Pap Smear in Hindi: पैप स्मीयर टेस्ट क्या हैं ? जानिए कब और कैसे कराए ?

pap smear test cervix cancer in Hindi

Pap Smear यह महिलाओ मे किया जाने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण जांच हैं । आधुनिक युग में महिलाओं की बदलती जीवनशैली और खानपान के तरीके के चलते महिलाओं में जानलेवा कैंसर रोग का प्रमाण बढ़ गया हैं। ब्रैस्ट (स्तन) कैंसर के बाद गर्भाशय का कैंसर महिलाओं में आम बन चूका हैं। गर्भाशय के कैंसर का निदान समय पर किये जाने पर इसका उपचार तुरंत शुरू किया जा सकता हैं और कैंसर को शरीर में फैलने से रोका जा सकता हैं। पहले यह कैंसर 40 वेश के आयु के बाद होते थे पर अब युवा आयु मे भी इनका प्रमाण बढ़ गया हैं । 

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गर्भाशय के कैंसर का निदान करने के लिए Pap Smear / पैप स्मीयर जांच की जाती हैं। Pap Smear जांच क्या है और यह कैसे की जाती है इसकी जानकारी निचे दी गयी हैं :

पैप स्मीयर जांच क्या हैं ? (Pap Smear Test in Hindi)

  1. पैप स्मीयर टेस्ट महिलाओं में होने वाले गर्भाशय के मुख के कैंसर के जांच के लिए कराया जाता है।
  2. इसमें गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) में आये बदलाव की जांच की जाती हैं जो कैंसर के शुरूआती संकेत हो सकता हैं।
  3. टेस्ट के लिए आशंकित हिस्से से कुछ कोशिकाएं लेकर कैंसर सेल की पहचान की जाती है।
  4. यह एक रूटीन टेस्ट है जिसे डॉक्टर 21 वर्ष से 65 वर्ष की उम्र तक की महिलाओं को हर 3 वर्ष में एक बार करवाने की सलाह देते हैं। महिलाओं को पहली बार सम्बन्ध बनाने के 3 वर्ष के भीतर या 21 वर्ष की उम्र तक अपना पहला Pap Smear करा लेना चाहिए। 
  5. अगर समय पर सर्विक्स कैंसर का पता चलता है तो इलाज आसानी से किया जा सकता है। 
  6. इस टेस्ट में दर्द नहीं होता हैं। इस टेस्ट को लेकर अधिकतर महिलाएं डरी रहती है।
  7. दर्द और कैंसर के फैलने की आशंका रहती है। इस जांच में ना तो दर्द होता है नहीं कैंसर के फैलने का खतरा रहता है।
  8. पांच से 10 मिनट में सैंपल ले लिया जाता है और 3 से 10 दिन में रिपोर्ट मिलती है।

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    गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के लक्षण क्या हैं ? (Cervix Cancer Symptoms in Hindi) 

    गर्भाशय में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस इन्फेक्शन के 5 से 8 साल बाद लक्षण दिखते है। इस कारण निचे दिए हुए लक्षण नजर आते हैं :

    1. गर्भाशय के नीचे लाल दाने उभर आते हैं
    2. यौन संबंध के दौरान दर्द के साथ रक्त / ब्लड आता है
    3. भूख में कमी
    4. एक पैर में सूजन
    5. वजन घटना
    6. कमर दर्द

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    पैप स्मीयर टेस्ट कब करना चाहिए?

    पहला पैप स्मीयर टेस्ट कब करे?

    • 21 साल की उम्र में: यदि आप यौन सक्रिय (sexually active) हैं, तो आपको 21 साल की उम्र में अपना पहला पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए।
    • 21 साल से कम उम्र में: यदि आप 21 साल से कम उम्र में यौन सक्रिय हैं, तो आपके डॉक्टर आपको 21 साल की उम्र से पहले टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं।
    • 21 साल से अधिक उम्र में: यदि आप 21 साल से अधिक उम्र की हैं और यौन सक्रिय नहीं हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए कि क्या आपको टेस्ट करवाना चाहिए।

    अनुवर्ती पैप स्मीयर टेस्ट कब करे? (Follow Up test)

    • नार्मल रिपोर्ट होने पर: यदि आपके टेस्ट की रिपोर्ट नार्मल हैं, तो आपको अपने डॉक्टर के साथ मिलकर यह तय करना चाहिए कि आपको कितनी बार टेस्ट करवाना चाहिए। आमतौर पर, यह हर 3 साल में एक बार होता है।
    • असामान्य रिपोर्ट होने पर: यदि आपके टेस्ट की रिपोर्ट असामान्य हैं, तो आपके डॉक्टर आपको अधिक बार टेस्ट करवाने या अन्य परीक्षण करवाने की सलाह दे सकते हैं।

      पैप स्मीयर सैंपल लेने के समय क्या सावधानी बरते ? (Pap Smear Test precaution in  Hindi)

      Pap Smear / पैप स्मीयर जांच कराते समय निचे दी हुई सावधानी बरते :

      1. माहवारी / पीरियड्स खत्म खत्म होने के 4 से 5 दिन बाद ही सैंपल दे।
      2. सैंपल देने के 48 घंटे पहले और 24 घंटे बाद ही संबंध बनाए।

      ज्यादातर कैंसर का निदान अगर वक्त रहते हो जाये तो उनका उपचार कर उन्हें फैलने से रोक जा सकता है और पीड़ित महिला के प्राण बचाये जा सकते हैं। अगर आपके परिचय या घर में ऐसी कोई महिला है जो यह जांच कराने के श्रेणी में है परंतु अभी तक यह जांच नहीं की है तो अपने डॉक्टर से मिलकर Pap Smear जांच अवश्य कराये।

      पैप स्मीयर टेस्ट पॉजिटिव का मतलब क्या होता है?

      पैप स्मीयर पॉजिटिव का मतलब है कि आपके सर्विक्स की कोशिकाओं में कुछ असामान्यताएं पाई गई हैं। यह जरूरी नहीं है कि कैंसर हो, लेकिन इसका मतलब है कि आपको अतिरिक्त जांच की आवश्यकता होगी। पैप स्मीयर टेस्ट में, आपके डॉक्टर योनि से कोशिकाओं का एक नमूना लेते हैं और उन्हें माइक्रोस्कोप के तहत जांचते हैं।

      असामान्य कोशिकाएं कई चीजों के कारण हो सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:

      • ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी): यह एक यौन संचारित रोग (एसटीआई) है जो सर्विक्स कैंसर का कारण बन सकता है। पढ़े – ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) की पूरी जानकरी
      • असामान्य कोशिकाएं जो कैंसर में विकसित हो सकती हैं: इन्हें एटिपिकल सेल्स (एएससीयूएस) या स्क्वामस इंट्राएपिटेलियल लेसियन (एसआईएल) कहा जाता है।
      • कैंसर: यह सर्विक्स की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि है।

      यदि आपका पैप स्मीयर पॉजिटिव है, तो आपका डॉक्टर आपको निम्नलिखित में से एक या अधिक परीक्षण करवाने की सलाह दे सकता है:

      • एचपीवी टेस्ट: यह परीक्षण यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि क्या आपको एचपीवी है।
      • कोल्पोस्कोपी: इस प्रक्रिया में, आपका डॉक्टर योनि और सर्विक्स को बारीकी से देखने के लिए एक विशेष उपकरण का उपयोग करते हैं।
      • बायोप्सी: इस प्रक्रिया में, सर्विक्स से ऊतक का एक छोटा सा नमूना हटा दिया जाता है और माइक्रोस्कोप से जांच की जाती है।

      पैप स्मीयर टेस्ट की कीमत कितनी हैं? (Pap Smear test in Hindi)

      पैप स्मीयर टेस्ट की कीमत यह लैब और शहर के हिसाब से अलग=अलग हो सकती है पर औसतन पैप स्मीयर टेस्ट की price 500 रूपए से 700 रूपए के बिच हैं।

      उपयोगी जानकारी – स्तन कैंसर का निदान मैमोग्राफी से कैसे करते है ?

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