Breast Cancer का कारण, लक्षण और निदान

Breast Cancer ka symptoms in Hindi

स्तन का कर्करोग / Breast Cancer यह महिलाओं में पाए जानेवाला वाला सबसे आम  कैंसर में से एक है। महिलाओं के साथ कुछ पुरुषों में भी स्तन का कर्करोग हो सकता है। विष्वभर भर में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता फ़ैलाने का प्रयास अनेक सरकारी और गैर सरकारी संस्था द्वारा किया जाता है। अगर समय पर इस कैंसर को पहचान कर योग्य उपचार किया जाये तो इसे आसानी से रोक जा सकता हैं।

आज हम इस लेख में  स्तन कैंसर के कारण, लक्षण और निदान संबंधी जानकारी दे रहे हैं। अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

स्तन कर्करोग के कारण (Breast Cancer causes in Hindi)

स्तन कैंसर का कोई पुख्ता कारण अभी तक पता नहीं चला हैं। यह आज नहीं पता है की कुछ महिलाओं में यह क्यों होता है तो क्यों कुछ में क्यों नहीं होता हैं। फिर भी, ऐसे कुछ कारण पता चले है जिनसे ब्रैस्ट कैंसर होने की संभावना अधिक हो जाती हैं। इन कारणों की जानकारी निचे दी गयी हैं :
  • आयु / Age : स्तन का कर्करोग अधिक आयु के महिलाओं में ज्यादा पाया जाता हैं। लगभग 80 % स्तन का कर्करोग 45 वर्ष से अधिक आयु के महिलाओं में पाया जाता हैं।
  • अनुवांशिकता / Hereditary : जिन महिलाओं के निकट के रिश्ते में किसी व्यक्ति को स्तन का कर्करोग होता है उन महिलाओं को यह कर्करोग होने की संभावना अधिक रहती हैं।
  • गाँठ / Lump : जिन महिलाओं को पहले स्तन में साधारण गाठ या सुजन हो चुकी है उन महिलाओं को आगे जाकर ब्रैस्ट कैंसर होने की कुछ संभावना रहती हैं।
  • मोटापा / Obesity : रजोनिवृत्ति / Menopause के बाद अगर महिला का वजन सामान्य से अधिक रहता है या BMI 26 से अधिक रहता है तो उनमे कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती हैं।
  • व्यसन / Habit : जो महिलाए धुम्रपान, तम्बाखू या शराब का सेवन करती है ऐसी महिलाओं को स्तन कर्करोग होने का खतरा अधिक रहता हैं।
  • हॉर्मोन गोली / HRT : जो महिलाए लम्बे समय तक एस्ट्रोजन-प्रोजेस्टेरोन जैसे हॉर्मोन की गोली लेती है उनमे ब्रैस्ट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता हैं।
  • लम्बाई / Height : एक अध्ययन में यह पता चला है की जिन महिलाओं की लम्बाई सामान्य से ज्यादा होती है उनमे स्तन के कर्करोग की संभावना अधिक होती हैं। इसका कोई विशेष कारण पता नहीं चला हैं।
  • विकिरण / Radiation : किसी कारण अधिक C T SCAN या XRAY करने की वजह से भी रेडिएशन के अधिक सम्पर्क में आने से भी ब्रैस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती हैं।

ऊपर दिए हुए कारणों के अलावा भी ब्रैस्ट कंस के कुछ कारण है पर यहाँ पर विशेष कारणों की चर्चा ही की गयी हैं।

स्तन के कर्करोग के लक्षण (Breast Cancer Symptoms in Hindi)

स्तन के कर्करोग के विशेष लक्षणों की जानकारी निचे दी गयी हैं :

  1. स्तन में गाँठ
  2. स्तन में बगल में दर्द होना जिसका मासिक से कोई संबंध नहीं हैं
  3. स्तन के त्वचा का रंग बदलना / लाल होना
  4. निप्पल के ऊपर या आसपास लाल चकत्ते पड़ना
  5. बगल में सुजन आना
  6. स्तन का एक हिस्सा कड़क होना
  7. निप्पल से द्रव या रक्त निकलना
  8. निप्पल का आकार बदलना या अन्दर जाना
  9. स्तन का आकार या रूप बदलना
  10. स्तन की त्वचा की छाल / परत निकलना

ऊपर दिए हुए लक्षणों में से कोई भी लक्षण नजर आने पर तुरंत अपने नजदीकी स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाकर अपनी जांच करानी चाहिए।

स्तन के कर्करोग का निदान कैसे किया जाता हैं ? (Breast Cancer Diagnosis in Hindi)

स्तन के कर्करोग के लक्षण नजर आने पर अक्सर महिलाए घबराकर अपने स्त्री रोग डॉक्टर के पास जाकर अपनी जांच कराती हैं। स्तन के कर्करोग का पता लगाने के लिए फिर डॉक्टर निचे दिए हुए जांच कराते हैं :

  1. शारीरिक जांच : डॉक्टर रोगी को विविध सवाल पूछ कर रोगी की सारी परेशानी समझने के बाद स्तन परिक्षण करते हैं। इसमें रोगी को बैठकर या खड़े रखकर दोनों हाथों को बाजु में और ऊपर रखकर दोनों स्तन की जांच की जाती हैं।
  2. मेम्मोग्राम : रोगी के स्तन की जांच करने के पश्च्यात Mammogram जांच की जाती हैं। इसमें रोगी के स्तन का X Ray निकालकर सुजन या गांठ किस प्रकार की है यह पता लगाया जाता हैं। आजकल 2D और 3D Mammogram भी किया जाता है जिससे अधिक सटीक निर्णय प्राप्त होते हैं।
  3. सोनोग्राफी : स्तन के गाँठ या सुजन में मास है या कोई द्रव भरा है यह पता लगाने के लिए स्तन का अल्ट्रासाउंड या सोनोग्राफी की जाती हैं।
  4. बीओप्सी : कर्करोग की आशंका होने पर स्तन के गाँठ का छोटा से टुकड़ा निकालकर (Biopsy) उसका परिक्षण किया जाता हैं। गाँठ सामान्य है या कैंसर है और अगर कैंसर है तो किस प्रकार का है यह पता लगाया जाता हैं।
  5. स्तन MRI : इस परिक्षण में एक डाई का इंजेक्शन रोगी को देकर MRI परिक्षण किया जाता हैं। कैंसर कहा तक और कितना फैला है यह पता लगाया जाता हैं।
इस तरह डॉक्टर विविध परिक्षण कर स्तन के कर्करोग का पता लगाते है और उसके प्रकार और तीव्रता अनुसार क्या उपचार किया जाना चाहिए यह तय करते हैं। स्तन के कर्करोग से व्यक्ति को बचाने के लिए बेहद जरुरी है की रोगी का निदान जल्दी हो और उपचार भी जल्द शुरू हो सके।
स्तन के कर्करोग का उपचार और इस भयानक बीमारी से बचने के विविध उपाय जानने के लिए यहाँ क्लिक करे – ब्रैस्ट कैंसर का उपचार और बचने के उपाय


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