प्रोटीन क्या है और आहार स्त्रोत की जानकरी | Protein Food Source in Hindi

Protein veg non veg food source benefits in Hindi

प्रोटीन से जुडी पूरी जानकारी हिंदी में

प्रोटीन (Protein) भोजन का एक मुख्य आवश्यक तत्व है। आपको स्वस्थ रहना हो या Body और Muscles बनाना हो तो पर्याप्त मात्रा मे Protein लेना ज़रूरी है । Protein मानव शरीर के विकास और वृद्धि में सहायक पोषक तत्व है।यही तत्व शरीर की कोशिकाओं अर्थात् मांस आदि का निर्माण करता है। इसकी प्रचुर मात्रा भोजन में रहने से शरीर की कोशिकाओं का निर्माण और मरम्मत आदि का कार्य सुचारू रूप से जीवन भर चलता रहता हैं। 

हमारे शरीर के सभी प्रक्रियाओ को अलग-अलग मात्रा में और अलग-अलग समय पर Proteins कि जरुरत पड़ती है। शरीर हर समय Protein का इस्तेमाल करते रहता है और हमेशा इसकी पूर्ति करना आवश्यक है।

Protein में कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन तथा गंधक के अंश मिले रहते हैं। इसमें फास्फोरस भी हो सकता है। Protein में नाइट्रोजन की अधिकता रहती है। Fats और Carbohydrates कि तरह हमारा शरीर Protein को storage नहीं कर पाता है इसलिए स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए रोज आहार में Protein लेना आवश्यक है।

हमे रोजाना कितना प्रोटीन डाइट से मिलना चाहिए? (Daily Protein requirement of body)

मानव शरीर में कई प्रकार के Proteins पाये जाते है। हालांकि हमारा शरीर अधिकांश Amino acids, या Protein का निर्माण कर लेता है, लेकिन कुछ Protein हमें हमारे आहार से प्राप्त होते है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रति Kilogram वजन के अनुपात से मनुष्य को 1 gm Proteins की आवश्कता होती हैं अर्थात यदि वजन 50 Kg है तो नित्य 50 gm Protein की आवश्यकता होती है। अगर आप gym मे exercise करते है और body बनाना चाहते है तो आपको 1.5 gm/Kg से 2 gm/Kg तक प्रोटीन लेना चाहिए ।

Protein शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के भोजन में मौजूद पाया जाता है। आप चाहे तो अपने डॉक्टर की सलाह से Whey Protein का भी मात्रा मे उपयोग कर सकते है। चिकित्सा वैज्ञानिकों ने सिद्ध कर दिया है कि शरीर में जीवनीय तत्वों की कमी न हो तो शरीर रोगों से बचा रहता है। संक्रमणजन्य रोगों से बचाव के लिए Protein की अधिक आवश्यकता होती है।

सबसे ज्यादा प्रोटीन कौन से शाकाहारी खाने मे होता है? (Best Vegetarian source of Protein)

दाले, सोयाबीन, फलियाँ (मटर, बीन्स, मूंगफली इत्यादि), सुकेमेवे जैसे बदाम, Flax seed, सूर्यफुल बीज, तरबूज के बीज, ब्रॉक्ली, हरी सब्जियों, दूध, दही, पनीर और अनाजों में Protein पाया जाता है।

आप डॉक्टर कि सलाह अनुसार बाजार में उपलब्ध Proteins Supplement का भी उपयोग कर सकते है। 

सबसे ज्यादा प्रोटीन कौन से मांसाहारी खाने मे होता है? (Best Non Vegetarian source of Protein)

मांसाहार मे अण्डे की सफेदी, मछली, मांस, यकृत (Liver), वृक्कों (Kidney) और दिमाग से सर्वोत्तम किस्म की Proteins प्राप्त होती है।

प्रोटीन के क्या फायदे हैं? (Protein benefits in Hindi)

शरीर में Proteins कि आवश्यकता हर आयु और हर अवस्था में होती है। Proteins कि आवश्यकता और उसके फायदे संबंधी अधिक जानकारी निचे दी गयी है। 

  • शारीरिक मरम्मत: शरीर कि प्रत्येक रासायनिक प्रक्रिया को पूरा करने के लिए और शरीर के विकास तथा मरम्म्त के लिए Proteins कि आवश्यकता होती है। 
  • कोशिका निर्माण: Proteins हमारे शरीर कि निर्माणकारी घटक है। शरीर का विकास, मांसपेशियों कि सेहत, नयी कोशिकाओ का निर्माण और इनकी मरम्मत कार्य के लिए Proteins कि जरुरत पड़ती है। Tendons और Ligaments का बड़ा हिस्सा Proteins से बनता है। 
  • मजबूत हड्डियाँ: Proteins हड्डियों को भी मजबूत और स्वस्थ रखते है, बालो को पोषण देते है, नाखुनो को मजबूत बनाते है और त्वचा कि चमक को बनाए रखते है।  
  • Hormones: Proteins कुछ hormones के निर्माण में मदद करते है जैसे कि  Insulin जो कि रक्त में Sugar कि मात्रा का नियंत्रण करता है। इसके साथ ही Thyroid hormone कि स्वस्थ गतिविधि में भी मदद करता है। 
  • जिवानुरोधी (Antibodies): Proteins शरीर में Antibodies का निर्माण करते है जो Bacteria और Virus आदि कीटाणुओं से हमारी सुरक्षा कर शरीर कि रोग प्रतिकार शक्ति को बढ़ाते है।   
  • बचपन (Childhood): बचपन में बच्चों को Proteins की अधिक आवश्यकता होती है क्योंकि उनका शरीर विकास कर रहा होता है।
  • बुढ़ापा (Old Age): बुढ़ापे में भी शरीर को Proteins की अत्यधिक आवश्यकता होती है क्योंकि यह एक ऐसी अवस्था होती है जब Proteins जल्दी हजम हो जाता है। इस आयु में यदि Proteins की मात्रा घट गई तो जीवन शक्ति का अभाव हो जाता है। इसलिए इस अवस्था में खाद्य पदार्थों में Proteins की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए।
  • मसल्स बनाना: Bodybuilders के लिए muscles की growth और nutrition के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी होता है।

प्रोटीन की कमी के कारण क्या हैं? (Protein deficiency causes in Hindi)

प्रोटीन की कमी होने के कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:

  • अपर्याप्त पोषण: मांस, मछली, अंडे, डेयरी उत्पाद, फलियां, और नट्स प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। यदि आप इनमें से पर्याप्त भोजन नहीं खाते हैं, तो आपको प्रोटीन की कमी हो सकती है।
  • रोग: कुछ स्वास्थ्य स्थितियां, जैसे कि क्रोहन रोग या अल्सरेटिव कोलाइटिस, शरीर द्वारा प्रोटीन को अवशोषित करने की क्षमता को कम कर सकती हैं।
  • कुछ दवाएं: कुछ दवाएं, जैसे कि कुछ एंटीबायोटिक्स, प्रोटीन की कमी का कारण बन सकती हैं।

प्रोटीन की कमी से क्या होता है?

प्रोटीन की कमी से शरीर पर कई सारे दुष्परिणाम होता हैं। जैसे की:

  • मांसपेशियों में कमजोरी और थकान: प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से मांसपेशियों में कमजोरी, थकान और दर्द हो सकता है।
  • वजन कम होना: यदि आप पर्याप्त प्रोटीन नहीं खा रहे हैं, तो आपका शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को तोड़ना शुरू कर सकता है, जिससे वजन कम हो सकता है।
  • बालों का झड़ना और नाखूनों में कमजोरी: प्रोटीन बालों और नाखूनों का एक महत्वपूर्ण घटक है। इसकी कमी से बाल झड़ सकते हैं और नाखून कमजोर हो सकते हैं।
  • सूजन: एल्बुमिन नामक प्रोटीन रक्त में द्रव को बनाए रखने में मदद करता है। प्रोटीन की कमी से एल्बुमिन का स्तर कम हो सकता है, जिससे पैरों, टखनों और पेट में सूजन हो सकती है।
  • धीमी गति से घाव भरना: प्रोटीन ऊतक (tissues) मरम्मत के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से घाव धीमी गति से भर सकते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
  • त्वचा की समस्याएं: प्रोटीन त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसकी कमी से त्वचा शुष्क, खुजलीदार और दरार वाली हो सकती है।
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली: प्रोटीन प्रतिरक्षा प्रणाली (immunity) के कार्य के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से संक्रमण (infection) का खतरा बढ़ सकता है।
  • हड्डियों का कमजोर होना: प्रोटीन हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
  • मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं: प्रोटीन मस्तिष्क के कार्य के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से मूड में बदलाव, एकाग्रता में कठिनाई और अवसाद हो सकता है।

प्रोटीन से जुड़े सवालों के जवाब

स्तनपान के समय प्रोटीन का क्या महत्व है ? (Protein in Breastfeeding)

जिस प्रकार गर्भावस्था में माता को Proteins की अधिक आवश्यकता होती है। ठीक उसी प्रकार दूध पिलाने वाली माता को भी Proteins की आवश्यकता होती है। इस अवस्था में Proteins की कमी मां और बच्चा दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। दूध पिलाने वाली माताओं और गर्भवती स्त्री को दोनों प्रकार के Proteins देना चाहिए।

रोगी व्यक्ति के लिए प्रोटीन क्यों जरूरी है ? (Protein for Patients)

रोगों के बाद रोगी के शरीर की शक्ति बेहद कम हो चुकी होती है। इस अवस्था में रोगी दीन-हीन व असहाय हो जाता है। रोगी के शरीर के तंतु, कोशिकाएं आदि काफी टूट-फूट चुके होते हैं अत: उन्हें नई जीवन शक्ति और मजबूती प्रदान करने की खातिर अधिकाधिक दोनों प्रकार के Proteins देने चाहिए ताकि शरीर की खोई हुई शक्ति को पुन: प्राप्त कर सके। जिन लोगों को रोगों के बाद या operation के बाद उचित खाद्य Proteins नहीं मिलते उनके पुन: रोगी हो जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। प्रोटीन लेने से रोग प्रतिरोधक शक्ति मजबूत होने मे मदद मिलती है ।

खिलाड़ी या बॉडी बिल्डर्स के लिए प्रोटीन क्यों जरूरी है ? (Protein for Athlete and Body Builders)

सक्रिय लोगो और खिलाडिओं में स्थिर जीवनशैली वाले लोगो के मुकाबले ज्यादा Proteins कि जरुरत होती है। खिलाडी, Weight-lifters, Bodybuilders और ऐसे अन्य लोगो को ताकत, मांसपेशिया और कोशिकाओ के निर्माण और मरम्म्त के लिए तथा बेहतर प्रदर्शन के लिए Proteins कि जरुरत होती है।  

क्या प्रेगनेंसी में प्रोटीन जरुरी हैं? (Protein in Pregnancy)

गर्भावस्था में मां के साथ-साथ गर्भ में पल रहे बच्चे को भी  Proteins की अत्यधिक आवश्यकता होती है। Proteins गर्भ में पल रहे बच्चे की शरीर के विकास में जरूरी होते है। मां के स्वास्थ्य के लिए भी Proteins जरूरी है । Proteins की कमी इस अवस्था में मां और गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है। अत: यह अति आवश्यक है कि गर्भावस्था में माता को Proteins युक्त खाद्य अधिक से अधिक प्रयोग कराया जाए।

उच्च प्रोटीन वाले शाकाहारी भोजन और उनकी प्रोटीन मात्रा (प्रति 100 ग्राम) की जानकारी

भोजन का नामप्रोटीन मात्रा (प्रति 100 ग्राम)
मसूर की दाल24
राजमा21
चना17
उड़द की दाल13
मूंग दाल12
टोफू8
टेम्पे18
सोयाबीन की मीट21
काजू5
बादाम6
पिस्ता6
चिया सीड्स5
कद्दू के बीज7
क्विनोआ8
बाजरा6
जौ3
ब्रोकली3
पालक2
मशरूम2
शतावरी2
पनीर20
दही5
खमीर14

क्या आप जानते है : Whey Protein Supplement लेने के क्या नुकसान है ?

दिन में कम से कम दो बार Proteins युक्त आहार लेना अच्छा होता है। शरीर को सही मात्रा में आवश्यक Proteins देने के लिए कई तरह कि चीजे खाना जरुरी होता है। स्वस्थ, तदूरस्त और निरोगी जीवन जीने के लिए संतुलित और विविधतापूर्ण आहार ले। 

जरूर पढ़े – विटामिन बी १२ की कमी को कैसे दूर करे ?

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18 thoughts on “प्रोटीन क्या है और आहार स्त्रोत की जानकरी | Protein Food Source in Hindi”

  1. Dear Ashwani Sharmaji,

    It is like asking which is better poison ! Personally, I will always advice to stay away from any type of alcohol as there are many other healthy food and drinks available to enjoy.

    Beer has more carbs and less alcohol while whisky has more alcohol and less carbs.

  2. Ser,me daily gym karta hu .or mery hight ke hisab se mera wait 7 kg jada he jise me cnrrl kar rha hu ti kya me protine powder le skta hu. Or kya fat cuter producte ke sath protin lena sahu he ya nai. Khas makshad abhi wait kam karke mascuker body banana he? Ols ansr me

  3. देव,
    यह जानकार ख़ुशी हुई की आप अपने शरीर को स्वस्थ रखने के प्रति जागरूक है और इसके लिए मेहनत कर रहे हैं. वजन कम करने के लिए और मस्कुलर शरीर बनाने के लिए आहार के साथ आपको व्यायाम और योग भी करना चाहिए. आप पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन ले सकते है, इससे कोई नुक्सान नहीं हैं !

  4. Sir muje thyroid hai or abhi kuch do tin din se subah muh dhote time cough k sath blood aa raha hai to kya vo thyroid ki vajah se ya kisi or vajah se ho sakta hai sir

    Or char din se bas khansi aa rahi hai na to sardi hai

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