वैरिकोज वेन्स : कारण, लक्षण और ईलाज | Varicose Veins in Hindi

varicose veins causes symptoms treatment in Hindi

वैरिकोज वेन्स (Varicose Veins) को सामान्य हिंदी भाषा में हम ‘मकड़ी नस‘ भी कहते हैं, नसों का वह विकार है जिसमे नसे त्वचा की ऊपरी सतह पर उभरी हुई दिखाई देती हैं। ऐसे तो शरीर के किसी भी नस (Veins) में यह विकार हो सकता हैं पर ज्यादातर पैरों के नसों में यह समस्या अधिक पायी जाती हैं। सूजी हुई यह नसे लाल, नीली या हरी रंग की हो सकती हैं।

कुछ लोगों के लिए वैरिकोज वेन्स यह केवल एक सौन्दर्य समस्या हो सकती है तो कुछ लोगो में वैरिकोज वेन्स के कारण पैरों में अत्याधिक दर्द और अलसर तैयार हो सकते हैं। कभी-कभी इनमे से bleeding होने का खतरा भी रहता हैं।

वैरिकोज वेन्स के कारण, लक्षण और दुष्परिणाम से जुडी जानकारी नीचे दी गयी हैं :

वैरिकोज वेन्स के क्या कारण हैं ? (Varicose Veins causes in Hindi)

वैरिकोज वेन्स के कारणों की जानकारी निचे दी गयी हैं :
1. उम्र (Age) : जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है हमारे नसों की लवचीकता / Elasticity कम हो जाती है जिस वजह से नसों में मौजूद valves ढीले पड़ जाते हैं। यही कारण है की पैरों से दिल के तरफ जानेवाला कुछ ऑक्सीजन रहित / deoxygenated रक्त नसों में जम जाता है जिससे नसे नीली पड़ जाती है और फूलने लगती हैं।
2. गर्भावस्था (Pregnancy) : कुछ महिलाओं में गर्भावस्था में Varicose Veins की समस्या निर्माण हो जाती हैं। गर्भावस्था में पैरों से ऊपर की तरह बाह रहे रक्त का बहाव धीमा हो जाता हैं जिससे यह समस्या होती हैं।
3. आनुवंशिकता (Hereditary) : अगर आपके परिवार में यह समस्या किसी को है तो आपको यह समस्या होने की आशंका अधिक हैं।
4. मोटापा (Obesity) : मोटापे से पीड़ित व्यक्तियों में वैरिकोज वेन्स की समस्या अधिक रहती हैं।
5. काम (Job) : जो व्यक्ति लंबे समय तक खड़े रहने या बैठे रहने का काम करते हैं ऐसे लोगों में वैरिकोज वेन्स होने का जोखिम अधिक रहता हैं।
6. व्यायाम (Exercise) : ऐसे व्यक्ति जो किसी भी प्रकार का कोई व्यायाम नहीं करते हैं और आरामदायक जीवन जीते है ऐसे लोगो में Varicose Veins होने का जोखिम अधिक रहता हैं।

वैरिकोज वेन्स के लक्षण क्या हैं ? (Varicose Veins symptoms in Hindi)

वैरिकोज वेन्स में निचे दिए हुए लक्षण नजर आते हैं :
1. नसों में सूजन
2. नसों का रंग नीला / लाल या हरा पड़ना
3. नसों से रक्तस्त्राव होना
4. पैरों में सूजन
5. खून का जमना
6. खुजली आना
7. त्वचा का फटना

वैरिकोज वेन्स के क्या दुष्परिणाम हैं ? (Varicose Veins complications in Hindi)

वैरिकोज वेन्स के कारण निचे दिए हुए दुष्परिणाम हो सकते हैं :
1. जख्म (Ulcer) : Varicose Veins के कारण Varicose Veins के पास बेहद पीड़ादायक जख्म निर्माण हो सकती हैं। ऐसे जख्म ठीक होने में ज्यादा समय लेते है और इनमे दर्द अधिक होता हैं।
2. रक्त का जमना (Blood Clot) : अधिक समय तक रक्त एक जगह पर रहने से रक्त के जमने / clot होने का खतरा रहता हैं। जमे हुए रक्त का छोटा टुकड़ा टूट कर अगर ब्लड सर्कुलेशन में आ जाये तो ऐसा टुकड़ा फेफड़ो या मस्तिष्क में फंस कर जानलेवा साबित हो सकता हैं।
3. रक्तस्त्राव (Bleeding) : Varicose Veins अधिक फूलने से फट कर रक्तस्त्राव होने का खतरा रहता हैं।

Varicose Veins के विभिन्न दुष्परिणाम के बारे में जानकारी मिलने के बाद आपको यह ध्यान में आ गया होंगा की सामान्य सी दिखनेवाली यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती हैं। 

वैरिकोज वेन्स का ईलाज कैसे किया जाता हैं ? (Varicose Veins treatment in Hindi)

वैरिकोज वेन्स के लिए किये जानेवाले विभिन्न उपचार की जानकारी निचे दी गयी हैं :
1. खास जुराबे (Compression Stockings) : वैरिकोज वेन्स में धीमे पड़े हुए रक्त के बहाव को फिर से गति देने के लिए और वैरिकोज वेन्स में खून इखट्टा होने से रोकने के डॉक्टर रोगी को विशेष दबाव देने वाले जुराबे (socks) जिसे मेडिकल भाषा में Compression Stocking कहा जाता हैं, पहनने के लिए देते हैं। ऐसे जुराबे पहनने से Varicose Veins को शुरुआती दौर में ही रोका जा सकता हैं।
2. इंजेक्शन (Sclerotherapy) : अगर जुराबे पहनकर भी वैरिकोज वेन्स में कोई बदलाव नहीं आ रहा है तो ऐसे फूली हुई वैरिकोज वेन्स में डॉक्टर एक विशेष प्रकार का इंजेक्शन देते हैं जिससे ऐसे वैरिकोज वेन्स में रक्तप्रवाह बंद हो जाता है और वैरिकोज वेन्स मुरझा कर निकल जाते हैं। इसके लिए आपरेशन में दाखिल होने की जरुरत नहीं होती और नाही ही रोगी को बेहोश करना पड़ता हैं।
3. लेज़र (Laser Therapy) : आजकल बड़ी और छोटी Varicose Veins को लेज़र के नए तरीके से निकाला जाता हैं। Varicose Veins पर लेज़र लाइट देकर उन्हें बंद किया जाता है जिससे वह मुरझा कर निकल जाते हैं। इस उपचार में रोगी को कोई इंजेक्शन देने की भी जरुरत नहीं पड़ती हैं।
4. अन्य (Others) : ऊपर दिए हुए तरीको के अलावा जरुरत पड़ने पर Ligation-Stripping, Ambulatory Phlebectomy या Endoscopic Varicose Veins Surgery भी की जा सकती हैं। गर्भावस्था में निर्माण होनेवाली Varicose Veins की समस्या बिना इलाज के भी डिलीवरी के बाद 3 से 12 महीने में ठीक हो जाता हैं।
 

वैरिकोज वेन्स के आयुर्वेदिक उपचार और घरेलु नुस्खे क्या हैं ?

1. जीवनशैली (Lifestyle) : अगर आप सुस्त जीवनशैली जी रहे है तो तुरंत अपने जीवनशैली में बदलाव लाये। रोजाना कम से कम 1 घंटा कोई व्यायाम करे जैसे की चलना, जॉगिंग, दौड़ना, स्विमिंग, एरोबिक, साइकिल चलाना इत्यादि। लंबे समय तक लगातार बैठे या खड़े न रहे। अधिक भारी वजन न उठाये। रात को सोते समय पैरों के निचे 2 तकिये रखे। बैठते समय एक पैर के ऊपर दूसरा पैर मोड़कर न रखे।
2. कपडे (Cloths) : अधिक तंग / tight कपडे, जुराबे या जूते न पहने। हाई हील वाली सैंडल न पहने।
3. आहार (Diet) : संतुलित आहार ले। अधिक फास्टफूड या नमकीन या तलीहुई चीजों का सेवन न करे। खाने में नमक का प्रमाण कम रखे। अपने आहार में विटामिन B और विटामिन C युक्त आहार का समावेश अधिक करे जैसे की अमरुद, संतरा, बीटरूट, टमाटर, सूर्यफुल बीज, केला, अवाकाडो, रतालू इत्यादि। लहुसन, प्याज और अदरक जैसे एंटी ऑक्सीडेंट का सेवन करने से भी लाभ होता हैं।
4. मोटापा (Obesity) : अगर आपका वजन सामान्य से ज्यादा है तो इसे नियंत्रण मे करे।

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5. मसाज / Gentle Massage : पैरों को हल्का मसाज करने से लाभ मिल सकता हैं। पैरो को मसाज करते समय निचे लेटकर पैरो को ऊपर की ओर रखे और किसी व्यक्ति को पैरो के निचे से ऊपर की ओर हलके हाथों से मसाज करने को कहे। मसाज करने के लिए आप एरंडी का या सरसों का तेल उपयोग में ला सकते हैं। ध्यान रहे की मसाज करते समय अधिक बल का प्रयोग न करे।
6. मिटटी का लेप (Mud Pack) : रात को सोने से पहले अपने पैरों पर मुल्तानी मिटटी का लेप लगाकर सोए और सुबह उठने के बाद इसे धोकर निकाल दे। यह लेप सूखने के बाद Compression Stocking की तरह ही लाभ देता है और साथ में त्वचा को detoxify भी करता हैं।
7. आदतें (Habit) : शराब, धूम्रपान, गुटखा या तम्बाखू जैसे ख़राब आदतों से दूर रहे।
8. आयुर्वेद (Ayurveda) : वैरिकोज वेन्स से राहत मिलने के लिए आप अपने आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ब्राम्ही, जसद भस्म, चंद्रप्रभावटी, पुनर्नवादि गुग्गुल, सहचरादि कषाय, महामंजिष्ठादि कषाय, रस तैल, चंदनबला तैल इत्यादि का उपयोग कर सकते हैं। अर्जुन की छाल Varicose Veins में बेहद उपयोगी हैं। रात के समाय 200 ml दूध में स्वच्छ अर्जुन की छाल को उबाले और आधा रहने के बाद इसे छान कर पिने से 10 दिन में लाभ दिखने शुरू हो जाते हैं।

वैरिकोज वेन्स के रोगी को कौन से योग करना चाहिए ? (Yoga for Varicose veins in Hindi)

वैरिकोज वेन्स में Yoga करने से बेहद लाभ मिलता हैं। वैरिकोज वेन्स से राहत पाने के लिए निचे दिए हुए योग करने चाहिए। योग की विधि जानने के लिए योग के नाम के ऊपर click करे।
1. हलासन 
2. पवनमुक्तासन 
3. सर्वांगासन   
4. ताड़ासन 
5. सूर्यनमस्कार 
6. शवासन 
7. भस्त्रिका प्राणायाम 
इस तरह आप ऊपर दिए हुए उपाय को अपने डॉक्टर की सलाह से अपनाकर Varicose Veins की समस्या से बच सकते है और इसके असर को भी कम कर सकते हैं।

वैरिकोज वेन्स का समय पर उपचार और बचाव के तरीके अपनाकर आप इस रोग से होनेवाले दुष्परिणाम और परेशानी से बच सकते हैं।

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अगर आपको यह वैरिकोज वेन्स के कारण, लक्षण और ईलाज की जानकारी उपयोगी लगती है तो कृपया इसे शेयर ज़रूर करें। अगर आपको इस लेख में कोई जानकारी के विषय में सवाल पूछना है तो कृपया नीचे कमेंट बॉक्स में या Contact Us में आप पूछ सकते है। मैं जल्द से जल्द आपके सभी प्रश्नों के विस्तार में जवाब देने की कोशिश करूँगा।

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