Paleo Diet for Weight Loss: पैलियो डाइट क्या है, इसके फायदे और नुकसान

Paleo Diet weight loss benefits in Hindi

वजन कम (Weight loss) करने और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के उपाय और डाइट अपनाए जाते हैं। पैलियो डाइट या Paleo diet एक इसी तरह का उपाय है जिसके कैसे सकते फायदे हैं। आज के इस लेख में Paleo Diet के health benefits, side effects और सावधानी से जुडी उपयोगी जानकारी देने जा रहे हैं।

पैलियो डाइट क्या हैं ? (What is Paleo Diet in Hindi)

पैलियो डाइट या Paleo Diet का पूरा नाम हैं Paleolithic Diet यानि पूरापाषाण युग। हज़ारों साल पहले, पूरापाषाण काल के दौरान हमारे पूर्वज शिकार करके और इकट्ठा करके खाते थे। पुरापाषाण युग के लोग मुख्य रूप से शिकारी और भोजन इकट्ठा करने वाले थे। वे जंगली जानवरों का शिकार करते थे और फल, सब्जियां, और नट्स इकट्ठा करते थे।

आधुनिक पैलियो डाइट में फल, सब्जियां, बिना चर्बी वाला मांस, मछली, अंडे, मेवे (नट्स) और बीज शामिल हैं। ये वे खाद्य पदार्थ हैं जो प्राचीन काल में लोग शिकार करके और इकट्ठा करके खाते थे। इसमें उन खाद्य पदार्थों को शामिल नहीं किया जाता है जो लगभग 10,000 साल पहले छोटे पैमाने पर खेती शुरू होने के बाद आम हो गए थे। इन खाद्य पदार्थों में अनाज, दालें और डेयरी उत्पाद शामिल हैं।

पैलियो डाइट में क्या शामिल हैं ? (Paleo Diet food list in Hindi)

पैलियो डाइट में नीचे दिए हुए आहार शामिल होते हैं:

पैलियो डाइट में क्या खाना चाहिए – Paleo Diet foods to eat

  • ताज़ा फल,
  • सब्जियां,
  • लीन मीट (मुख्य रूप से घास खाने वाले जानवरों का),
  • मछली,
  • समुद्री भोजन,
  • अंडे,
  • नट्स,
  • बीज,
  • स्वस्थ तेल (जैसे जैतून या एवोकैडो तेल)

पैलियो डाइट में क्या नहीं खाना चाहिए – Paleo Diet foods not to eat

  • डेयरी उत्पाद,
  • अनाज (गेहूं, चावल, राई, आदि),
  • फलियां (बीन्स, मसूर की दाल),
  • प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ,
  • चीनी,
  • नमक,
  • वनस्पति तेल (जैसे सोयाबीन, मक्का का तेल)

पैलियो डाइट के फायदे क्या हैं ? (Paleo Diet benefits in Hindi)

पैलियो डाइट से होनेवाले फायदे इस प्रकार हैं:

  • वजन घटाने में मदद (Weight loss): यह आहार फाइबर में उच्च और प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट में कम होता है, जो वजन घटाने में सहायता कर सकता है।
  • ब्लड शुगर नियंत्रण (Diabetes control): रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की कमी ब्लड शुगर के स्तर को स्थिर करने में मदद कर सकती है, जो टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
  • हृदय स्वास्थ्य में सुधार (Heart): संतृप्त वसा (Triglycerides) और कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) सेवन को कम करने पर हृदय रोग के जोखिम को कम करने का प्रभाव हो सकता है।
  • सूजन को कम करना (Inflammation): यह डाइट प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से बचने पर ज़ोर देती है, इससे शरीर में सूजन कम हो सकती है।
  • प्रोटीन से भरपूर (Protein): यह डाइट प्रोटीन से भरपूर होती हैं। यह बॉडी बनाने और शरीर को मजबूत बनाने में उपयोगी हैं।
  • ओमेगा फैटी एसिड (Omega 3 Fatty acids): इस डाइट में ओमेगा एसिड और एंटी ऑक्सीडेंट्स अधिक होते है जो हार्ट, ब्रेन और आँखों के लिए उपयोगी होता हैं।

पैलियो डाइट के नुकसान क्या हैं ? (Paleo Diet side effects in Hindi)

पैलियो डाइट से होनेवाले संभावित नुकसान इस प्रकार हैं:

  • पोषक तत्वों की कमी (Nutrition): डेयरी और अनाज को हटाने से कैल्शियम, विटामिन डी और कुछ बी विटामिनों में कमी हो सकती है।
  • कब्ज (Constipation): शुरूआत में, डाइट में फाइबर की मात्रा ज़्यादा होने से कब्ज हो सकती है।
  • लागत (Expensive): पैलियो डाइट के लिए ताज़ा, उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री की आवश्यकता होती है, जो अधिक महंगी हो सकती है। सामान्य जनमानस के लिए यह मुश्किल हैं।

पैलियो डाइट में क्या सावधानी रखनी चाहिए ? (Paleo Diet precautions in Hindi)

पैलियो डाइट का पालन करना इतना आसान नहीं है इसलिए इसमें कुछ सावधानी रखना जरुरी होता हैं, जैसे की:

  • अपने डॉक्टर से बात करें (Consult your doctor): किसी भी नए आहार को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से बात करना महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से यदि आपको पहले से स्वास्थय की स्थिति है जैसे की डायबिटीज, ह्रदय रोग, अपचन आदि।
  • सप्लीमेंट्स पर विचार करें (Supplements): पैलियो डाइट से पूरी तरह से जरुरी विटामिन और मिनरल्स की जरुरत पूरी नहीं होती है और इसलिए आपको अपने डॉक्टर की सलाह से मल्टीविटामिन दवा का सप्लीमेंट लेना चाहिए।
  • अपनी सुनें: यदि आप पैलियो डाइट शुरू करने के बाद थकान, कमजोरी, एसिडिटी या अन्य किसी समस्या का अनुभव करते है तो इस डाइट को फॉलो करना बंद कर दे। अपने शरीर या स्वास्थ्य को तकलीफ हो ऐसा कोई डाइट का पालन न करे। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह ले।

पैलियो डाइट एक ऐसा खाने का तरीका है जो कुछ फायदे तो हैं पर लम्बे समय तक पालन करने पर इसके क्या प्रभाव है इसके बारे में अधिक जानने के लिए शोध की आवश्यकता है और इससे होनेवाले पोषक तत्वों की कमी को रोकना भी ज़रूरी है। यदि आप पैलियो डाइट का पालन करने पर विचार कर रहे हैं, तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से बात करना महत्वपूर्ण है।

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