डेंगू NS1, IgG और IgM टेस्ट क्या है | Dengue test in Hindi

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डेंगू रोग (Dengue Fever) के निदान लिए आमतौर पर डेंगू ऐन्टिजन टेस्ट (Dengue Antigen Test) की जाती हैं। अगर आपको तेज बुखार या रहा है और आपके CBC Blood test report मे अगर आपके Platelet count कम या रहे है तो डॉक्टर डेंगू का निदान करने के लिए आपको Dengue Antigen Card Test करने की सलाह दे सकते हैं।

डेंगू ऐन्टिजन टेस्ट क्या हैं? (Dengue Antigen Test in Hindi)

डेंगू रोग का निदान करने के लिए डेंगू ऐन्टिजन टेस्ट किया जाता हैं। इस जांच में डेंगू NS1, IgG और IgM टेस्ट डेंगू वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए किए जाने वाले तीन प्रकार के रक्त परीक्षण किए जाते हैं।

डेंगू NS1 Positive का क्या मतलब हैं?

NS1 एंटीजन टेस्ट डेंगू वायरस के संक्रमण का सबसे जल्दी पता लगाने वाला परीक्षण है। यह परीक्षण डेंगू वायरस द्वारा निर्माण होने वाले एक प्रोटीन, NS1 एंटीजन की उपस्थिति की जांच करता है।

अगर आपके रिपोर्ट मे डेंगू NS1 Positive आया है तो इसका मतलब आपको डेंगू वायरस का संक्रमण होकर 4 से 5 दिन से कम समय हुआ हैं। इस जांच के परिणाम शुरुआती 5 दिन मे ही सही होते है और अगर इस जांच मे देरी की जाए तो डेंगू संक्रमण होने के 5 दिन के बाद यह जांच Negative आ सकती हैं।

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डेंगू IgM Positive का क्या मतलब हैं?

IgM एंटीबॉडी टेस्ट डेंगू वायरस के संक्रमण के बाद शरीर द्वारा उत्पादित एंटीबॉडी की उपस्थिति की जांच करता है। IgM एंटीबॉडी संक्रमण के 2-5 दिनों के बाद रक्त में दिखाई दे सकती हैं और आमतौर पर 3-6 महीनों के भीतर गायब हो जाती हैं।

अगर आपके रिपोर्ट मे डेंगू IgM Positive आया है तो इसका मतलब आपको डेंगू वायरस का संक्रमण हाल ही मे (2 से 5 दिन) हुआ हैं। अगर आपके रिपोर्ट मे Dengue NS1 Negative है और Dengue IgM Positive है तो आपको डेंगू संक्रमण होकर 5 दिन से ज्यादा का समय हो चुका हैं।

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डेंगू IgG Positive का क्या मतलब हैं?

IgG एंटीबॉडी टेस्ट डेंगू वायरस के संक्रमण के बाद शरीर द्वारा निर्माण एंटीबॉडी की उपस्थिति की जांच करता है। IgG एंटीबॉडी डेंगू वायरस के संक्रमण के 14 दिनों के बाद रक्त में दिखाई दे सकती हैं और कई महीनों या वर्षों तक बनी रह सकती हैं।

अगर आपके रिपोर्ट मे डेंगू IgG Positive आया है तो इसका मतलब आपको डेंगू वायरस का संक्रमण होकर अधिक समय हो चुका हैं। अगर आपके रिपोर्ट मे केवल Dengue IgG Positive आता है तो इसका मतलब आपको डेंगू पहले हो चुका है। अगर किसी को भविष्य मे दुबारा डेंगू होता है तो यह डेंगू IgG रिपोर्ट पहले 2 दिनों मे भी Positive या सकता हैं। हमारा अनुभव यह है की जिस व्यक्ति मे पहले डेंगू हो चुका है उसे जब भविष्य मे दूसरी बार डेंगू होता है तो उसकी गंभीरता अधिक होती हैं।

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डेंगू NS1, IgG और IgM जांच से जुड़े सवालों के जवाब

डेंगू NS1, IgG और IgM टेस्ट मे कितना खर्च होता हैं?

डेंगू NS1, IgG और IgM टेस्ट मे 500 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक खर्च हो सकते हैं। यह लागत आप किस शहर में और किस लैब मे जांच करा रहे है उस पर निर्भर हैं।

डेंगू NS1, IgG और IgM टेस्ट Negative आने का क्या मतलब हैं?

डेंगू NS1, IgG और IgM टेस्ट Negative आने मतलब हैं की आपको डेंगू बुखार नहीं हैं। हालांकि, अगर डॉक्टर को लगता है की आपको डेंगू रोग ही है तो डॉक्टर आपको Dengue Elisa जांच कराने की सलाह दे सकते हैं जिसका परिणाम अचूक माना जाता हैं।

डेंगू NS1 टेस्ट कब किया जाना चाहिए?

डेंगू NS1 टेस्ट डेंगू वायरस संक्रमण का सबसे जल्दी पता लगाने वाला परीक्षण है। यह परीक्षण संक्रमण के पहले 5 दिनों के भीतर सकारात्मक (Positive) हो सकता है इसलिए बुखार आने के शुरुआती 3 दिनों मे ही यह जांच करानी चाहिए।

डेंगू IgG और IgM क्या हैं?

डेंग IgG और IgM डेंगू वायरस संक्रमण के निदान के लिए किए जाने वाले दो प्रकार के जांच हैं। ये परीक्षण शरीर में डेंगू वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी की उपस्थिति की जांच करते हैं।
1. IgG एंटीबॉडी डेंगू वायरस के संक्रमण के बाद शरीर द्वारा उत्पादित लंबे समय तक चलने वाली एंटीबॉडी हैं। ये एंटीबॉडी संक्रमण के कई महीनों या वर्षों तक बनी रह सकती हैं।
2. IgM एंटीबॉडी डेंगू वायरस के संक्रमण के जल्दी बाद शरीर द्वारा पहले यह antibody निर्माण होती हैं। ये एंटीबॉडी संक्रमण के 2-5 दिनों के बाद रक्त में दिखाई दे सकती हैं और आमतौर पर 3-6 महीनों के भीतर गायब हो जाती हैं।

कौन सा डेंगू टेस्ट सबसे अच्छा है?

डेंगू रोग के निदान के लिए डेंगू NS1 टेस्ट सबसे बेहतर जांच है क्यों की यह शुरुआती 3 दिनों के भीतर ही डेंगू रोग का निदान कर देता हैं।

डेंगू टेस्ट इतना महंगा क्यों है?

डेंगू टेस्ट महंगा होने के कई कारण हैं, जिनमें शामिल हैं:
1. टेस्ट की लागत: डेंगू टेस्ट के लिए आवश्यक उपकरण और रसायन महंगे हैं।
2. टेस्ट की जटिलता: डेंगू टेस्ट एक जटिल प्रक्रिया है जो विशेषज्ञता और कौशल की आवश्यकता होती है।
3. टेस्ट की मांग: डेंगू एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है, इसलिए डेंगू टेस्ट की मांग अधिक है।

डेंगू जांच कैसे की जाती हैं?

डेंगू जांच के लिए, रक्त का नमूना लिया जाता है। यह नमूना आमतौर पर एक हाथ की नस से लिया जाता है। नमूना लेने से पहले, डॉक्टर या नर्स आपको एक सुई से नस में एक छोटा सा छेद करेगी। फिर, वे एक सूई के दूसरे छोर को एक ट्यूब से जोड़ेंगे और रक्त को ट्यूब में खींच लेंगे।इसके बाद रक्त का नमूना एक प्रयोगशाला में भेजा जाता है, जहां इसे डेंगू वायरस के लिए परीक्षण किया जाता है। NS1 एंटीजन टेस्ट, IgG एंटीबॉडी टेस्ट और IgM एंटीबॉडी टेस्ट के लिए विभिन्न प्रकार की परीक्षण विधियों का उपयोग किया जा सकता है।डेंगू जांच के परिणाम आमतौर पर 1-2 दिनों के भीतर उपलब्ध होते हैं।

भारत मे बारिश के मौसम में डेंगू तेजी से फैलता हैं और डेंगू बुखार के निदान के लिए डेंगू NS1, IgG और IgM टेस्ट बेहद महत्वपूर्ण हैं। डेंगू मे प्लेटलेट्स तेजी से कम होते है इसके लिए Platelet count जानने के लिए CBC जांच भी बेहद जरूरी हैं।

अगर आपको डेंगू NS1, IgG और IgM टेस्ट की जानकारी का यह लेख उपयोगी लगता है तो कृपया इसे शेयर जरूर करे। अगर आपका इस जांच से को लेकर कोई सवाल है तो कृपया नीचे comment मे जरूर पूछे।

References:

  1. Testing for Dengue Virus – CDC: Diagnostic Tests for Dengue and Specimens
  2. Definitive tests for dengue fever – National Library of Medicine: Definitive tests for dengue fever: when and which should I use?

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