वृक्षासन योग की विधि और फायदे | Tree pose in Hindi

vrikshasana yoga tree pose benefits in Hindi

वृक्षासन योग मे शरीर का आकार वृक्ष की भाति होता है इसलिए इसे Tree pose भी कहा जाता हैं। वृक्षासन का नियमित अभ्यास करने से body का balance ठीक हो जाता है । आज कल ठीक से न बैठने या सहारा लेकर या आगे झुककर खड़े रहने से की लोगों को spine से जुड़ी समस्या निर्माण हो रही हैं। वृक्षासन योग करने से हम अपने body का posture ठीक कर सकते है और spine से जुड़ी समस्या से निजात भी पा सकते हैं।

शरीर को संतुलित और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए वृक्षासन योग करना चाहिए । वृक्षासन योग कैसे करना चाहिए, इसके क्या लाभ है और सावधानी से जुड़ी जानकारी नीचे बतायी गई हैं।

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वृक्षासन योग कैसे करे ? (Tree Pose steps in Hindi)

वृक्षासन योग करने की विधि इस प्रकार हैं :

  • सबसे पहले एक समतल और स्वच्छ जगह योगा मेट या चटाई बिछाए।
  • अब इस पर सावधान के मुद्रा मे खड़ा हो जाए।
  • दोनों पैरों को सीधा रख एक दूसरे से जोड़कर रखे और दोनों हात को जांघ के पास सीधा रखे।
  • धीरे-धीरे दाए घुटने को मोड़ते हुए बाए जांघ पर रखे। एड़ी ऊपर और पंजे जमीन की तरफ होना चाहिए।
  • शुरुआत मे इसके लिए आप अपने हातों का सहारा भी ले सकते हैं।
  • अपने बाए पैर को मजबूती से जमीन पर जमा कर रखे।
  • अब लंबी गहरी सांस लेकर दोनों हातों को ऊपर उठाकर नमस्कार की मुद्रा मे हात जोड़कर रखे। आप नमस्कार छाती के सामने दोनों हाथों को जोड़कर कर सकते है या फिर सिर के सीधा ऊपर दोनों हथेलियों से नमस्कार कर सकते हैं।
  • गर्दन सीधी रखे और अपनी नजर सीधा सामने किसी वस्तु या बिन्दु पर रखे।
  • शरीर का संतुलन बनाकर रखे और सांस की गति सामान्य रखे।
  • यथाशक्ति इस मुद्रा मे रहे।
  • अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए दोनों हातों की नीचे लाए।
  • अब दायी टांग को भी जमीन पर लाए।
  • सीधे सावधान की मुद्रा मे खड़े रहे।
  • अब बाए पैर से इसी प्रक्रिया को दोहराए।

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वृक्षासन योग के फायदे क्या हैं ? (Health benefits of Vrikshasana Yoga)

वृक्षासन योग के नियमित अभ्यास से यह फायदे होते हैं :

वृक्षासन योग के शारीरिक लाभ:

  • संतुलन और समन्वय में सुधार: वृक्षासन आपके पैरों, टखनों और कूल्हों को मजबूत करता है, जिससे संतुलन (balance) और समन्वय (coordination) बेहतर होता है।
  • पीठ और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है: यह आसन रीढ़ की हड्डी को सीधा रखता है और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
  • पैरों को मजबूत बनाता है: वृक्षासन आपके पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, जिससे घुटनों और टखनों में दर्द कम होता है।
  • पाचन क्रिया में सुधार: यह आसन पाचन तंत्र को उत्तेजित करता है और पाचन क्रिया में सुधार करता है।
  • तनाव और चिंता कम करता है: वृक्षासन एकाग्रता और शांतता को बढ़ावा देता है, जिससे तनाव और चिंता कम होती है।
  • फ्लैट फ़ीट (Flat feet) : वृक्षासन योग से फ्लैट फ़ीट से पीड़ित रोगियों को लाभ होता है।
  • साइटिका (Sciatica) में उपयोगी: साइटिका रोगी के लिए यह आसन फायदेमंद हैं।

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वृक्षासन योग के मानसिक लाभ:

  • एकाग्रता और ध्यान में सुधार: वृक्षासन एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ाता है।
  • आत्मविश्वास में वृद्धि: यह आसन आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को बढ़ाता है।
  • मानसिक शांति: वृक्षासन मन को शांत करता है और तनाव और चिंता को कम करता है।

वृक्षासन योग के अन्य लाभ:

  • ऊर्जा का स्तर बढ़ाता है: वृक्षासन आपके शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है।
  • लचीलापन बढ़ाता है: यह आसन आपके शरीर को अधिक लचीला बनाता है।
  • नींद में सुधार: वृक्षासन अनिद्रा को दूर करने में मदद करता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है

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वृक्षासन योग में सावधानी क्या बरतें ?

  1. वृक्षासन योग करते समय आप का पैर जांघ पर ठीक से रखना चाहिए। पैर के पिछले भाग पर रखना से घुटनों पर दबाव पड़ सकता हैं।
  2. वृक्षासन योग आपको खाली पेट करना चाहिए। खाना खाने के बाद करना है तो खाने के 2 घंटे बाद करे।
  3. हाई ब्लड प्रेशर के रोगी अधिक समय तक हात उठाकर नमस्कार न करे।
  4. नींद की कमी या माइग्रेन के रोगी यह आसन न करे।
  5. शरुआत में योग विशेषज्ञ के देखरेख में और दिवार का सहारा लेकर यह योग करे।
  6. अगर आप को घुटनों, स्पाइन या कमर से जुडी कोई समस्या है तो अपने डॉक्टर से पूछ कर ही यह आसन करे।

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वृक्षासन किसे नहीं करना चाहिए?

वृक्षासन एक सरल और लाभकारी योगासन है, लेकिन कुछ लोगों को इसे करने से बचना चाहिए।

वृक्षासन न करें यदि:

  • आपको संतुलन बनाने में परेशानी होती है: यदि आपको संतुलन बनाए रखने में कठिनाई होती है, तो आप गिर सकते हैं और घायल हो सकते हैं।
  • आपको घुटने या टखने में चोट या दर्द है: यह आसन आपके घुटनों और टखनों पर दबाव डाल सकता है, जिससे दर्द बढ़ सकता है।
  • आपको उच्च रक्तचाप है: यह आसन आपके रक्तचाप को बढ़ा सकता है।
  • आपको गर्भवती हैं: गर्भावस्था के दौरान, आपके शरीर का संतुलन बदल जाता है, जिससे गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
  • आपको कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है: यदि आपको कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जैसे कि हृदय रोग या मधुमेह, तो यह आसन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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वृक्षासन योग से जुड़े सवालों के जवाब

वृक्षासन योग कितनी देर तक कर सकते है ?

वृक्षासन योग शुरुआत में आधा मिनिट तक करे और अभ्यास के साथ योग का समय 1 मिनिट करे। एक पैर से एक मिनिट ऐसे 8 से 10 मिनिट तक योग यथाशक्ति करे।

वृक्षासन का दूसरा नाम क्या है?

वृक्षासन का दूसरा नाम ध्रुवासन है। यह नाम इसलिए रखा गया है क्योंकि इस आसन में खड़े होने की मुद्रा एक ध्रुव (स्तंभ) की तरह होती है। वृक्षासन को अंग्रेजी में Tree Pose कहा जाता हैं।

वृक्षासन करने का सबसे बेहतर समय कौन सा हैं ?

वृक्षासन करने का सबसे बेहतर समय सुबह होता है क्योंकि इस समय शरीर और मन ऊर्जावान होता हैं। यदि आप सुबह वृक्षासन नहीं कर सकते हैं, तो आप इसे शाम को भी कर सकते हैं। शाम को वृक्षासन करने से आपको दिन भर की थकान और तनाव से मुक्ति मिल सकती है। रात में वृक्षासन करने से आपको अच्छी नींद आ सकती है।

इस तरह शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाये रखने के लिए आपको वृक्षासन योग जरूर करना चाहिए।

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