अवसाद (Depression) का कारण, लक्षण और उपचार

आधुनिक युग की भागदौड़ और तनाव वाली जिंदगी के कारण लोगों में depression का प्रमाण बढ़ता जा रहा हैं। इसी बढ़ते तनाव और डिप्रेशन के कारण कई युवा वर्ग के लोग आत्महत्या तक कर रहे हैं। अवसाद / डिप्रेशन के इस बढ़ते खतरे को ध्यान में रखकर विश्व स्वास्थ्य संघटन ने सभी देशों को इस पर विशेष उपाय करने की सलाह दी है।

डिप्रेशन किसे कहते है, इसके लक्षण क्या है और इससे राहत पाने के लिए क्या करना चाहिए इसकी जानकारी इस लेख में निचे दी गयी हैं :

अवसाद / Depression का कारण, लक्षण और उपचार
(Causes, Symptoms and Treatment of Depression in Hindi)

Depression causes, symptoms and treatment in Hindi

डिप्रेशन किसे कहते हैं ? (Depression in Hindi)

हम सभी के जीवन में कभी न कभी कोई न कोई तनाव जरूर आता है और इसका असर भी हम पर कुछ समय के लिए होता हैं। ज्यादातर लोग समय के साथ इस तनाव से ऊपर उभर आते है और फिर से अपने दैनंदिन जिंदगी में व्यस्त हो जाते हैं। कुछ लोग ऐसे तनाव को कम नहीं कर पाते और लगातार तनाव में रहने से वे अवसाद / डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं।

मेडिकल भाषा में डिप्रेशन की यह व्याख्या इस तरह की गयी हैं – ” डिप्रेशन एक ऐसी मानसिक अवस्था या स्थायी मानसिक रोग हैं जिसमे रोगी को उदासी, अकेलापन, निराशा, आत्मसम्मान की कमी के साथ समाज से दुरी बनाये रखना, भूक न लगना और नींद न आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ”

डिप्रेशन के लक्षण क्या हैं ? (Symptoms of Depression in Hindi)

डिप्रेशन कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं :

  1. चिड़चिड़ापन, उतावलापन
  2. एकाग्रता की कमी
  3. भूक बिलकुल न लगना या बेहद ज्यादा खाना
  4. कमजोरी
  5. बेवजह रोना / उदास रहना
  6. खुद को किसी काम के लायक न समझना
  7. अपनेआप से बड़बड़ाना
  8. अकेलापन / सबसे दुरी बनाये रखना
  9. किसी काम में मन न लगना
  10. आत्महत्या का ख्याल आना

 

डिप्रेशन के क्या कारण हैं ? (Causes of Depression in Hindi)

ऐसे तो डिप्रेशन के कई कारण हैं पर यहाँ पर हम डिप्रेशन के कुछ मुख्य कारणों की चर्चा कर रहे हैं।
  • काम का दबाव / Workload : आजकल लोगों में एक दूसरे से आगे जाने की होड़ सी मची है। इस कारण कामकाजी लोगो में पहले से बेहद तनाव रहता हैं। इसके साथ अगर काम का बोझ बढ़ जाने से लोग हमेशा तनाव में रहते हैं। लाखों रूपए महीने की सैलरी होने के बाद भी चैन की नींद भी नसीब नहीं होती हैं। ऐसे लोग अक्सर आगे जाकर डिप्रेशन के शिकार बन जाते हैं।
  • हार / Loss : आजकल युवा लोगो में संयम और सहनशक्ति की कमी पायी जाती हैं। हर किसी पर अपने परिवार या मित्रों का दबाव रहता है और इस कारण पढाई में, परीक्षा में, किसी खेल में या व्यापार में होनेवाली हार या नुकसान को वह सहन नहीं कर पाते और डिप्रेशन का शिकार बन जाते हैं। कई छात्र सालभर मेहनत करते है और थोड़े से अंक कम आने के कारण अपने लक्ष्य से पिछड़ जाते हैं। खास कर ऐसे छात्र में पारिवारिक दबाव के कारण डिप्रेशन अधिक देखा जाता हैं।
  • प्यार / Love : प्यार में विफलता डिप्रेशन की एक बड़ी वजह मानी जाती हैं। आजकल के बच्चों में कम आयु में ही इसका असर देखा जाता हैं। बच्चे छोटे उम्र में ही आकर्षण के कारण प्यार के शिकार होते है और विफलता मिलने पर डिप्रेशन में चले जाते हैं।
  • बीमारी / Disease : कई बार एड्स, कैंसर, पैरालिसिस, TB, अस्थमा जैसे रोग जिसमे लंबे समय तक रोगियों को इलाज कराना पड़ता है, ऐसे बीमारी से पीड़ित रोगी डिप्रेशन में चले जाते हैं। खास कर बूढ़े लोग जो एक तो बीमारी से पीड़ित होते है और जिनका परिवार बुढ़ापे में उनकी ठीक से सेवा नहीं करते है उनमे इसका ज्यादा प्रमाण देखा जाता हैं।

 

अवसाद / डिप्रेशन का उपचार और बचने के उपाय क्या हैं ? (Treatment and preventive measure of Depression in Hindi)

डिप्रेशन हर किसी को हो सकता हैं। बच्चो से लेकर बुढो तक यह किसे भी अपना शिकार बना सकता हैं। अगर आपको अपने आप में या अपने परिचित किसी भी व्यक्ति में डिप्रेशन के लक्षण नजर आते है और अगर यह समस्या गंभीर बनती नजर आती है तो आपको चुप नहीं बैठना चाहिए। आपको इसका मनोचिकित्सक से मिलकर डिप्रेशन का उपचार करवाना चाहिए। दवा की सहायता से डिप्रेशन को काबू में रखा जा सकता है और रोगी की स्तिथि में सुधार लाया जा सकता हैं।
दवा के अलावा आप डिप्रेशन को दूर भगाने के लिए निचे दिए हुए प्रभावी उपाय को अपना सकते हैं :
  • व्यस्त रहे / Busy : कहते है खाली मन शैतान का घर रहता है और इसलिए आपको अकेले और उदास बैठने की जगह खुद को किसी ऐसे काम में व्यस्त रखना चाहिए जिसमे आपका मन लगता हैं। आप चाहे तो गिटार बजा सकते हैं, पेंटिंग कर सकते हैं, घर काम में मदद कर सकते हैं, गाना गा सकते हैं, कुछ लिख सकते हैं। ऐसा काम करे जिस में आप व्यस्त रहे और नकारात्मक विचार / Negative thoughts आपसे दूर रहे।
  • नींद / Sleep : आपको रात में कम से कम 6 घण्टे की नींद अवश्य लेना चाहिए। नींद नहीं आती है तो डॉक्टर से दवा ले और फिर डॉक्टर की सलाह से धीरे-धीरे दवा की मात्रा कम कर सोने की आदत डाले। रोजाना एक तय समय पर सोना चाहिए। अगर आपको नींद नहीं आती है तो नींद आने के उपाय जानने के लिए यह लेख पढ़े – नींद आने के उपाय
  • व्यायाम / Exercise : व्यायाम करने से आपको शारीरिक और मानसिक दोनों फायदे होते हैं। रोजाना कम से कम 1 घन्टा कोई न कोई व्यायाम अवश्य करे। व्यायाम करने के लिए आपको जिम लगाना जरुरी नहीं। आप तेज चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, तैरना, एरोबिक व्यायाम जैसा कोई भी व्यायाम करे। व्यायाम करने से शरीर में तनाव बढ़ाने वाले कोर्टिसोल हॉर्मोन में कमी आती हैं।
  • गाना सुने / Music : अगर आप तनाव में है तो आपका पसंदीदा कोई गाना सुने। आप कोई मोटिवेशनल गाना या यू ट्यूब पर मोटिवेशनल विडियो भी देख सकते हैं। ऐसा करने से आपके अंदर की नकारात्मकता कम होंगी।
  • बागबानी / Gardening : अगर आपको बागबानी का शौक है तो बागबानी करे। एक अध्ययन में पता चला ही की हरे भरे पेड़पौधों के पास समय गुजारने से हमारे शरीर के अंदर के negative hormones में कमी आती हैं।
  • संपर्क / Contact : आपको केवल लोगो से फेसबुक या व्हाट्सएप्प पर संपर्क नहीं रखना हैं, आपको अपने मित्र परिवार से मिलते रहना चाहिए। खासकर अपने पॉजिटिव सोच वाले मित्रों से अवश्य मिले। लोगो से संपर्क बनाये रखना यह सबसे अच्छी डिप्रेशन की दवा हैं।
  • बच्चों का ख्याल / Parenting : आपको अपने बच्चों पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालना चाहिए। हर बच्चे की अपनी क्षमता और अपना हूनर होता हैं। आपको बच्चों को अपने अपेक्षा के दबाव में नहीं दबने देना चाहिए। बच्चों को हमेशा पॉजिटिव रहना सिखाये और हार को सहना सिखाये। किसी एक परीक्षा में कम नंबर आने से कोई दुनिया खत्म नहीं होती हैं। बच्चे के हुनर को पहचाने और उसके पसंदीदा विषय में उसे बढ़ावा देना चाहिए। बच्चों में डिप्रेशन के लक्षण नजर आने पर तुरंत उनसे मित्र की तरह चर्चा कर डिप्रेशन के कारण को ढूंढे और उसका उपाय करे।
  • आयुर्वेद / Ayurveda : डिप्रेशन के लिए आप आयुर्वेदिक डॉक्टर से मिलकर हर्बल औषधि भी ले सकते हैं। अश्वगंधा, ब्राम्ही, हल्दी, गुडुची, जटामांसी, अर्जुन, वचा, शंखपुष्पी जैसी आयुर्वेदिक औषधि ब्रेन टॉनिक के रूप में कार्य कर आपके मानसिक स्वास्थ्य को बनाये रखने का काम करती हैं। इसके साथ ही नस्य और शिरोधारा जैसे पंचकर्म की सहायता से आप अपने मानसिक विकार को दूर कर सकते हैं।
  • योग / Yoga : योग करने से आपको शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के लाभ होते हैं। डिप्रेशन से छुटकारा पाने के लिए और अपने मन को काबू में रखने के लिए निचे दिए हुए योग करे। योग की सम्पूर्ण विधि और लाभ की जानकारी पढ़ने के लिए योग के नाम पर click करे :
  1. कपालभाति
  2. अनुलोम-विलोम प्राणायाम
  3. भ्रामरी प्राणायाम
  4. सर्वांगासन
  5. जानुशीर्षासन
  6. शवासन
  7. सेतुबंधासन
  8. भुजंगासन
  9. उष्ट्रासन
  10. शिवलिंग हस्त मुद्रा

डिप्रेशन यह एक ऐसा मानसिक विकार है जिसे समय पर न रोका गया तो इसका प्रतिकूल परिणाम न केवल आपके शरीर पर पड़ता है बल्कि आपके पुरे परिवार का सेहत यह बिगाड़ सकता हैं। इसलिए आप से निवेदन है की अगर आपको या आपके परिचित व्यक्ति में डिप्रेशन / अवसाद या तनाव के लक्षण है तो उनके साथ आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के दिन यह जानकारी share अवश्य करे। यह जानकारी share करने के लिए आप निचे दिए हुए social icon पर उपयोग कर सकते हैं।

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