मत्स्यासन योग की विधि और फ़ायदे

matsyasana fish pose steps and benefits in Hindi language

मत्स्यासन योग करते समय शरीर का आकार मछली की तरह होने के कारण इसे ‘मत्स्यासन’ (Matsyasana) और अंग्रेजी में ‘Fish Pose’ कहा जाता हैं। कमर ओर गले से संबंधित समस्या से परेशान लोगो के लिए यह एक श्रेष्ठ आसन हैं। 

Thyroid रोगी और Diabetes के रोगियों के लिए यह एक उपयोगी योगासन हैं। मत्स्यासन करने में थोड़ा कठिन होने की वजह से इस आसान को योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करे। 

मत्स्यासन की विधि, लाभ और सावधानी संबंधी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

मत्स्यासन योग कैसे करे ?

मत्स्यासन की विधि इस प्रकार हैं :

1. सबसे पहले पद्मासन में बैठ जाए। पद्मासन कैसे करते हैं यह जानने के के लिए यह पढ़े –पद्मासन विधि 
2. अब पीछे की ओर झुककर लेट जाइए। दोनों हाथो को आपस में बांधकर सिर के पीछे रखे अथवा पीठ के हिस्से को ऊपर उठाकर गर्दन मोड़ते हुए सिर के उपरी हिस्से को जमीन पर टिकाए।3. दोनों पैर के अंगूठे को हाथों से पकडे। कोंहनिया जमीन से सटी हुई रखे। एक से पांच मिनिट तक अभ्यास करे। 
3. जिन व्यक्तिओ को बारबार टोंसिल का दोष हो अथवा गले में खट्टापन रहता हो वो अंतिम स्तिथि में शितकारी प्राणायाम कर सकते हैं। 
4. इस आसन को सर्वांगासन करने के बाद करने पर ज्यादा लाभ होता हैं। 
5. कोंहनियो की सहायता लेते हुए वापस बैठ जाए। 
6. यह आसन करते समय श्वसन की गति नियमित रखे। 

मत्स्यासन योग करने के क्या फ़ायदे है ?

मत्स्यासन योग करने से होनेवाले विभिन्न फ़ायदे इस प्रकार है :

1. पेट के रोग : पेट के रोगों में उपयोगी हैं। 
2. हॉर्मोन रोग : थाइरोइड, मधुमेह, अग्नाशय ओर पाचन प्रणाली में लाभकारी। 
3. श्वास रोग : श्वास रोग को दूर भगाता हैं। 
4. मोटापा : पेट पर जमी अतिरिक्त चर्बी कम करने के लिए और मोटापा काम करने के लिए यह एक उपयोगी आसन हैं।  
5. मेरुदंड (Spine) : यह योग करने से मेरुदंड लचीला रहता है और मज़बूत बनता हैं।

मत्स्यासन योग में क्या सावधानी बरते ?

मत्स्यासन योग करते समय नीचे बतायी हुई सावधानी बरते :

1. रोग : घुटनों में दर्द, उच्च रक्तचाप, स्लिप डिस्क, ओर रीढ़ की समस्या होने पर इसे न करे। 
2. ख़ाली पेट : सुबह खाली पेट करे। 
3. आयु : 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे
4. रुकना : यह आसन करते समय अंतिम मुद्रा में न रुके। 
5. ब्लड प्रेशर : जिन लोगो का ब्लड प्रेशर बेहद ज्यादा या बेहद कम रहता है वह यह योग न करे। 
6. अनिद्रा : माइग्रेन और अनिद्रा से पीड़ित व्यक्ति यह योग क्रिया न करे। 
7. अलसर : हर्निया और पेप्टिक अलसर से पीड़ित यह योग न करे।
8. समय : मत्स्यासन योग करते समय अभ्यास के साथ समय को बढ़ाना चाहिए। योग करते समय कोई परेशानी होने पर डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की राय लेना चाहिए।

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