Gout का कारण, लक्षण और ईलाज | Gout in Hindi

Gout causes symptoms treatment diet in Hindi

Gout जिसे हम सामान्य भाषा में ‘गठिया’ या ‘गठिया वात’ या “वातरक्त” नाम से भी जानते है, शरीर में Uric acid की मात्रा सामान्य से अधिक बढ़ जाने के कारण होता हैं। Uric acid यह एक प्रकार का विषैला तत्व है जो की शरीर में Purines से तैयार होता हैं।

ऐसे तो किडनी यूरिक ऐसिड जैसे विषैले तत्व को मूत्र के साथ शरीर से बाहर निकाल देता हैं। किसी कारणवश किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाने के कारण रक्त में Uric acid का प्रमाण बढ़ जाता है और यह विषैला तत्व छोटे-छोटे स्फटिक के रूप में जोड़ो में जमा होकर दर्द, सूजन और जकड़न जैसे लक्षण उत्पन्न करता हैं।

Gout का कारण, लक्षण और ईलाज की पूरी जानकारी सरल हिन्दी भाषा में नीचे दी गई :

गठिया (Gout) क्या है और यह क्यों होता है ? (Gout in Hindi)

हमारे शरीर के अंदर के सभी अनावश्यक और ज़हरीले वस्तु को शरीर स्वेद, मल या मूत्र के रूप में शरीर से बाहर निकाल देता है। किसी कारण वश अगर किडनी ठीक से कार्य नहीं करती है तो यूरिक एसिड जैसे तत्त्व शरीर में जमा हो जाते है और यह विषैला तत्व छोटे-छोटे स्फटिक के रूप में शरीर के जोड़ो में जमा होकर दर्द, सूजन और जकड़न जैसे लक्षण उत्पन्न करता हैं और इस स्तिथि को Gout कहा जाता है।

गठिया रोग का लक्षण क्या हैं ? (Symptoms of Gout in Hindi)

Gout के लक्षण नीचे दिये हुए है :
1. गठिया रोग में  जोड़ो में Uric acid के जमा हो जाने के कारण सूजन, दर्द और जकड़न जैसे लक्षण नजर आते हैं। 
2. रोग के अधिक बढ़ जाने पर चलने-फिरने में परेशानी होती हैं। 
3. जोड़ो को सिर्फ छूने पर भी अत्यधिक पीड़ा होती हैं। 
4. पीड़ित जोड़ की त्वचा लाल रंग की दिखने लगती हैं। 
5. कभी-कभी जोड़ो को आकर भी विकृत हो जाता हैं। 
6. यह रोग ज्यादातर पैर के अंगूठे में अधिक पाया जाता हैं। इसके अलावा घुटनो, उंगलियो, नितम्बो, घुटनो, मेरुदंड के जोड़ो, कोहनी तथा कलाईयों के जोड़ो में भी इसका असर हो सकता हैं। 

गठिया रोग में क्या जाँच की जाती है ? (Gout test in Hindi)

Gout रोग का निदान करने के लिए निम्नलिखित जाँच की जाती है :
1. Serum Uric Acid Test : यह एक प्रकार की खून जाँच है जिस्म हमारे खून के अंदर यूरिक एसिड के मात्रा की जाँच कि जाती है। यह जाँच किसी भी समय कर सकते है और इसमें लगभग 200 से 400 रुपए का खर्चा आता है।
a) पुरुषों में रक्त जांच में Uric acid की मात्रा 7.2 mg/dl से अधिक आने पर Gout का निदान किया जाता हैं। 
b) महिलाओ में रक्त जांच में Uric acid की मात्रा 6.1 mg/dl से अधिक आने पर Gout का निदान किया जाता हैं।  
2. अन्य जाँच : इसके अलावा जोड़ो के पानी की जांच और मूत्र जांच में अधिक मात्रा में Uric acid के पाए जाने पर Gout या गठिया रोग का निदान किया जाता हैं।

गठिया रोग होने का ख़तरा किसे अधिक होता है ?

1. महिलाओ की तुलना में यह रोग पुरुषों में अधिक पाया जाता हैं। 
2. शरीर में Uric acid बढ़ने के कारण जैसे की मोटापा, ज्यादा शराब पीना, अत्यधिक Purine युक्त पदार्थ जैसे की मांसाहार, Aspirin और ज्यादा पेशाब होने के लिए इस्तेमाल की जानेवाली दवा (diuretics) और अनुवांशिकता इत्यादि कारणों से Gout होने का ख़तरा अधिक रहता है। 
3. महिलाओ में रजोनिवृत्ति के बाद Gout या गठिया रोग होने का खतरा अधिक रहता हैं। 
4. किसी बड़ी बिमारी या Operation के बाद भी Gout होने का खतरा रहता हैं। 

गठिया रोग का ईलाज कैसे किया जाता हैं ? (Gout treatment in Hindi)

Gout रोग का ईलाज निम्नलिखित तरीके से किया जाता हैं :
1. दर्दनाशक दवा : Gout का ईलाज करने के लिए डॉक्टर रोगी की जांच कर दर्द और सुजन कम करने के लिए स्टेरॉयड और दर्दनाशक दवा देते हैं जैसे की Aceclofenac, Diclofenac, Indomethacin, Naproxen, Serratiopeptidase, Methyl Prednisolone इत्यादि।
2. यूरिक एसिड कम करने की दवा : इसके साथ रक्त में Uric acid की मात्रा को सामान्य करने के लिए विशेष दवा दी जाती हैं जैसे की Febuxostat, Allopurinol इत्यादि। 
3. आराम : पीड़ित जोड़ को आराम देने की सलाह दी जाती हैं। 
4. सेक : अत्याधिक दर्द और सुजन होने पर पीड़ित जोड़ो पर बर्फ से सेकने से लाभ होता हैं। 
5. ऑपरेशन : अत्याधिक पीड़ा और सुजन होने पर Uric acid के crystals / स्फटिक निकालने के लिए operation किया जा सकता हैं। 
6. अन्य : पीड़ित व्यक्ति को वजन नियंत्रण, व्यायाम और आहार में परिवर्तन करने की सलाह दी जाती हैं। 

गठिया रोग में कैसा आहार लेना चाहिए ? (Uric Acid food in Hindi)

food to eat and avoid in Gout and High Uric Acid

Gout रोग में रक्त में Uric acid की मात्रा अधिक बढ़ने (Hyperuricemia) के कारण Uric acid को नियंत्रण करने वाला आहार लेना चाहिए। इसकी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :
1. Potassium : अधिक Potassium युक्त आहार लेना चाहिए जैसे की केला, दही, रतालू, मक्का, बाजरा, दलिया, जव, सूखे आडू इत्यादि। 
2. Complex Protein : अधिक Complex Protein युक्त आहार लेना चाहिए जैसे की जामुन, अजवाइन, अजमोदा, गोभी इत्यादि। 
3. Low Purine : ऐसा आहार लेना चाहिए जिसमे Purine की मात्रा कम हो जैसे की अंडा, पनीर, चावल, मकई, साबुत गेहू की ब्रेड, सिरका इत्यादि। 
4. Vitamin C : अधिक Bromelain और Vitamin C युक्त आहार लेना चाहिए जैसे की अलसी, अननस, निम्बू, लाल गोभी, जैतून का तेल इत्यादि। 
5. Avoid High Purine : ज्यादा Purine युक्त आहार नहीं लेना चाहिए जैसे की खमीर, झींगा, सूअर का मांस, प्रसंस्कृत मांस, फूलगोभी, पालक, मटर, मशरूम, शीतपेय, गोश्त इत्यादि।

क्या Uric acid हमारे शरीर के लिए जरूरी नहीं हैं ?

हमारे शरीर के लिए एक सीमित मात्रा मे Uric acid जरूरी होता हैं। यह निर्धारित मात्रा मे नुकसानदेह और गैर जरूरी नहीं होता हैं। पुरुष मे इसकी निर्धारित मात्रा 3.4 से 7.2 mg/dl है और महिलाओं मे 2.4 से 6.1 mg/dl हैं। इस निर्धारित मात्रा से अधिक Uric acid होने पर Hyperuricemia या Gout का निदान किया जाता हैं।

शरीर में Uric Acid कैसे बनता हैं ?

शरीर के मृत कोशिका Purine छोड़ती हैं। Purine के टूटने से यूरिक एसिड बनता है, जो रक्त में घुल जाता है और किडनी के जरिए बाहर निकलता है। किडनी की शरीर से कचरा बाहर निकालने की क्षमता से ज्यादा यूरिक एसिड शरीर में हो तो रक्त में इसकी मात्रा बढ़ जाती है।

गठिया रोग के घरेलू उपाय क्या हैं ? (Gout home remedies in Hindi)

1. पानी : दिन में 10 से 12 गिलास पानी पीएं, जो शरीर से विषाणु तत्वों के साथ यूरिक एसिड निकला देगा। सुबह नींबू के रस वाले एक गिलास गुनगुना पानी पीने से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर संतुलित बना रहता है।
2. टमाटर : टमाटर, खीरा, फूलगोभी, आलू और मक्का का सेवन करें। यूरिक एसिड का स्तर घटाने में टमाटर सबसे ज्यादा प्रभावी है।
3. Alkaline : अल्केलिन (क्षार) की प्रचुर मात्र वाले अनाज जैसे ज्वार और बाजरा का सेवन करें।
4. केला : केला यूरिन एसिड का स्तर घटाता है। यूरिक एसिड के बढ़ने से जोड़ों में दर्द या जलन हो रही है तो तीन-चार दिन केवल 8 से 9 केले खाएं।
5. फाइबर : साबुत अनाज, फल-सब्जी, नट्स और सीइस जैसे खाद्य पदार्थों में फाइबर प्रचुर मात्रा में है। फायबर रक्त से यूरिक एसिड सोख लेते है और किडनी के जरिए शरीर से इनकी निकासी आसान बनाते हैं।
6. Vitamin C : आंवला, अमरुद, किवी, नारंगी, नींबू, टमाटर, हरी पत्तीवाली सब्जियों में प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी है जो यूरीन एसिड का विघटन (तोड़ना) करता है और यूरिन से बाहर निकल देता है।
7. जूस : 300 ग्राम गाजर ज्यूस में 100-100 ग्राम चुकंदर और खीर का ज्यूस मिलाकर पीएं।
8. विनेगर : 8 औंस पानी में तीन चाय चम्मच विनेगर मिलाकर दिन में 2-3 बार पीएं ।
9. बेकिंग सोडा : सोडियम बायकार्बोनेट या बेकिंग सोडा दिन में तीन-चार बार पानी में मिलाकर पीएं। यह एल्डालाइन का स्तर संतुलित करता है। 60 से ज्यादा उम्र के लोग और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित यह घोल नहीं लें।
10. Citric acid : नींबू में सायट्रिक एसिड है, जो यूरिक एसिड को साल्वेंट (शोधन) करता है। मेलिस एसिड है। भोजन के एप्पल में बाद एक एप्पल खाने से यूरिक एसिड का स्तर संतुलित रहता है।

पूरी जानकारी पढ़े Uric acid बढ़ने पर कैसा diet लेना चाहिए 

अधिक जानकारी के लिए आप आहार विशेषज्ञ की सलाह भी ले सकते हैं। Gout एक बेहद पीड़ादायी रोग हैं। इसके लक्षण नजर आते ही डॉक्टर से जांच कराना चाहिए।

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5 thoughts on “Gout का कारण, लक्षण और ईलाज | Gout in Hindi”

  1. yh lekh to bhut hi labh kari hai.Mai kuchh dino se (left)side leg me dard ho rha hai.bhut logo se mshwera lia to trh trh ki rai mila aakhir mai ne uric acid ki janch krwaya janch ki report normalnikla yaani lavel 4۰1mg nikla abhi mai alpatic midicins use kr rha hu.dard subh ke samay so kr uthne ke bad jamin pr khra nhi ho skt itni dard hoti hai.koi pramerash de.

  2. मुझे जांच में यूरिक एसिड 7.1 निकला है, सीधे पैैैर में यूरिक एसिड के लक्ष्‍ण पाए गए, दवा खाया,अब ठीक है, कभी कभी दर्द का अहसास होता है। यूरिक एसिड 7.1 ि‍निकलने के बाद भी डाक्‍टर साहब का कहना है ि‍कि दवा चलेगा। कृपया मार्गदर्शन करें। मेरा ईमेल एड्रेस इस प्रकार हैै- gyasmohd468@gmail.com

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