कब्ज के कारण और लक्षण | Constipation in Hindi

constipation causes in hindi

कब्ज (Constipation meaning in Hindi) यह एक ऐसी समस्या है जिसका अबतक लगभग ज्यादा तर लोगो ने अपने जीवन में कभी न कभी अनुभव जरुर किया हैं। आधुनिक जीवनशैली और खानपान के कारण कब्ज एक आम समस्या बन गयी हैं। कब्ज की समस्या अब बच्चों और युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही हैं। कब्ज होने के कारण शारीरिक तकलीफ तो होती ही हैं पर साथ मे mind भी disturb हो जाता हैं। Motion से emotion जुड़ा होता है और अगर motion ठीक से न हो तो सारा दिन गड़बड़ा जाता हैं।

कब्ज का मतलब होता है बिलकुल मल त्याग न होना या मल त्याग करने में कठिनाई होना। कब्ज के कारण मलत्याग करने के लिए जोर लगाना पड़ता है, पेट पूरी तरह से खाली न होने का एहसास रहता हैं, पेटदर्द, पेट फूलना और जी मचलाना जैसी समस्या भी हो सकती हैं। अगर लंबे समय तक कब्ज का ईलाज न किया जाए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

कब्ज के कारण संबंधी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

कब्ज के कारण क्या हैं ? (Constipation causes in Hindi)

कब्ज होने के विविध कारणों की जानकारी निचे दी गयी हैं :

A. निष्क्रियता (Sedentary lifestyle) 
1. आधुनिक जीवनशैली में लोगो पहले से ज्यादा आलसी और निष्क्रिय हो गए हैं।
2. छोटा से छोटा काम भी बैठे-बैठे हो जाने के कारण आंत की पर्याप्त हलचल न होने से आहार आंत में एक जगह पड़ा रहने से कब्ज की समस्या हो सकती हैं।

B. आहार (Diet)
1. आहार में पर्याप्त मात्रा में fiber युक्त पदार्थ न लेने से कब्ज हो सकता हैं।
2. अधिक मात्रा में पोषण रहित junk foods का सेवन करने से कब्ज का प्रमाण बढ़ जाता हैं।
3. हरी सब्जी और फलों की तुलना में पिज्जा-बर्गर जैसे आहार को पाचन करने में अधिक समय लगता है और ऐसा आहार आंत में पड़े रहने के कारण कब्ज और acidity हो जाती हैं।
ऐसा आहार लेने से कब्ज अधिक होता हैं जिसमे चर्बी और शक्कर की मात्रा अधिक हैं पर Fiber की मात्रा कम हैं।
4. अपने भूक से काफी कम आहार लेना और आहार को ठीक से चबाकर न खाने से कब्ज हो सकता हैं।

C. पानी (Water) 
1. पर्याप्त मात्रा में पानी न पिने से कब्ज हो जाता हैं।
2. आहार का पाचन / digestion ठीक से होने के लिए दिनभर में 8 से 10 ग्लास पानी अवश्य पीना चाहिए।
3. खाने के तुरंत बाद अधिक पानी नहीं पीना चाहिए। इससे पाचन कमजोर हो जाता हैं।
4. खाने के समय थोडा-थोडा पानी पीना चाहिए और आहार लेने के 1 घंटे बाद अधिक पानी पि सकते हैं।

D. रोग (Disease): ऐसे कई रोग हैं जिसमे हमारी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है और कब्ज हो सकता हैं। जैसे की :
1. Hypothyroidism – इसमें थाइरोइड हॉर्मोन की कमी के कारण metabolism धीमा रहने से आंतो की गति धीमी रहती हैं।
2. Irritable Bowel Syndrome
3. Colon Cancer
4. Parkinson’s Disease
5. Multiple Sclerosis
6. Depression – मानसिक तनाव और depression के कारण शरीर कम सक्रीय रहता हैं और खान-पान में अनियमितता रहती है जिस कारण कब्ज हो जाता हैं।
7. Intestinal Obstruction
8. Gall stones
9. Abdominal Hernia
10. Diabetes – मधुमेह के मरीजों में अक्सर हाजमा खराब रहता हैं। अनियंत्रित blood sugar level के कारण आंतो की हलचल (Bowel moments) धीमी हो जाती हैं, जिससे कब्ज होने का खतरा रहता हैं।

E. गर्भावस्था (Pregnancy): गर्भावस्था में शरीर में Progesterone हॉर्मोन के कारण आंतो की हलचल धीमी हो जाती हैं। गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण भी आंतो पर दबाव बढ़ने से कब्ज हो जाता हैं।

G. दवा (Medicine) 
कुछ दवा का अधिक उपयोग करने पर कब्ज हो सकता हैं।
1. ऐसी दवा जिसमे Calcium carbonate और Aluminium hydroxide हैं, Narcotic दवा, तनाव कम करने की दवा या खून बढाने की Iron युक्त दवा लेने से कब्ज हो सकता हैं।
2. पेट साफ़ करने के लिए विरेचक (Laxatives) का अत्याधिक उपयोग करने पर इनकी आदत पड़ जाती है और बिना दवा पेट साफ़ नहीं होता हैं।

H. Caffeine और Alcohol: Caffeine और Alcohol लेने से मूत्र (Urine) अधिक मात्रा में होता है जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है और कब्ज हो सकता हैं।

I. वेग धारण  
1. मल त्याग करने का वेग आने पर अगर आप उसे टालते हैं और किसी काम में busy रहते है तो काम करने के पश्च्यात हो सकता है की आपको कब्ज हो जाए।
2. आयुर्वेद में मल त्याग के वेग को अधारनीय वेग कहा गया है और इसे धारण करने पर शरीर पर विपरीत परिणाम हो सकते हैं।

J. व्यसन (Habits): धुम्रपान, तंबाकू और नशीली दवाओं के इस्तेमाल करने से कब्ज हो सकता हैं। अधिक मात्रा में शीत पेय (Cold Drinks) और शराब (Alcohol) लेने से कब्ज हो सकता हैं।

कब्ज का ईलाज न करने पर क्या होता हैं ?

कब्ज की समस्या अधिक समय तक रहने पर डॉक्टर के पास जाकर उसका तुरंत ईलाज करना जरुरी हैं। समय पर ईलाज न करने पर कब्ज के कारण बवासीर (Piles), भगंदर (Fistula), गुद भाग में सुजन (Anorectal Abscess), अल्सर, Fissure और रक्तस्त्राव (Bleeding) जैसे गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

कब्ज की ज्यादा तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

कब्ज के उपचार और कब्ज से बचाव के उपाय जानने के लिए यह पढ़े – कब्ज का उपचार और बचने के उपाय

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References:

  1. National Institute of Health: https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/constipation/symptoms-causes
  2. American Academy of Physician: https://www.aafp.org/pubs/afp/issues/2011/0801/p299.html
  3. Canadian Association of Gastroenterology: https://www.cag-acg.org/images/publications/CONSTIPATION_Enhanced_Primary_Care_Pathway_July_2016.pdf

8 thoughts on “कब्ज के कारण और लक्षण | Constipation in Hindi”

  1. meri mummy 45 Yr.ko constipation ki sikayat hai.fiber yukt powder ke sath looz syrup ki M.D.dr ki salah se le rhi hai mager ab wobhi nakaam hote dikh rha hai.ab kuch gale me gutakne me bhi paresani ho rhi hai or khaasi bhi aa rhi hai.kahi ye cancer to nhi hai.plz uchit salah dijiye

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