बुख़ार उतारने की दवा और घरेलु उपाय | Fever treatment in Hindi

fever medicine home remedies in Hindi

बुख़ार (Fever) एक रोग नहीं बल्कि रोग का लक्षण (symptom) है। ऐसे कई रोग है जिस में बुख़ार आ सकता है। बुख़ार को जड़ से ख़त्म करने के लिए बुख़ार किस वजह से आ रहा है उस रोग का ईलाज होना ज़रूरी है।

आपको बुख़ार है या नहीं यह जानने के लिए आपको आपको थर्मामीटर से बुख़ार को मापना आना चाहिए। आप कांच के या डिजिटल थर्मामीटर द्वारा शरीर का तापमान माप सकते है। थर्मामीटर के इस्तेमाल करने की सही विधी आप डॉक्टर या नर्स से सिख सकते है।

ध्यान रहे, हमारे बगल का थर्मामीटर द्वारा लिया हुआ तापमान मुँह के तापमान से सामान्यत: 1°F कम रहता है।अगर बगल का थर्मामीटर द्वारा लिया हुआ तापमान 100°F  है तो इसका मतलब आपको 101°F बुख़ार है।

बुख़ार से कब घबराना चाहिए ?

  • बुख़ार के कारण अगर आपको घबराहट होती है तब ही उसका ईलाज करना चाहिए। सामान्यत: बुख़ार 101°F या 102°F के ऊपर होने के बाद ही हमें घबराहट होती है।
  • 6 महीने या उससे कम उम्र के शिशु में 101°F से ज्यादा का बुख़ार होने पर।
  • 101°F या 102°F के ऊपर के बुख़ार के साथ बहुत बहुत थकावट या कमजोरी होना। रोगी बहुत कमजोर या शक्तिहीन होने के साथ भावशून्य होना।
  • 101°F या 102°F के ऊपर के बुख़ार के साथ दिमागी बुख़ार / Meningitis के लक्षण दिखना जैसे की बेहद ज्यादा सरदर्द, त्वचा पर लाल चट्टे, प्रकाश सहन न होना, संभ्रम या गर्दन में जकड़न होना।
  • लगातार और शांत न होने वाला रोनेवाला शिशु।
  • 6 महीने से 3 साल तक के बच्चों में बुख़ार आने पर दौरा या फिट आ सकते है जिन्हें बुखारी दौरा (Febrile seizures) कहते है। इसमें क्षणिक बेहोशी आना, आँखे ऊपर फेर देना, हाथ पैर को झटके देना या बहुत कड़क हो जाना यह लक्षण दिखाई देते है। बच्चे के बड़े होने के साथ यह भी ठीक हो जाता है।

बुख़ार में कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

नीचे दिए हुए बुख़ार के मरीज में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए :

  • 3 महीने से कम उम्र के शिशु  होने पर
  • बुजुर्ग व्यक्ति
  • जिन मरीज़ की रोग प्रतिकार शक्ति बेहद कम है 
  • जिन्हें दीर्घकालिक बीमारी है 
  • 104°F से ज्यादा का बुख़ार  
  • 2 – 3 दिन से 102°F से ज्यादा का बुख़ार
  • बुख़ार के साथ लगातार उलटी होना-खास कर बच्चों में 
  • अगर बुख़ार का मरीज अजीब बर्ताव कर रहा हो, बेहद कमजोर हो या ऐसी कोई भी बात जो आपको अजीब लगे तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए।

बुख़ार उतारने की दवा कौन सी है? (Fever medicine in Hindi)

बुख़ार उतारने की दवा

  • ज्यादातर डॉक्टर बुख़ार उतारने के लिए Paracetamol (Acetaminophen) यह दवा लिखकर  देते है। बुख़ार उतारने में इस्तेमाल होनेवाली ज्यादातर दवा में Paracetamol, Nimesulide, Ibuprofen या Diclofenac का समावेश होता है। इन दवाओं का सही मात्रा में लेना बहुत आवश्यक है क्योंकि कम मात्रा में लेने से यह दवा अनुपयोगी हो जाती है और ज्यादा मात्रा में लेने पर इनका शरीर पर दुष्प्रभाव हो जाता है। इसीलिए बेहद आवश्यक है की आप ध्यानपूर्वक अपनी दवा ले।
  • दवा की मात्रा आपके शरीर के वजन के हिसाब से निर्धारित की जाती है। उदाहरण के तौर पर Paracetamaol के एक खुराक की मात्रा है 15 mg/kg/dose यानी 30 किलो के व्यक्ति के लिए इस दवा की एक खुराक की मात्रा 15 X 30 = 450mg  है।
  • बाजार में दवाओं के विभिन्न प्रकार के प्रमाण में कई प्रकार के औषधी उपलब्ध है। ज़रूरी नहीं है की एक बोतल की दवा की खुराक  किसी और बोतल की दवा की खुराक के समान ही हो। इसलिए दवा लेते वक्त यह ध्यान रखना ज़रूरी है की कौनसी दवा कितने प्रमाण में लेनी है जिससे शरीर में दवा की योग्य मात्रा पहुँच सके।
  • छोटे बच्चों में खास कर १२ साल से कम उम्र के बच्चों को Nimesulide या Asprin दवा न दे क्योंकि इन दवा से लिवर पर दुष्परिणाम होते है। हमेशा अपने डॉक्टर का परामर्श लेकर ही कोई भी दवा लेना चाहिए और दवा कितनी मात्रा में देना है यह जान लेना चाहिए।

बुख़ार उतारने के क्या घरेलू उपाय है? (Fever home remedies in Hindi)

  • पानी की पट्टी : 102°F बुख़ार होने पर सर पर नल के पानी में भिगोया हुआ कपड़ा या रूमाल रखे। कपड़ा सुख जाने पर दोबारा भिगोकर सर पर रखे। जब बुख़ार 100°F से कम हो जाए तो पट्टी रखना बंद कर देना है।
  • Sponging : १०२°F या उससे ज्यादा बुख़ार होने पर एक स्वच्छ कपडे को गुनगुने पानी में भिगो कर बदन को स्पंज करे या बदन पोंछ कर निकले। हर ५-१० मिनट पर शरीर का तापमान देखे और sponging करें। शरीर का तापमान १००°F होने तक करते रहे। Sponging करने के लिए कभी भी ठंडे पानी का प्रयोग न करे क्योंकि ठंडे पानी से शरीर की रक्त वाहिनी संकुचित हो जाती है जिस कारण गर्मी शरीर के बाहर नहीं जा सकती है और उल्टा शरीर का तापमान भी बढ़ जाता है।
  • आराम करे : बुख़ार होने पर जहां तक हो सके घर पर ही रुक कर आराम करे। बुख़ार के आने का मतलब आपका शरीर किसी संक्रमण से लड़ रहा है और आप बिलकुल नहीं चाहेंगे की आप के कारण यह संक्रमण बाहर किसी और तक फैले।
  • कंबल ओढ़े : शरीर को गर्म रखे। बुख़ार आने के पहले लगने वाली ठण्ड हमें यही संकेत देती है की हमें कम्बल लपेट कर शरीर को गर्म रखना चाहिए। अगर इच्छा हो तो कोई गर्म पेय या गर्म खाना खा लेना चाहिए। बच्चों को कम्बल ओढ़कर किताब पढ़ने दे या TV देखने दे।
  • ख़ाना ख़ाना न छोड़े : हर १°C तापमान के बढ़ने के साथ हमारे शरीर का चयापचय (metabolism) १०% से बढ़ जाता है और इस कारन हमें भूक भी अधिक लगाती है। ऐसे समय कुछ गर्म पेय या गर्म खाना खा लेना चाहिए। प्यास अधिक लगने पर स्वच्छ पानी पीना चाहिए।
  • हवादार जगह पर रहे : अगर आपका कमरा काफी गर्म या उबाऊ हो तो एक पंखा या टेबल फैन लगा लेना चाहिए।
  • शांत रहे : बुख़ार के समय हमेशा शांत रहे और आराम करे। यह नियम बीमार व्यक्ति और उसकी देखभाल करने वाले व्यक्ति दोनों पर लागू होती है।
  • प्रसन्न रहे : हमेशा प्रसन्न रहे और चिंतित न हो। यह ध्यान रखे की आपका शरीर काफी होशियार है और उसे पता है कब और क्या करना चाहिए।

उपयोगी जानकारी – टाइफाइड बुख़ार का कारण, लक्षण और ईलाज

बुख़ार आने पर आपको घबराना नहीं है। बुख़ार यह आपके शरीर के defence system का एक हिस्सा है जिस वजह से शरीर में संक्रमण फैलने वाले bacteria और virus शरीर को छोड़ने पार मजबूर हो जाते है। °F होने पर ही आपने बुख़ार की दवा लेकर उसे उतार देना स्वास्थ्य के हिसाब से इतना फ़ायदेमंद नहीं है।

यह पढ़ना आपके लिए ज़रूरी है – बुख़ार के क्या फ़ायदे है ?

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12 thoughts on “बुख़ार उतारने की दवा और घरेलु उपाय | Fever treatment in Hindi”

  1. mujhe apne bachpan se hi fever ke bahut problem rahi hai exam days mein ya thodi se tension lene per fever bahut baad jata hai or waise har month mein ek baar aisa jarur hot hai ke mujhe 102se 104 tak fever ho jate hai kabhi condition aise hote hai ke mein kud chal bhi nhi pate or last 3-4 sal mein har sal mujhe degu fir malaria 6 months ke gap mein ho raha hai kyoki ye blood test se confirm hai ke degu ya malaria hi hota hai hamare yaha mosquite bahut hi kaam hai or mein apne diet ka bhi pura dhyan rakte hu juice fruit milk sab lete hu fir bhi ye fever kabhi mera pechcha nhi chodta kuch suggestion karo

  2. Comment करने के लिए धन्यवाद.
    बिना किसी मरीज या व्यक्ति को जांच किये कोई सलाह देना उचित नहीं है.मलेरिया में अगर Radical Cure नहीं किया हो तब बिना मच्छर के काटे ही लीवर में छुपे मलेरिया के जंतु से बार बार मलेरिया हो सकता है.अगर आप की रोग प्रतिकार शक्ति कम हो तब भी आप को बार बार वायरल या बैक्टीरियल संसर्ग हो सकता है.
    रोग प्रतिकार शक्ति बढाने का लेख में जल्द ही प्रकाशित करने वाला हु.कृपया सभी लेख email द्वारा प्राप्त करने हेतु email subscribe कर ले.

  3. मेरे हाथो पेरों में बहुत ज्यादा पसीना आता है प्लीज कोई दवाई बताए

  4. दीपू , आपको किसी डॉक्टर को दिखाना चाहिए और अपनी जांच कराना चाहिए. रोज शाम को बुखार आना यह टाइफाइड, टी बी जैसे रोगों का लक्षण हो सकता हैं.

  5. मुझे प्रत्येक महीने 4 से 5 दिन तक बुखार रहता है । शरीर गर्म और सुस्त हो जाता है । उपाय बताये

  6. डेढ साल के वच्चे को वुखार मे दोरेआते हैं! अभी तक तीन वार आ चुके हैं। कृप्या कुछ इलाज वताऐ

  7. रोगी को बिना जांचे कोई सटीक उपचार बताना संभव नहीं. कृपया बच्चोके डॉक्टर को दिखाए. बच्चों में बुखार अधिक होने से दौरे आ सकते हैं.

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