सफ़ेद दाग का सफल ईलाज – Melanocyte Transplantation (संपूर्ण जानकारी)

सफेद दाग यानी कुष्ठरोग या जिसे अंग्रेजी में Vitiligo (विटिलिगो) या Leucoderma (ल्युकोडाेर्मा) कहा जाता है, यह एक सामाजिक अभिशाप की तरह है, ना केवल भारत में बल्कि विदेशों मे भी इस बीमारी का असर मरीज़ पर तो होता ही है पर पूरे परिवार वाले इस बीमारी से प्रभावित होते है। Melanocyte Transplantation इसका बेहतर उपचार हैं । 

यह रोग बच्चो से ले कर बड़ो तक किसी भी उम्र में हो सकता है। कुछ लोगो मे यह अनुवांशिक भी होता है।आधुनिक विज्ञान ने हर क्षेत्र में काफी प्रगति की हैं, उसमे से ही एक क्षेत्र है वैद्यकशास्त्र। पहले सफेद दाग के लिए आधुनिक चिकित्सा पद्धति की कुछ मर्यादाएं थी, लम्बे समय तक इलाज करना होता था तथा success rate भी काफी कम था। लेकिन मेडिकल साइंस में हुए प्रगति के कारण कई जटिल बीमारियों का इलाज अब आसान हो गया है। उसमें से ही एक बीमारी है Vitiligo। सफ़ेद दाग के कुछ प्रकार हम सर्जरी याने की शल्य चिकित्सा से ठीक कर सकते है, जैसे कि स्किन या सेलुलर ग्राफ्ट्स की मदत से। आसान तरीके से अगर कहा जाए तो इस उपचार पद्धति में सफेद दागों की त्वचा की ऊपरी सतह निकाली जाती है एवं उस जगह शरीर के अन्य स्थान से स्वस्थ पिगमेंट सेल्स (मेलनोसाइट्स) को लेकर transplant याने प्रत्यारोपण किया जाता है।  

Melanocyte Transplantation क्या है और यह कैसे किया जाता है इसकी सारी जानकारी निचे दी गयी हैं :

सफ़ेद दाग का सफल ईलाज – Melanocyte Transplantation

Melanocyte Transplantation in Hindi

Melanocyte Transplantation क्या होता हैं ?

Melanocyte Transplantation को Non-cultured Melanocyte-Keratinocyte Transplantation Procedure (MKTP) भी कहा जाता है। मेलनोसाईट ट्रांसप्लांट स्थाई सफेद दाग के लिए वरदान है। Leucoderma या Vitiligo के मरीजों के लिए यह अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा पद्धति की देन है। विटिलिगो के अलावा मेलनोसाईट ट्रांसप्लांट से झाइयाँ, loss of pigmentation, post burn marks (विवर्णता), लेज़र टैटू रिमूवल के बाद रहनेवाले scars, चोट के बाद के सफेद दाग आदि का भी इलाज होता है।

  • मेलनोसाईट ट्रांसप्लांटेशन के लिए मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती होने की आवश्यकता नही होती।
  • यह simple day care क्रिया है, जो करीब 1 से 3 घण्टों में हो जाती है।
  • छोटे दाग से लेकर बड़े दाग तक भी इस चिकित्सा पद्धति से इलाज हो सकता है।
  • इसकी सफलता का दर पूर्व चिकित्सा पद्धति जैसे स्किन ग्राफ्टिंग एवम पंच ग्राफ्टिंग से काफी बेहतर है।
  • जिन जगहों पर यह ग्राफ्ट्स आसानी से नही जाते जैसे bony area, areola, genitals, knuckles आदि पर भी इस चिकित्सा पद्धति के अच्छे परिणाम है।
Melanocyte किसे कहते हैं ? What is Melanocyte ?
 

मेलनोसाईट यह एक प्रकार का पेशियों का समूह होता है, जो मेलेनिन तैयार करता है, जो त्वचा को कलर देता है। सफेद दाग में मेलनोसाईट सेल्स नष्ट हो जाते है। मेलनोसाईट ट्रांसप्लांट में शरीर के सामान्य भाग से मेलनोसाईट कोशिकाओं को निकालकर सफ़ेद दाग पर प्रत्यारोपण किया जाता है।

क्या सर्जरी का 1 सेशन त्वचा का एकसमान रंग लाने के लिए काफी होता है ? 

कुछ मरीजों को एक बार के सेशन में फायदा नहीं होता है। करीब 30% मरीजों को दुबारा शल्यचिकित्सा करवाने की जरूरत पड़ सकती है।

मेलनोसाईट ट्रांसप्लांटेशन के लिए कौन से मरीज उपयुक्त होते है ? 

क्लीनिकली स्टेबल पेशेंट – जो मरीज चिकित्सीय दृष्टि से स्थिर होते हैं। मतलब जिनका श्वेत कुष्ठ कम से कम 1 से 2 वर्ष पुराना हो एवं 6 महीने में कोई नया सफेद दाग न आया हो, वह मरीज मेलनोसाईट ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त माने गए हैं।

इसके अलावा विटिलिगो के मरीजों में नीचे दिए हुए मापदंड ( criteria ) सही साबित होने चाहिए, जैसे कि

  1. सफेद दागों का आकार स्थिर होना चाहिए।
  2. जन्मजात सफेद दाग जो कि स्थाहि है।
  3. अगर त्वचा पर कोई जख्म होता है तो जख्म भरने के पश्चात नई आनेवाली स्किन भी त्वचा के समान रंगोवाली हो।
  4. Hypomelamocytic naevus

इन सब मुद्दों के अलावा मरीज का चयन डॉक्टर द्वारा की गई जांच एवम मूल्यांकन पर निर्भर करता है। जो मरीज मेडिकल थेरेपी को रिस्पांस नही कर रहे हैं, उनमे इसके अच्छे परिणाम मिलते है।

मेलनोसाईट ट्रांसप्लांट के फायदे Benefits of Melanocyte Transplantation

  • इस चिकित्सा पद्धति में scar याने निशान कम से कम रहता है। त्वचा काफी हद तक सामान्य त्वचा जैसी दिखती है।
  • रिजल्ट याने Repigmentation 3 हफ्ते से लेकर 4 से 6 महीने मे दिखता है।
  • इस सर्जरी का success rate करीब 90% है।
  • बड़े पैच के लिए सामान्य त्वचा का काफी कम भाग लगता है। जैसे, 100 cm2 पैच के लिए 10 cm2 तक का भाग काफी होता है।
  • जिनका विटिलिगो स्टेबल है, वह इस चिकित्सा पद्धति को जल्दी response देते है।
  • इस चिकित्सा पद्धति के कोई विशेष साइड इफ़ेक्ट नही है।
  • ऑपेरशन के बाद काफी कम देखभाल की जरुरत होती है।

मेलनोसाईट ट्रांसप्लांट के दुष्परिणाम Side effects of Melanocyte Transplantation

  • सर्जिकल ट्रीटमेंट होने की वजह से एवम बहोत कम दवाई का उपयोग होने से जैसे ( एंटीबायोटिक, माइल्ड पैन किलर्स )आमतौर पर कोई दुष्परिणाम नही होते है।
  • स्कार / निशान की संभावना 2 से 5 प्रतिशत लोगों में होती है।
  • पैच के बॉर्डर पर कई बार Hypo pigmented ring दिखती है, जो वक्त के साथ चली जाती है।

 

मेलनोसाईट ट्रांसप्लांट की मर्यादाएं Limitations of Melanocyte Transplantation

यह पद्धति उन लोगों में नही कर सकते जिनका दाग बढ़ रहा है या शरीर पर अन्य जगह नया दाग आ रहा है। 

तो यह थी मेलनोसाईट ट्रांसप्लांट की जानकारी सरल हिंदी भाषा मे। आशा करते है, इससे आपको काफी मद्त मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए इसमें निष्णात डॉक्टर जैसे कॉस्मेटोलॉजिस्ट या प्लास्टिक सर्जन से सम्पर्क करें। 


यह जानकारी हमें गुजरात के प्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन एवम कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ कविता अग्रवाल जी द्वारा प्राप्त हुई हैं। निरोगिकाया टीम और सभी पाठकों की ओर से उन्हें बहोत धन्यवाद और शुभकामनाये !

अगर यह सफ़ेद दाग के सफल ईलाज Melanocyte Transplantation की जानकारी आपको उपयोगी लगती है तो कृपया इसे शेयर कर जरुरत मंद लोगों तक पहुंचाने में हमारी सहायता करे !

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