टीबी रोग से जुड़े 21 सवालों के जवाब | TB FAQ’s in Hindi

TB IN HINDI

Tuberculosis, जिसे हम सभी टीबी (TB) नाम से जानते है एक जानलेवा संक्रामक बीमारी हैं। भारत में हर वर्ष लाखों लोग इसके शिकार होते हैं। दुनिया में लगभग सबसे अधिक TB के रोगी भारत में पाए जाते हैं। हर वर्ष 24 मार्च को World TB Day के रूप में मनाया जाता हैं। TB रोग के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने के लिए हम यह विशेष लेख लिख रहे हैं।

ईस लेख मे आप को यह जानकारी मिलेंगी hide
1) TB रोग से जुड़े आपके सवालों के जवाब

TB रोग के कारण, लक्षण और उपचार से जुडी सारी जानकारी हम इस ब्लॉग पर पहले ही प्रकशित कर चुके हैं। आज के इस विशेष लेख में हम TB रोग से जुड़े कुछ ऐसे सवालों का जवाब दे रहे है जो लगभग हर TB के रोगी के मन में होते हैं।

TB से जुड़े 21 महत्वपूर्ण सवाल-जवाब की जानकारी निचे दी गयी हैं :

TB रोग से जुड़े आपके सवालों के जवाब

मेरे घर में किसी भी व्यक्ति को TB नहीं है फिर मुझे TB कैसे हो सकता हैं ?

TB यह कोई घरेलु रोग नहीं बल्कि संक्रामक बीमारी हैं। आपके घर में किसी को TB नहीं है पर आप जहा काम करते है, जिस रस्ते, बस या रेल से सफर करते है या फिर बाजार से गुजरते है उस जगह पर अगर कोई TB का रोगी जोर से छींकता है या खांसता है तो हवा में TB के M. Tuberculi Bacteria फ़ैल जाता है। यह बैक्टीरिया अगर आपके संपर्क में आ गया और अगर आपकी रोग प्रतिकार शक्ति कमजोर है तो आपको TB हो सकता हैं।

पढ़े – कैसे बढ़ाये अपनी रोग प्रतिकार शक्ति ?

क्या TB रोग बिलकुल ठीक हो सकता हैं ?

आजकल TB के इलाज के लिए बेहतर असरदार दवाए उपलब्ध है। अगर रोगी नियमित समय पर दवा का पूरा कोर्स लेता है तो TB से पूरी तरह से ठीक हो सकता हैं।

क्या हमें अपने घर में या ऑफिस में TB के रोगी से पूरी दुरी बनाये रखनी चाहिए ?

हमें TB के रोगी से दुरी बनाने की जरुरत नहीं हैं। केवल इस बात का ध्यान रखे की TB का रोगी अपनी दवा समय पर लेता रहे और खांसते और छींकते समय अपने मुंह को रुमाल से ढक कर रखे। अगर रोगी के थूक जांच (Sputum for AFB) मे टीबी के जन्तु दिखाई देते है तो रोगी को हमेशा मास्क पहनना चाहिए और भीड़भाड़ वाली जगह पर नहीं जाना चाहिए।

क्या TB के रोगी को कोई विशेष आहार की जरुरत होती हैं ?

TB के रोगी को किसी विशेष आहार की जरुरत नहीं होती हैं। TB का रोगी सामान्य समतोल आहार ले सकता हैं। केवल इतना ध्यान रखे की उन्हें पर्याप्त मात्रा में आहार से प्रोटीन की खुराक मिलती रहे। आहार में अधिक तलाहुआ और तीखा आहार नहीं देना चाहिए। रोजाना एक मौसमी फल खाए।

पढ़े – प्रोटीन युक्त आहार की जानकारी

क्या TB का इलाज बिलकुल मुफ्त हैं ?

भारत सरकार द्वारा TB की दवाईया मुफ्त में दी जाती हैं। अगर आप सरकारी दवाखाने से DOTS कार्यक्रम के अंतर्गत TB का इलाज कराते है तो आपका ईलाज मुफ्त में होता हैं। सरकार द्वारा रोगी को हर सप्ताह 500 रुपए भी दिए जाते हैं। अगर आप TB का ईलाज प्राइवेट हॉस्पिटल में करते है तो आपका ईलाज का खर्चा खुद करना पड़ता हैं।

पढ़े – TB के रोगी ने कैसा आहार लेना चाहिए ?

क्या TB का रोगी धूम्रपान या शराब का सेवन कर सकते हैं ?

जी नहीं ! TB के रोगी को धूम्रपान, शराब, तम्बाखू आदि से दूर रहना चाहिए। नशा करने से रोग प्रतिरोधक शक्ति कमजोर होती है और रोगी के फेफड़े भी कमजोर हो जाते हैं।

क्या एक TB बार हो जाने पर दुबारा TB नहीं होता हैं ?

अगर आपको TB हुआ है और अपने इसका पूरा ईलाज कराया है तो इसका मतलब यह नहीं है की आपको अब दुबारा TB कभी नहीं होंगा। अगर आप दुबारा TB के जीवाणु के संपर्क में आते है और अगर आपकी रोग प्रतिकार शक्ति कम है तो आपको TB फिर से हो सकता हैं।

क्या TB रोग एक अनुवांशिक बीमारी हैं ?

एक घर में साथ कई लोगों को TB होते हुए देखा जाता है और इसलिए कई लोग यह सोचते है की TB  एक अनुवांशिक रोग हैं। अगर किसी व्यक्ति को TB है और वह घर में इसके जीवाणु गलती से फैला देता है तो इस वजह से घर में एक से अधिक व्यक्ति को TB  हो सकता हैं। TB अनुवांशिक रोग नहीं हैं।

क्या गर्भवती महिला और स्तनपान कराने वाली माताए TB होने पर इसकी दवा ले सकती हैं ?

ऐसे तो TB की कई दवाए गर्भावस्था में और स्तनपान में सुरक्षित है पर फिर भी आपको इसकी जानकारी अपने डॉक्टर को देना चाहिए ताकि डॉक्टर आपको केवल सुरक्षित दवा ही लिखकर दे।

क्या TB का रोगी स्कूल और ऑफिस में जा सकता हैं ?

TB का रोगी स्कूल और ऑफिस में जा सकता हैं। TB के रोगी को केवल इस बात का ख्याल रखना है की खांसते या छिकते हुए अपना मुंह और नाक रुमाल से ढककर रखे और इधर उधर न थूके।

एक TB का रोगी दवा शुरू करने के बाद कितने दिनों तक संक्रामक रहता हैं ?

TB की दवा शुरू करने के बाद 2 से 4 हफ़्तों बाद TB का रोगी संक्रामक नही रहता है और उसके थूक या छींक में जीवाणु नही रहते हैं। आप रोगी के सुबह के पहले थूक की जांच कर इसकी पृष्टि कर सकते हैं।

TB के रोगी के थूक को कैसे ठिकाना लगाना चाहिए ?

शुरुआत में रोगी का थूक बेहद संक्रामक रहता है इसलिए रोगी ने इधर उधर थूकने की जगह एक बंद डिबिया में इसे जमा करना चाहिए। बादमे इसमें पानी मिलाकर 15 मिनिट तक इसे उबाले ताकि सारे जीवाणु नष्ट हो जाये और बाद में इसे नाली में बहा देना चाहिए।

क्या घर में किसी एक व्यक्ति को TB होने पर घर के सभी सदस्यों की जांच करना जरुरी हैं ?

जी नही ! केवल उसी सदस्य की जांच करे जो बीमार है या जिसे 10 दिन से ज्यादा की सुखी खांसी हैं।

कैसे पता करे की किसी व्यक्ति को TB हैं ?

अगर किसी व्यक्ति यह लक्षण नजर आते है जसी की 10 से ज्यादा दिन की खांसी, शाम को आनेवाला हल्का बुखार, भूक कम लगना, वजन कम होना, कमजोरी, सरदर्द, लसिका ग्रंथि में सुजन आदि तो ऐसे व्यक्ति की डॉक्टर के पास जाकर जांच कराना चाहिए।

TB  की दवा कितने समय तक लेना होता हैं ?

TB की दवा आपको कितने समय तक लेना होगा यह इस बार पर निर्भर करता है आपको कहा TB हुआ है। सामान्यतः TB के रोगी को 6 से 8 महीने तक दवा लेना होता हैं। अगर आपको MDR-TB हुआ है तो आपको 2 साल तक TB की दवा लेना पड़ सकता हैं।

TB की दवा के क्या दुष्परिणाम हैं ?

ज्यादातर लोगों के TB की दवा के कोई विशेष दुष्परिणाम नहीं होते हैं। कुछ लोगों में TB की दवा लेने के बाद जी मचलाना, उलटी, भूक न लगना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करे। डॉक्टर आपके लिवर की जांच करते है और जरुरत पड़ने पर दवा में बदलाव करते हैं।

TB होने का खतरा किसे होता हैं ?

ऐसे तो TB किसी भी व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकता हैं पर जिन लोगों की रोग प्रतिकार शक्ति कम होती हैं उन्हें TB होने का खतरा अधिक होता हैं।

TB की दवा लेने के बाद पेशाब का रंग बदल गया हैं। क्या इसमें कोई परेशानी हैं ?

TB के लिए Rifampicin नाम की दवा दी जाती है जिसे लेने से पेशाब का रंग और आँखों से निकलने वाले पानी का रंग भी नारंगी या लाल हो सकता हैं। यह सामान्य है और इसमें घबराने की कोई बात नहीं हैं।

क्या मुझे TB न होते हुए भी मेरी TB की जांच Positive आ सकती हैं ?

TB के लिए जो Skin test की जाती है या जो Blood test की जाती है उससे यह पता चलता है की आपके शरीर में TB के बैक्टेरिया का संक्रमण हुआ है या नहीं। कई लोगों को लम्बे समय तक TB के बैक्टेरिया का संक्रमण तो हो जाता है पर उनकी रोग प्रतिकार शक्ति मजबूत होने के कारण उन्हें TB नहीं होता है। ऐसे मरीजों को Latent TB Infection कहा जाता हैं। ऐसे लोगो को न तो TB रोग हुआ होता है न ऐसे लोग किसी को TB का संक्रमण  फैला सकते हैं। TB का निदान करने के लिए अन्य जांच भी की जाती है जैसे 3 बार थूंक की जांच, X-Ray आदि।

MDR-TB क्या है और यह क्यों होता हैं ?

MDR-TB का मतलब हैं Multi Drug Resistance Tuberculosis यानि TB का एक ऐसा प्रकार जिसमे TB के बैक्टेरिया TB के इलाज के लिए इस्तेमाल किये जानेवाले दो दवा (Isoniazid and Rifampicin) के प्रति असंवेदनशील हो गया हैं। MDR-TB होने के कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं :

  1. रोगी ने दवा का अधूरा कोर्स लेना
  2. दवा दिए हुए डोज़ से कम मात्रा में लेना
  3. निम्न स्तर की दवा लेना
  4. दवा गलत मात्रा और कम समय के लिए लेना

MDR-TB में रोगी को अधिक दवा अधिक समय तक लेना पड़ता हैं और ऐसे मरीज बड़ी मुश्किल से ठीक होते हैं।

MDR-TB से बचने के लिए क्या करे ?

MDR-TB से बचने के लिए TB का निदान होने पर डॉक्टर की सलाह से दिए हुए समय पर दी हुई मात्रा में दवा लेना चाहिए। एक दिन भी अपनी दवा लेना नहीं भूलना चाहिए। दवा खत्म होने के एक दिन पहले ही अपने डॉक्टर से जांच कराना चाहिए। जब डॉक्टर कहे तब ही अपनी दवा लेना बंद करना चाहिए।

पढ़े – TB रोग के कारण, लक्षण और उपचार

भारत सरकार ने फैसला किया है की अगले 4 वर्ष में 2022 तक भारत से TB रोग का नाम मिटा देना है। यह अहले सरकार का काम नहीं और हम सभी का भी दायित्व हैं। आप सभी से मेरी विनती है की अपने जान पहचान के लोगों के साथ इस जानलेवा बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाये और इस लेख को अधिक से अधिक लोगों के साथ शेयर अवश्य करे।

अगर यह TB रोग से जुडी जानकारी उपयोगी लगती है तो कृपया इसे शेयर जरूर करे !

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