षण है जो थायराइड ग्रंथि द्वारा उत्पादित ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) हार्मोन के मुक्त (free) रूप के स्तर का पता लगाया जाता हैं।

FT3 के स्तर से क्या पता चलता हैं?

  1. FT3 का स्तर बढ़ा हुआ होना: FT3 का स्तर सामान्य सीमा से अधिक है तो यह हाइपरथायरायडिज्म का संकेत हो सकता है।
  2. FT3 का स्तर कम होना: FT3 का स्तर सामान्य सीमा से कम है तो यह हाइपोथायरायडिज्म का संकेत हो सकता है।
  3. FT3 का स्तर सामान्य होना: अगर FT3 का स्तर सामान्य है तो अन्य जांच से समस्या का कारण पता लगाया जाता हैं।

उपयोगी जानकारी: थाइरोइड रोग से जुड़े सवालों के जवाब

थाइरॉइड एंटीबॉडी टेस्ट क्या होता हैं? (Thyroid Antibody Test in Hindi)

Thyroid Antibody Test मे शरीर मे मौजूद Thyroid विरोधी Antibodies की मात्रा को मापा जाता हैं। यह Auto Immune रोग के निदान के लिए उपयोग किया जाता है जिसमे शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति और एंटीबॉडी शरीर के वस्तु को ही नहीं पहचान पाती है और उनके खिलाफ कार्य करती हैं। यह थाइरॉइड एंटीबॉडी 2 प्रकार की होती।

  1. Thyroid Peroxidase Antibodies (TPO Antibodies): ये एंटीबॉडी थायराइड ग्रंथि द्वारा हार्मोन के उत्पादन में शामिल एक एंजाइम, थायराइड पेरोक्सीडेज के खिलाफ होते हैं। ज्यादातर डॉक्टर TPO Antibodies की जांच कराते है। इस जांच से Hyperthyroidism का कारण Grave’s Disease और Hypothyroidism का कारण Hashimoto’s disease का निदान किया जाता हैं।
  2. Thyroglobulin Antibodies (TGA Antibodies): ये एंटीबॉडीज थाइरॉइड ग्लोबुलिन प्रोटीन के खिलाफ उत्पन्न होते हैं और थाइरॉइड कैंसर की जांच में मदद कर सकते हैं।

TPO Antibodies का सामान्य स्तर कितना हैं? (TPO Antibodies normal range)

उम्र (Age)TPO Antibodies का सामान्य स्तर
(Normal Range in IU/ml)
0 – 6 दिन0 – 117
7 दिन – 3 महीने0 – 47
4 महीने – 11 महीने0 – 32
1 वर्ष – 5 वर्ष0 – 13
6 वर्ष – 10 वर्ष0 – 18
11 वर्ष – 19 वर्ष0 – 26
19 वर्ष से ऊपर0 – 34

थाइरॉइड एंटीबॉडी टेस्ट की कीमत क्या हैं?

भारत में थायराइड एंटीबॉडी टेस्ट की लागत ₹600 से ₹2,250 तक हो सकती है। यह लागत परीक्षण के प्रकार, परीक्षण को करने वाली प्रयोगशाला और कौन से एंटीबॉडी की जांच कर रहे है इस पर निर्भर करता हैं।

T3, T4 और TSH जांच से Thyroid रोग का निदान कैसे किया जाता हैं?

T3, T4 और TSH जांच की रिपोर्ट से थाइरॉइड रोग का निदान किया जाता हैं। ऐसे तो यह विषय काफी बड़ा है और थाइरॉइड रोग का निदान करने के लिए कई चीजों को ध्यान मे लिए जाता है पर यहाँ पर मैं सामान्य नागरिक को ध्यान मे रख कर सरल भाषा मे जानकारी देने की कोशिश कर रहा हूँ।

  1. हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism): यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें थायराइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा मे Thyroxine हार्मोन का उत्पादन नहीं करती है। इसमे रिपोर्ट में T3 और T4 के स्तर कम होते हैं, जबकि TSH का स्तर बढ़ जाता है।
  2. हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism): यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें थायराइड ग्रंथि बहुत अधिक मात्रा मे Thyroxine हार्मोन का उत्पादन करती है। T3 और T4 के स्तर बढ़ जाते हैं, जबकि TSH का स्तर कम हो जाता है।
रोग (Disease)T3T4TSH
स्वस्थ थाइरॉइड (Euthyroid)NormalNormalNormal
हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism)LowLowHigh
Sub Clinical (Mild) Hypothyroidism NormalNormal or LowHigh
हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism)HighHighLow
Sub Clinical (Mild) HyperthyroidismNormalNormalLow

Thyroid Profile Test से जुड़े सवालों के जवाब

T3 और T4 सामान्य है, लेकिन TSH अधिक है तो क्या होता हैं?

T3 और T4 सामान्य है, लेकिन TSH अधिक है तो इसका मतलब थाइरॉइड मे Thyroxine हॉर्मोन का निर्माण कम हो रहा है और इसलिए TSH की अधिकता हो रही है और इस स्तिथि को हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) कहा जाता हैं।

TSH क्या है ?

TSH या Thyroid Stimulating Hormone, यह एक हॉर्मोन हैं जो मस्तिष्क में पिट्यूटरी ग्रन्थि (Pituitary Gland) द्वारा निर्मित होता है। यह थायराइड ग्रंथि को Thyroxine (T4) और Triiodothyronine (T3) हार्मोन का उत्पादन करने के लिए उत्तेजित करता है।

TSH कम या ज्यादा होने का क्या मतलब हैं?

TSH कम होने का मतलब शरीर मे थाइरॉइड हॉर्मोन अधिक निर्माण हो रहा है और इस स्तिथि को Hypothyroidism कहा जाता हैं। TSH ज्यादा होने का मतलब थाइरॉइड हॉर्मोन शरीर मे कम मात्रा मे निर्माण हो रहा है और इस स्तिथि को Hypothyroidism कहा जाता हैं।

क्या थाइरॉइड फंक्शन टेस्ट भूके पेट करना जरूरी हैं?

हाँ, थाइरॉइड फंक्शन टेस्ट भूखे पेट करना जरूरी है। भोजन से थायराइड हार्मोन के स्तर को प्रभावित कर सकता है, जिससे परीक्षण के परिणाम असामान्य हो सकते हैं और आपको गलत रिपोर्ट मिल सकता हैं।
थायरॉइड फंक्शन टेस्ट आमतौर पर सुबह खाली पेट किया जाता है। आपको रात 10 बजे के बाद कुछ भी नहीं खाना चाहिए, और सुबह परीक्षण से पहले कम से कम 8 घंटे तक पानी भी नहीं पीना चाहिए।

कौन सा टीएसएच स्तर खतरनाक है?

टीएसएच का स्तर सामान्य से अधिक होना और सामान्य से कम होना यह दोनों स्तिथि खतरनाक साबित हो सकती हैं। टीएसएच शरीर मे थाइरॉइड हॉर्मोन के निर्माण मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसके स्तर मे गड़बड़ी होने पर थाइरॉइड हॉर्मोन्स मे भी बदलाव होता हैं।

टी एस एच क्यों बढ़ता है?

TSH, या थायराइड-उत्तेजक हार्मोन, एक हार्मोन है जो पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा बनाया जाता है। अगर किसी कारण थाइरॉइड ग्रन्थि मे थाइरॉइड हॉर्मोन का निर्माण कम होता है तो इसकी भरपाई करने के लिए पिट्यूटरी ग्रंथि से टी एस एच का ज्यादा निर्माण होता हैं।

अगर मेरा टीएसएच ज्यादा है तो मुझे क्या करना चाहिए?

यदि आपका टीएसएच अधिक है, तो इसका मतलब है कि थायराइड ग्रंथि पर्याप्त थायराइड हार्मोन का उत्पादन नहीं कर रही है। इससे हाइपोथायरायडिज्म हो सकता है। ऐसे मे आपको अपने डॉक्टर से मिलकर इसका इलाज करना चाहिए। अक्सर डॉक्टर ऐसी स्तिथि मे Levo Thyroxine या कृत्रिम थाइरॉइड हॉर्मोन की दवा दी जाती हैं।

अगर आपको यह Thyroid Profile Test का लेख उपयोगी लगता है तो कृपया इसे शेयर जरूर करे। अगर आपको थाइरॉइड जांच से जुड़ा कोई सवाल है तो कृपया नीचे कमेन्ट मे जरूर पूछे।

References:

  1. Laboratory Testing in Thyroid Conditions – Pitfalls and Clinical Utility – PMC – NCBI: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6143469/
  2. Thyroid Function Tests – American Thyroid Association: https://www.thyroid.org/thyroid-function-tests/

Leave a comment

नंगे पैर चलने से होते है यह 7 चमत्कारिक फायदे