मधुमेह के लक्षण और दुष्परिणाम क्या हैं ? |Diabetes symptoms in Hindi

diabetes symptoms in Hindiकई लोगों को लंबे समय से मधुमेह (Diabetes) होता है पर इसके लक्षणों (Symptoms) की अधिक जानकारी न होने से इसका पता नहीं चलता हैं। किसी अन्य परेशानी के लिए रक्त की जांच करने पर डायबिटीज का अकस्मात निदान होता है और तब तक रोगी के शरीर पर डायबिटीज का प्रतिकूल परिणाम हो चूका होता हैं।

आज दुनियाभर में सबसे अधिक डायबिटीज के मरीज भारत में हैं। लगभग हर 5 में से एक भारतीय को डायबिटीज हैं। डायबिटीज केवल एक रोग नहीं है, इसे आप Slow Poison भी कह सकते हैं क्योंकि यह धीरे-धीरे रोगी को अंदर से खोकला कर शरीर के सभी अंग को ख़राब कर देता हैं।

डायबिटीज के लक्षण की जानकारी होने पर आप इसकी पहचान तुरंत कर सकते है और इसका उपचार समय पर शुरू कर सकते हैं। डायबिटीज के लक्षणों की जानकारी और होनेवाले दुष्परिणाम की जानकारी नीचे दी गई है। 

मधुमेह के लक्षण क्या हैं ? (Diabetes symptoms in Hindi)

1. बहुत ज्यादा और बार बार प्यास लगना – Increased thirst
2. बार बार पेशाब आना – Polyuria  
3. बार-बार भूक लगना – Polyphagia  
4. दृष्टी धुन्धुली होना – Diminished vision
5. अकारण थकावट महसूस होना – unexplained weakness
6. अकारण वजन कम होना – unexplained weight loss
7. घाव ठीक न होना या देर से घाव ठीक होना  – Delayed healing of wound
8. बार बार पेशाब या रक्त में संक्रमण होना – Repeated Urine infection
9. खुजली या त्वचा रोग – Itching or skin disease  
10. सिरदर्द – Headache    
जरूरी नहीं है की यह सभी लक्षण मधुमेह के हर रोगी मे होंगे। अगर इन सभी लक्षणों मे से कोई भी 2 से 3 लक्षण आपको नजर आते है तो एहतियात के तौर पर डॉक्टर से मिलकर जाँच करा लेना चाहिए।

कृपया ध्यान दे :
1. Type 1 Diabetes में लक्षणों का विकास काफी तेजी से (हफ्तों या महीनो) हो सकता है। 
2. Type 2 Diabetes में लक्षणों का विकास बहुत धीरे-धीरे होता है और लक्षण काफी कम हो सकते है। 

मधुमेह मे रक्त मे शुगर की मात्रा कितनी होनी चाहिए ? (Diabetes Blood Sugar levels in Hindi)

1. खाली पेट प्लाज्मा ग्लूकोस (Fasting Blood Sugar) : 126 mg/dl 
2. भोजन शुरू करने के दो घंटे बाद प्लाज्मा ग्लूकोस (Post Prandial Blood Sugar) : 150 mg /dl 
3. हर 6 महीनो में HbA1C की जाँच जिसकी मात्रा : 7% से कम रहनी चाहिए
4. रक्तचाप (Blood Pressure) : 130/80 mmHg 
5. Body Mass Index  (Weight / Height in Meter²)  : 20 से 23 Kg/m ² के बिच होना चाहिए  
6. कमर / नितम्ब अनुपात पुरुष में : 0.9 और महिलाओं में : 0.85 
ध्यान दे : ऊपर दी हुई सभी level मधुमेह के रोगी के लिए बतायी गयी है। सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए मात्रा अलग है।

मधूमह मे आँखों पर क्या दुष्परिणाम होते है ?

1. आँखों का बार-बार संक्रमित होना
2. चश्मे का नंबर बार-बार बदलना
3. सफ़ेद मोतियाबिंद या काला मोतियाबिंद
4. एकाएक आँखों की रोशनी कम हो जाना
5. अँधापन होना
मधुमेह के मरीज को साल में कम से कम एक बार आँखों की जांच करा लेनी चाहिए।

मधुमेह मे नसों पर क्या दुष्परिणाम होते है ?

अनियंत्रित और लम्बे समय से मधुमेह के रोगियों में बढ़ी हुई ग्लूकोस की मात्रा की वजह से हमारे शरीर की तंत्रिका प्रणाली (Nervous System) प्रभावित हो जाती है। प्रभावित तंत्रिका प्रणाली में निम्नलिखित लक्षण देखे जाते है।
1. तंत्रिका तंत्र का प्रभावित होना जिसकी वजह से संवेदनशुन्यता (numbness) होना। 
2. हात और पैरो में झुनझुनी (tingling) या दंश का एहसास होना। 
3. पैरो में दर्द की समस्या उत्पन्न होना। 
मधुमेह के रोगी से सलाह है की हमेशा अपने डॉक्टर द्वारा हर ६ महीनो में पैरो की सवेदनक्षमता (Diabetic Neuropathy) की जाँच करते रहे ताकि शुरूआती स्तर पर ही इलाज शुरू किया जा सके।

मधुमेह मे किडनी पर क्या दुष्परिणाम होते है ?

हमारे शरीर में गुर्दों (Kidneys) में बहुत सी सूक्ष्म रक्त वाहिकाए होती है, जो रक्त को साफ करने का काम करती है। मधुमेह के कारन अधिक ग्लूकोस की मात्रा इन रक्तवाहिकाओ को नुक्सान पहुचाती है और धीरे-धीरे गुर्दे काम करना बंद (Kidney failure) कर देते है।
 
मधुमेह में गुर्दों पर प्रभाव पड़ने पर निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते है ;
1. किडनी में खराबी जिसके फलस्वरूप मूत्र में अत्यधिक प्रोटीन का रिसाव होना – Proteinuria
2. शरीर में सुजन – Swelling our body 
3. उच्च रक्तचाप – High Blood Pressure
4. कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना – Atherosclerosis
5. कमजोरी – Weakness
6. भूक न लगना – Loss of appetite
7. कम पेशाब होना – Decreased urine output

मधुमेह मे पैरों पर क्या दुष्परिणाम हो सकता है ? (Diabetic foot in Hindi)

अनियंत्रित डायबिटीज के कारण पैरो में तंत्रिका क्षति और कम रक्त प्रवाह होने से अंगो में दर्द का एहसास नहीं होता है। इस कारण वश यदि कोई चोट पाँव में लगाती है और उस पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो वह अंत में संक्रमण होने से घाव का रूप ले लेती है। 
कुछ मरीजो में यह घाव बढ़कर गैंग्रीन (Gangrene) हो सकता है जिसके फलस्वरूप पैर को काटना (Amputation) भी पड़ सकता है। 

मधुमेह मे हृदय पर क्या दुष्परिणाम हो सकता है ?

1. मधुमेह मे शुगर लेवल बढ़ने से रक्त धमनी की लवचिकता (elasticity) कम हो जाती है और Cholesterol बढ़ने से रक्त धमनी मे अवरोध होने का खतरा रहता है।
2. डायबिटीज के रोगियों में दिल का दौरा पड़ने का खतरा सामान्य व्यक्तियो से दोगुना होता है। 
3. ह्रदय की गति रुक जाने का जोखिम बढ़ना।

शरीर मे शुगर की मात्रा कम होने के क्या लक्षण है ? (Hypoglycemia symptoms in Hindi)

मधुमेह के मरीज अगर दवा लेने के बाद खाना नहीं खाते है या हमेशा से कम खाना खाते है तो खून में ग्लूकोस की मात्रा सामान्य से कम (Hypoglycemia) हो जाती है। शरीर में दिमाग की कोशिकाओ को उर्जा के लिए पर्याप्त मात्रा में ग्लूकोस की आवश्यकता होती है।Hypoglycemia में दिमाग की कोशिकाओ को ग्लूकोस न मिलाने पर गंभीर असर हो सकता है।
Hypoglycemia के लक्षण निचे दिए गए है :
1. सिरदर्द                                                  
2. दोहरा दिखाई देना 
3. धुन्दला दिखाई देना 
4. ज्यादा भूक लगना 
5. चक्कर आना 
6. भ्रम पैदा होना
7. धड़कन तेज चलना  
8. बहोत पसीना आना 
9. चिडचिडापन 
10. थकावट महसूस होना 
11. बेहोशी 
मधुमेह के रोगी व्यक्ति में ऊपर के लक्षण दिखने पर तुरंत कुछ मीठा खाने के लिए देना चाहिए और तुरंत नजदीकी दवाखाने में लेकर जाना चाहिए।
 
ध्यान रहे : शरीर में खून के अन्दर ग्लूकोस की मात्रा बढ़ने से ज्यादा खुन में ग्लूकोस की मात्रा कम हो जाना ज्यादा नुक्सानदेह है।

जरूर पढ़े – डायबिटीज के रोगी कौन सा फल खा सकते हैं ?

अगर आपको यह मधुमेह के लक्षण और मधुमेह से होनेवाले दुष्परिणाम की जानकारी सरल हिन्दी भाषा मे पढ़ना पसंद आया है तो कृपया इस लेख को शेयर अवश्य करे। अगर आपका मधुमेह को लेकर कोई सवाल है तो comment box मे जरूर पूछे।

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