Turmeric Milk: हल्दी वाला दूध, सेहत के लिए अमृत

haldiwala dudh ke fayde

हल्दी वाला दूध (Turmeric and Milk), जिसे अक्सर Golden Milk के नाम से भी जाना जाता है, सदियों से स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और विभिन्न बीमारियों से बचाव में एक पारंपरिक आयुर्वेदिक पेय के रूप में इस्तेमाल होता आया है। हल्दी के औषधीय गुण, जब दूध के पोषण-तत्वों के साथ मिलते हैं, तो एक ऐसा शक्तिशाली पेय बनता है जो शरीर के लिए अनगिनत फायदेमंद होता है। आइए इस लेख में हल्दी वाले दूध के बनाने की विधि, कब पीना चाहिए, इसके फायदों, सावधानियों और इसमें मौजूद पौष्टिक तत्वों के बारे में जानते हैं।

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घर पर हल्दी वाला दूध कैसे बनाए ?

हल्दी वाला दूध बनाने की विधि

सामग्री:

  • एक गिलास दूध
  • 1/4 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
  • 1/2 छोटा चम्मच घी
  • स्वादानुसार शक्कर, शहद या गुड़
  • चुटकी भर काली मिर्च पाउडर (वैकल्पिक)

विधि

  1. सबसे पहले दूध को मध्यम आंच पर हल्का गर्म करें।
  2. गर्म दूध में हल्दी पाउडर व घी मिलाएं।
  3. अच्छी तरह से मिलाएं और लगभग 5 मिनट तक उबालें।
  4. आंच से उतारने के बाद स्वाद के लिए शक्कर, शहद या गुड़ मिलाएं।
  5. छानकर इस स्वादिष्ट और सेहतमंद दूध का गरमागरम आनंद लें।

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हल्दीवाला दूध कब पीना चाहिए ?

हल्दी वाला दूध पीने का सबसे अच्छा समय

  • रात में सोने से पहले: गुणकारी हल्दी वाला दूध पीने से अच्छी और गहरी नींद आने में मदद मिलती है। यह तनाव दूर कर शरीर को आराम देता है।
  • सर्दी-जुकाम के दौरान: सर्दी, जुकाम, खांसी या फिर हल्के बुखार में हल्दी वाला दूध एक प्राकृतिक औषधि का काम करता है।
  • पाचन संबंधी समस्याओं के लिए: पेट दर्द, अपच, गैस या एसिडिटी में हल्दी वाला दूध कारगर घरेलू उपाय है।

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हल्दी और दूध के पोषक तत्वों की जानकारी

पोषक तत्वहल्दीदूध
कैलोरी32 kcal61 kcal
कार्बोहाइड्रेट6.3 g4.8 g
प्रोटीन0.9 g3.3 g
वसा0.3 g3.3 g
फाइबर2.1 g0 g
विटामिन C25 mg0 mg
विटामिन B120 mcg0.9 mcg
कैल्शियम16 mg276 mg
आयरन0.5 mg0.1 mg
मैग्नीशियम26 mg53 mg
पोटेशियम207 mg325 mg
जिंक0.3 mg1 mg

हल्दीवाला दूध पीने के क्या फायदे हैं ?

हल्दी वाले दूध के अद्भुत फायदे

  • शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर: हल्दी में करक्यूमिन नामक केमिकल प्रचुर मात्रा में होता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट है। यह शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है और शरीर की सूजन को भी कम करता है।
  • पाचन क्रिया में सुधार: अपच, कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याओं में हल्दी वाला दूध राहत देता है। यह अच्छे गट बैक्टीरिया के विकास में भी मदद करता है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए: हल्दी के एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ने से व्यक्ति बार बार बीमार नहीं होता हैं।
  • सूजन और जोड़ों के दर्द में आराम: हल्दी वाला दूध में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत देते हैं, खासकर रात में सोने से पहले इसको पीने से फायदा होता है।
  • त्वचा और बालों की सेहत के लिए लाभकारी: हल्दी का एंटी-बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक प्रभाव मुंहासों को कम करता है, त्वचा में चमक लाता है। यह बालों की सेहत के लिए भी फायदेमंद है।

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हल्दी वाले दूध की पौष्टिकता

हल्दी वाला दूध कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन, और खनिजों से भरपूर होता है।

  • कैल्शियम: हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी।
  • प्रोटीन: ऊतकों की मरम्मत और विकास में महत्वपूर्ण।
  • विटामिन डी: मजबूत हड्डियों और प्रतिरक्षा में मदद करता है।
  • पोटेशियम: सामान्य रक्तचाप के स्तर को बनाए रखने में सहायक।

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हल्दी वाला दूध किसे नहीं पीना चाहिए

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं: ऐसे में इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
  • पित्त की पथरी वाले व्यक्ति: जिनको पित्त की पथरी (Gall Bladder Stone) की समस्या हो, ऐसे लोग बिना डॉक्टरी सलाह के हल्दी वाले दूध का सेवन न करें।
  • रक्त के थक्के न बनने से सम्बंधित बीमारी वाले: हल्दी का अधिक सेवन खून को पतला कर सकता है और ऐसे लोगों के लिए समस्या बन सकता है।
  • एलर्जी वाले लोग: किसी भी रूप में हल्दी से एलर्जी, जैसे लाल त्वचा होना या सांस लेने में कठिनाई आदि, इन परिस्थितियों में भी किसी भी तरह से हल्दी या हल्दी वाले दूध के सेवन से बचें।

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हल्दीवाला दूध से जुड़े सवालों के जवाब

क्या पुरुष हल्दी वाला दूध पी सकते हैं?

कई लोगों का मानना है की पुरुष में हल्दीवाला दूध पीने से शुक्राणु या स्पर्म की संख्या घट जाती है पर इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं। हल्दी में anti oxidants होते है और इस वजह यह यौन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं।

एक गिलास दूध में कितना हल्दी डालकर पीना चाहिए?

सामान्य तौर पर, एक गिलास दूध में 1/4 छोटा चम्मच (एक चुटकी) से 1/2 छोटा चम्मच हल्दी डालना पर्याप्त होता है। आप अपनी पसंद और स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुसार हल्दी की मात्रा को निर्धारित कर सकते हैं।

हल्दी वाला दूध कितने दिन तक पी सकते हैं?

हल्दी वाला दूध कितने दिन तक पी सकते हैं, यह आपके स्वास्थ्य और हल्दी की मात्रा पर निर्भर करता है। यदि आप हल्दी वाले दूध का सेवन सामान्य स्वास्थ्य लाभ के लिए कर रहे हैं, तो आप इसे रोजाना या हफ्ते में 3-4 बार पी सकते हैं। यदि आप हल्दी वाले दूध का सेवन किसी विशिष्ट स्वास्थ्य समस्या, जैसे कि गठिया या सर्दी-जुकाम के लिए कर रहे हैं, तो आप इसे दिन में 2-3 बार पी सकते हैं। अगर आप कम मात्रा में हल्दी (1/4 छोटा चम्मच) का उपयोग कर रहे हैं, तो आप इसे अधिक बार पी सकते हैं। यदि आप अधिक मात्रा में हल्दी (1/2 छोटा चम्मच या उससे अधिक) का उपयोग कर रहे हैं, तो आपको इसे कम बार पीना चाहिए। आपको यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हल्दी का अत्यधिक सेवन से पेट खराब होना, दस्त और एलर्जी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती है। यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो हल्दी वाले दूध का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

क्या हल्दी शुक्राणु के लिए खराब है?

कुछ अध्ययनों से पता चला है कि हल्दी शुक्राणुओं की गुणवत्ता और गतिशीलता में सुधार कर सकती है, जबकि अन्य अध्ययनों में कोई प्रभाव नहीं देखा गया है। हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट होते है और यह टेस्टोस्टेरॉन बढ़ाता है इसलिए इससे शुक्राणु को लाभ ही होता हैं।

क्या हल्दीवाला दूध खाली पेट पीना चाहिए ?

हल्दीवाला दूध रात को खाना खाने के दो घण्टे बाद सोने से पहले लेना ज्यादा बेहतर होता हैं। कुछ लोगो खाली पेट हल्दी वाला दूध पीने से पेट में जलन, एसिडिटी या दस्त की समस्या है हो सकती है तो आपको खाली पेट हल्दी वाला दूध नहीं पीना चाहिए।

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अतिरिक्त टिप्स

  • अधिक लाभ के लिए आप इसमें एक चुटकी काली मिर्च का पाउडर भी डाल सकते हैं।
  • दूध उबालने के बाद ही ताज़ा पिसी हल्दी मिलाना अधिक गुणकारी होता है।

ध्यान दें: हल्दी वाला दूध, अगर नियमित रूप से एक निश्चित मात्रा में लिया जाए तो यह हमारे पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। हालांकि किसी भी गंभीर बीमारी या स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।

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