लू लगने (Sunstroke) के लक्षण, उपचार और बचने के उपाय

loo lagne par kya kare

हर वर्ष पृथ्वी पर पेड़ों की संख्या में कमी और बढ़ते प्रदुषण के चलते तापमान में इजाफा हो रहा हैं। भारत में ऐसे कई प्रदेश है जहाँ पारा हाफ सेंचुरी के नजदीक पहुंच चूका हैं। ऐसा भीषण गर्मी और पानी की किल्लत के चलते लु लगने (ऊष्माघात) का खतरा बढ़ रहा हैं। भारत में हर वर्ष लु लगने या Heat / SunStroke (Hyperthermia) के कारण हजारों लोगो की मृत्यु हो जाती हैं।

लु लगने पर तुरंत उपचार करना बेहद आवश्यक हैं वरना शरीर का तापमान अधिक बढ़ जाने से किडनी, लिवर, ह्रदय और दिमाग पर इसका बुरा असर पड़ सकता हैं। भारत जैसे देश में जहां अधिकतर समय तापमान ज्यादा ही रहता है सभी लोगों को लू लगने से जुडी जानकारी का पता होना जरुरी बन जाता हैं।

लु लगने (Sunstroke) के लक्षण, उपचार और एहतियात के संबंधी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

लु लगने के लक्षण क्या हैं ? (Sunstroke symptoms in Hindi)

लु लगने के लक्षण हार्ट अटैक के समान भी हो सकते हैं। ज्यादातर लु लगने में निचे दिए हुए लक्षण पाए जाते हैं –

  1. जी मचलाना
  2. उलटी होना
  3. कमजोरी
  4. सिरदर्द
  5. हात-पैर में दर्द और जकड़न
  6. चक्कर आना
  7. शरीर का तापमान बढ़ना (105 सेल्शियस से भी अधिक)
  8. त्वचा लाल होना
  9. नाड़ी तेज चलना
  10. सांस लेने में तकलीफ
  11. संभ्रम की स्तिथि
  12. फिट आना
  13. बेहोशी इत्यादि

लु लगने का खतरा किसे अधिक होता हैं ?

लु लगने का खतरा अत्याधिक गर्मी और शरीर में पानी की कमी होने के कारण अधिक होती हैं। लु लगने का अधिक खतरा निचे दिए हुए लोगों को होती हैं।
  1. छोटे बच्चे – शरीर का तापमान नियंत्रक प्रणाली पूरी तरह विकसित न होने के कारण।
  2. वृद्ध – इनमे शरीर में पानी की कमी होने का खतरा अधिक रहता हैं।
  3. खिलाडी – इनमे अधिक पसीना आने से पानी की कमी होने का खतरा अधिक रहता हैं।
  4. धुप में काम करने वाले मजदुर
  5. कार में बैठे बच्चे

लु लगने पर कैसे ईलाज किया जाता हैं ? (Sunstroke Treatment in Hindi)

लु लगने पर निचे दिए हुए उपचार और प्राथमिक उपचार (First Aid) करना चाहिए।
  1. लु लगने या सन स्ट्रोक लगने पर हमारा पहला उद्देश्य रोगी के शरीर का तापमान को कम करना होना चाहिए।
  2. रोगी को एक ठंडी या छाव वाली जगह पर ले जाये और पंखा / AC शुरू करे।
  3. एम्बुलेंस या डॉक्टर को फोन करे। वैद्यकीय सेवा रोगी को मिलने तक निचे दिया हुआ प्राथमिक उपचार करे।
  4. रोगी के सिर पर गिला कपडा या टॉवल रखे।
  5. उसके कपडे खोले और उस पर ठन्डे पानी का छिड़काव करे। उसके शरीर के पास, बगल में, जांघ में आप बर्फ भी रख सकते हैं।
  6. अगर वह होश में है तो उसे ठंडा पानी पिने के लिए दे।
  7. थर्मामीटर से उसका तापमान मांपते रहे और जब तक शरीर का तापमान 101 डिग्री सेल्शियस या इससे कम नहीं होता, ठंडक देना शुरु रखे।

सन स्ट्रोक से बचने के लिए क्या एहतियात बरतने चाहिए ? (Sunstroke prevention tips in Hindi)

लु या हीट स्ट्रोक से बचने के लिए निचे दी हुई सावधानी / एहतियात बरतने चाहिए :
  • पानी / Water : हीट स्ट्रोक लगने पर रोगी को सबसे अधिक खतरा शरीर में पानी की कमी होने का भी रहता हैं। ऐसे में भरपूर पानी पिना चाहिए।
  1. अगर आप गर्मी के दिनों में परिश्रम का काम कर रहे है या अधिक पसीना आ रहा है तो रोजाना से कम से कम 1 लीटर पानी अधिक पीना चाहिए।
  2. आप शरबत, फ्रूट जूस, निम्बू पानी, नारियल पानी जैसे पेय पि सकते है पर चाय, कॉफ़ी, शराब और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे कैफीन युक्त पेय नहीं पीना चाहिए। इनसे शरीर में पानी कम / Dehydration का ख़तरा अधिक रहता हैं।
  3. केवल ठंडा पानी पिने की जगह शरीर में सोडियम, पोटैशियम और क्लोरीन जैसे इलेक्ट्रोलाइट की कमी को पूरा करने के लिए निम्बू पानी, छांछ, मठ्ठा, नारियल पानी लेना चाहिए।
  4. लगातार गर्मी में काम करने की जगह हर एक घंटे से 10 मिनिट का ब्रेक लेना चाहिए।
  5. शरीर में पानी की कमी न हो इसलिए आप तरबूज, ककड़ी / खीरा, आम जैसे अधिक पानी वाले पौष्टिक आहार ले सकते हैं।
  6. धुप से घर आकर तुरंत ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए।
  • आहार / Diet : गर्मी में अधिक तीखा, मसालेदार और भारी आहार नहीं लेना चाहिए। गर्मी के दिनों में हमारी पाचन शक्ति कमजोर रहती है और शरीर को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता भी नहीं रहती है इसलिए आवश्यकता से अधिक और भारी आहार नहीं लेना चाहिए। भोजन में हरी सब्जियां  मौसमी फल का समावेश करे।
  • कपडे / Clothes : गर्मी के दिनों में जींस जैसे भारी कपडे पहनने की जगह सूती, ढीले और कॉटन के कपडे पहने।
  • धुप / Sunlight : गर्मी से बचने के लिए टोपी पहने और सफर करते समय गर्म हवा से बचने के लिए कान पर कपडा बाँध कर रखे। तेज धुप से त्वचा को बचाने के लिए सनस्क्रीन लगाए और सनग्लासेस का उपयोग करे।
  • गाड़ी / Car : जब आपकी गाड़ी उपयोग में नहीं है तब उसे लॉक कर रखे। खुली कार-गाड़ी में बच्चे खेलते हुए फंस जाने का ख़तरा रहता हैं। कभी भी बंद कार में किसी को अकेला छोड़ कर न जाये। धुप में कार के अंदर का तापमान केवल 10 मिनिट में ही 20 डिग्री F से बढ़ जाता हैं।
  • तनाव / Stress : गर्मी के दिनों में अधिक शारीरिक और मानसिक तनाव देने वाले कार्य करने से बचना चाहिए।
  • दवा / Medicine : कुछ दवा लेने से लु लगने का ख़तरा अधिक रहता हैं जैसे की रक्त धमनी को संकीर्ण करनेवाली दवा, एंटी डिप्रेसेंट, लैक्सेटिव, दर्द नाशक दवा इत्यादि। आपको गर्मी के दिनों में किसी दवा से परेशानी होती है तो इसकी जानकारी अपने डॉक्टर को अवश्य देना चाहिए।
  • रोग / Disease : अगर आपको ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और थाइरोइड जैसी बीमारी है तो आपने इन दिनों में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। कोई भी तकलीफ जैसे की चक्कर आना, घबराहट होना, सिरदर्द या कमजोरी जैसे लक्षण नजर आने पर उसे हलके में न लेकर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
  • योग / Yoga : शरीर के साथ अपने मन को ठंडक और शांति प्रदान करने के लिए आप निचे दिए हुए योग और प्राणायाम कर सकते हैं। दिए हुए योग संबंधी अधिक जानकारी पढ़ने के लिए उसे योग के नाम पर click करे।
  1. शितली प्राणायाम 
  2. शीतकारी प्राणायाम 
  3. चन्द्रभेदि प्राणायाम
  4. वज्रासन
  5. वासन 
  6. चक्रासन 
  7. सिंहासन 
इस तरह आप थोड़ी सी सावधानी बरत कर अपने आपको और अपने परिवार को लु / Sunstroke से आसानी से बचा सकते हैं।
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