Yoga और Pranayama के लाभ

अगर आपको सुबह सुबह घर से बाहर निकलकर walk या exercise नहीं करना हैं, तो Yoga और Pranayama करें। रोजाना प्राणायाम करने से न सिर्फ आप रोग मुक्त रहेंगे बल्कि ऊर्जावान भी बने रहेंगे। प्राणायाम ऐसी क्रिया है जिसमें भले ही शारीरिक movement न हों लेकिन ऊर्जा शरीर के हर एक कोशिका को मिलती है। इसमें इस तरह से सांस ली जाती है कि शरीर के हर एक अंग तक oxygen पहुंच सके। इसके माध्यम से शरीर से कई विषैले पदार्थों को बाहर निकाला जा सकता है। नियमित तौर पर इसे करने से detoxification की प्रक्रिया होती है। साथ ही रोगप्रतिरोधक शक्ति / immunity भी सुधरता है।

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Health benefits of Yoga and Pranayama

Yoga और Pranayama के लाभ

80 हजार तंत्रिकाएं होती हैं शुद्ध

शरीर में मौजूद 80 हजार से ज्यादा तंत्रिकाएं प्राणायाम से शुद्ध होती हैं। इससे ऊर्जा का प्रवाह संतुलित रहने के साथ ही पूरा शरीर भी स्वस्थ रहता है। नियमित और सही तरीके से प्राणायाम करने से दिमाग और शरीर दोनों ही रोग मुक्त रहते हैं। अनुलोम- विलोम और भस्त्रिका आदि करने से हृदय संबंधी समस्याओं से लाभ मिलता है और दिल अच्छी तरह से काम करता है।

आप रहेंगे बीमारियों से दूर

रोजाना Yoga और Pranayama करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति में इजाफा होता है जिससे आप आसानी से seasonal flu जैसे बीमारी से पीड़ित नहीं होते हैं और बार-बार बीमार भी नहीं होते हैं। योग और प्राणायाम से शरीर का detoxification होता हैं, वजन नियंत्रण में रहता हैं, शारीरिक गतिविधि होती रहती है जिस कारण ह्रदय रोग, मधुमेह, मानसिक रोग होने का खतरा कम होता हैं।

Skin पर आता है Glow

प्राणायाम करने से ऑक्सीजन सभी अंगों तक आसानी से पहुंचती है जिसका असर पाचन क्रिया पर भी पड़ता है। पाचन तंत्र सुधरता है जिससे शारीरिक फिटनेस आने के साथ ही त्वचा पर भी चमक दिखाई देती है।

बढ़ती है एकाग्रता / Concentration

प्राणायाम से एकाग्रता, याददाश्त बढ़ने के साथ ही तनाव कम होता है। साथ ही मस्तिष्क की तंत्रिकाएं रिलैक्स होती हैं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ जाती है। यानी रक्त का संचार बढ़ जाता है और दिमाग को तनाव मुक्त होने में मदद मिलती है।

वजन भी होगा कम

प्राणायाम से शरीर पर पूरी तरह नियंत्रण रखने में मदद मिलती है। यही वजह है कि प्राणायाम में थोड़ी सी नियमितता आते ही बार-बार कुछ खाते रहने की इच्छा पर स्वतः ही ब्रेक लगने लग जाता है। इससे हमारे शरीर में होने वाला असंतुलन अपने आप ही कम होने लगता है। साथ ही पेट भी अंदर होता है।

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